मज़दूर-किसान एकता दिवस के रूप में मना मई दिवस, आयोजन पर दमन

मज़दूर विरोधी-किसान विरोधी कानून रद्द करो!

कोरोना पाबंदियों के बावजूद अंतर्राष्ट्रीय मज़दूर दिवस पर पूरे देश में धूम रही। सयुंक्त किसान मोर्चा व केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के सयुंक्त आह्वान पर “मजदूर किसान एकता दिवस” के तौर पर मई दिवस मनाया गया। पंजाब के नूरपुरबेदी में पुलिस विरोध के बीच आयोजन करने पर किसान नेताओं पर मुकदमे दर्ज होने की खबर है।

दिल्ली की सीमाओं पर

दिल्ली की सीमाओं पर किसान धरना स्थलों पर हज़ारो मज़दूरो ने पहुंचकर किसान आंदोलन व मांगो का समर्थन किया। मई दिवस के शहीदों को याद करते हुए मज़दूर विरोधी 4 श्रम संहिताओं, किसान विरोधी 3 कृषि कानूनों और जन विरोधी नीतियों का विरोध किया गया।

नेताओं ने कहा कि कोरोना की आड़ में केंद्र सरकार ने किसानों-मज़दूरों और आम नागरिकों पर सीधे हमले किये। जिस समय देश महामारी से गुजर रहा है उस समय महामारी से लड़ने के बजाय तीन खेती कानून व चार लेबर कोड जैसी कई महामारियां पैदा करने का काम सरकार ने किया है।

किसान नेताओ ने कहा कि किसान मज़दूर एकता से डरे हुए भाजपा और सहयोगी दलों के नेताओ में मजदूरो को किसानों के खिलाफ भड़काने की भी कोशिश की। कई तरीकों से मजदूरो को इस आंदोलन से दूर रखने की कोशिश की गई परंतु मजदूर भी उतने ही पीड़ित है, इसलिए वे भी किसानों के साथ पूरी भागीदारी निभा रहे है।

लेबर कोड व खेती कानूनो पर बोलते हुए नेताओ ने कहा कि आवश्यक वस्तु संशोधन अधिनियम मजदूरों की रोजी-रोटी पर सीधा व तीखा हमला है। निजी क्षेत्र के हाथों में मजदूरो का भविष्य चला जायेगा। वहीं मंडी कानून व ठेकेदारी कानून भी मजदूरो का शोषण बढ़ाएंगे और रोजगार के मौके घटायेंगे।

उत्तराखंड

रुद्रपुर। कोरोना-कर्फ्यू के बीच जिले में छोटे-छोटे विविध कार्यक्रम हुए। विभिन्न कंपनियों में यूनियनों द्वारा मई दिवस आयोजन के साथ मुख्य कार्यक्रम संघर्षरत वोल्टास और माइक्रोमैक्स के धरना स्थलों पर आयोजित हुए।

कार्यक्रमों में मजदूर विरोधी 4 लेबर कोड, किसान विरोधी 3 कृषि कानूनों को रद्द करने, वोल्टास और माइक्रोमैक्स के मज़दूरों की कार्यबहाली तथा निजीकरण की मुखालफत के साथ देश की चिकित्सा व्यवस्था के राष्ट्रीयकरण और सब को निशुल्क इलाज उपलब्ध कराने की भी माँग हुई।

वोल्टास कंपनी पंतनगर स्थित धरना स्थल पर सर्वप्रथम झंडारोहण हुआ और मई दिवस के शहीदों को याद किया गया। श्रमिक संयुक्त मोर्चा के अध्यक्ष दिनेश तिवारी ने मई दिवस का इतिहास बताते हुए कहा कि 8 घंटे काम के हक के संघर्ष का प्रतीक दिन मई दिवस है, आज 8 घंटे काम का हक छीन लिया गया है। श्रम कानूनी अधिकारों को खत्म किया जा रहा है, दमन और शोषण तेज हुआ है इसलिए आज मई दिवस की क्रांतिकारी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए अपने हक को फिर से हासिल करना जरूरी कार्य है।

इस दौरान श्रमिक संयुक्त मोर्चा अध्यक्ष दिनेश तिवारी, करोलिया लाइटिंग के हरेंद्र, भगवती माइक्रोमैक्स के दीपक सनवाल, एडीएन्ट कर्मकार यूनियन के गंगा सिंह, वोल्टास के मनोज ने बातें रखीं। संचालन दिनेश पंत ने की। साथ ही समर्थन में एडीएन्ट कर्मकार यूनियन के गंगा सिंह, प्रेम सिंह, मनोज व अतीक खान अनशन पर बैठे।

भगवती (माइक्रोमैक्स) पंतनगर स्थित धरना स्थल पर मई दिवस के अमर शहीदों को याद करते हुए संगठनों ने वोल्टास के विगत 18 माह से 9 श्रमिकों की गैरकानूनी गेट बंदी और विगत 29 माह से गैरकानूनी छटनी के खिलाफ और कोर्ट के आदेशों का पालन करने की मांग को लेकर धरनारत साथियों के साथ एकजुटता प्रदर्शित की।

कार्यक्रम में श्रमिक संयुक्त मोर्चा उधम सिंह नगर के अध्यक्ष दिनेश तिवारी, वोल्टास इम्पालाइज यूनियन के महामंत्री दिनेश पंत, करोलिया लाइटिंग के अध्यक्ष हरेंद्र, भगवती प्रोडक्ट से दीपक सनवाल, सूरज बोरा, दीपक पांडे, दीपक पंत, संत कुमार, धर्मपाल आदि शामिल रहे।

मजदूर सहयोग केंद्र के कार्यालय में अंतर्राष्ट्रीय मज़दूर दिवस झंडारोहण के साथ मनाया गया। आपदा को पूँजीपतियों के अवसर में बदलने की मोदी सरकार की कुनीतियों की मुखालफत हुई और कोविड-19 के बहाने पाबंदियों को थोपने और देश में कोरोना की जगह ध्वस्त हो चुकी स्वास्थ्य व्यवस्था के ढांचे के कारण हो रही मौतों के प्रति रोष प्रकट किया गया।

इस अवसर पर क्रांतिकारी गीतों की भी प्रस्तुति हुई। कार्यक्रम का लाइव प्रसारण भी हुआ।

इंक़लबी मज़दूर केंद्र के रुद्रपुर स्थित कार्यालय पर मजदूर दिवस के अवसर पर अमर शहीदों के बलिदान को याद करते साथी।

हरिद्वार। बीएमटीयू कार्यालय बीएचईएल में संयुक्त संघर्षशील ट्रेड यूनियन मोर्चा हरिद्वार (घटक इंकलाबी मजदूर केन्द्र, भेल मजदूर ट्रेड यूनियन, फूड्स श्रमिक यूनियन आईटीसी, देव भूमि श्रमिक संगठन एचयूएल, कर्मचारी संघ सत्यम आटो काम्पोनेन्टयूएम आटो काम्पोनेन्ट, एवरेस्ट इण्डस्ट्रीज मजदूर यूनियन लकेश्वरी भगवानपुर) द्वारा मजदूर सभा हुई।

अल्मोड़ा। उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में मई दिवस पर आयोजित संगोष्ठी में उपपा के केंद्रीय अध्यक्ष पी. सी. तिवारी ने कहा कि कोरोना महामारी ने केंद्र व राज्य सरकारों का श्रमिक विरोधी, जन विरोधी चेहरा बेनकाब कर दिया है। कोरोना काल में श्रमिक, कर्मचारियों, प्रवासियों की घोर उपेक्षा पर उपपा ने गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए केंद्र सरकार पर किसान, मज़दूरों के हितों से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया।

संगोष्ठी की अध्यक्षता श्रमिक नेता मुहम्मद वसीम व संचालन किरन आर्या ने किया। संगोष्ठी में उपपा की केंद्रीय सचिव श्रीमती आनंदी वर्मा, योगेश बिष्ट, गोपाल राम, राजू गिरी, धीरेन्द्र मोहन पंत, हीरा देवी, नीतू आर्या समेत तमाम लोग उपस्थित थे।

हरियाणा

गोहाना (सोनीपत)। जन संघर्ष मंच हरियाणा और समतमूलक महिला संगठन ने गोहाना के शहीद उधम सिंह ऑडिटोरीयम में 133वां अंतर्राष्ट्रीय मज़दूर दिवस मनाया।

मज़दूर विरोधी 4 श्रम संहिताओं व किसान विरोधी काले कृषि कानूनों को रद्द करने, कार्यदिवस 6 घंटे, न्यूनतम मज़दूरी 25,000 रुपए और स्वास्थ्य व शिक्षा क्षेत्र का राष्ट्रीयकरण करने, ठेका प्रथा समाप्त करने, सार्वजनिक क्षेत्र का निजीकरण रोकने, सभी श्रमिकों को स्थाई करने, जनविरोधी सीएए, यूएपीए, एनएसए रद्द करने और फर्जी आरोपों में क़ैद मारुति और अन्य मज़दूरों की तत्काल रिहाई की माँग की।

जींद।  किसान संगठनों, केंद्रीय मजदूर यूनियनों तथा सर्व कर्मचारी संघ ने संयुक्त रूप से खटकड़ टोल प्लाजा पर अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस मनाया।

जींद:खटकड टोल प्लाजा पर मनाया अंतराष्ट्रीय मजदूर दिवस

बिहार

ग्रामीण मजदूर यूनियन, बिहार घटक-मजदूर अधिकार संघर्ष अभियान (मासा) ने रोहतास जिला के सासाराम, करगहर और काराकाट (गोड़ारी) के विभिन्न गांवों और कार्यस्थलों पर सभा के साथ साथ गांवों में विभिन्न घरों, छतों और खम्भों पर मजदूरों के बलिदान और सौर्य का प्रतीक लाल झंडा लगाकर अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस मनाया।

इस अवसर पर मई दिवस की क्रांतिकारी परंपरा को और उसकी विरासत को आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ मजदूर विरोधी 4 लेवर कोड, जनविरोधी 3 कृषि कानूनों और निजीकरण का विरोध किया गया। कोविड-19 के बहाने पाबंदियों को थोपने और देश में कोरोना के साथ साथ लचर स्वास्थ्य व्यवस्था के कारण हो रही मौतों के प्रति रोष प्रकट करते हुए देश की चिकित्सा व्यवस्था के राष्ट्रीयकरण की मांग की गई।

पश्चिम बंगाल

पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों/हिस्सों में एसडब्लूसीसी कि ओर से मई दिवस मानते हुए-

बर्धवान। इफ्टू (सर्वहारा) की ओर से रानीगंज कोल्फ़ील्ड्स में यूनियन के तमाम कार्यालयों में झंडा उत्तोलन सम्पन्न किया गया।

पंजाब

लुधियाना। पंजाब में दमनाकारी लॉकडाउन के बाजजूद मज़दूर संगठनों ने लुधियाना में मज़दूर दिवस सम्मेलन का आयोजन किया। पुलिस ने कर्फ्यू के बहाने सम्मेलन को स्थगित करवाने की कोशिश की। संगठनों के अडिग रहने पर पुलिस ने सिर्फ आधे घंटे का समय दिया, लेकिन ढाई घंटे का कार्यक्रम हुआ।

सम्मेलन को टेक्सटाइल हौज़री कामगार यूनियन के अध्यक्ष राजविंदर, कारखाना मज़दूर यूनियन के अध्यक्ष लखविंदर, नौजवान भारत सभा के नेता नवजोत, मुक्ति संग्राम की ओर से जसमीत ने संबोधित किया। नौजवान भारत सभा और कारखाना मज़दूर यूनियन के साथियों ने क्रांतिकारी नाटक-गीत पेश किए। मंच संचालन जगदीश ने किया।

आयोजन जबरदस्त, किसान नेताओं पर मुकदमा

नूरपुरबेदी। मई दिवस पर मजदूर व मुलाजिम मजूदर किसान एकता की ओर से केंद्र सरकार द्वारा लगाए के तीन कृषि कानूनों के विरोध में शनिवार को गांव चैहड़माजरा में कांफ्रेंस आयोजित की गई। लाकडाउन के बावजूद कान्फ्रेंस में 1500 से ज्यादा किसान, मज़दूर और महिलाओं ने शिरकत की। संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य गुरनाम सिंह चडूनी विशेष रूप से उपस्थित हुए।

लापरवाही.. लाकडाउन में नूरपुरबेदी में जुटे 1500 किसान और मजदूर, 23 पर केस दर्ज

पुलिस द्वारा कांफ्रेंस की मंजूरी के लिए दबाव बनाया गया। इसके बावजूद किसान कांफ्रेंस करने में कामयाब रहे। किसानों के एकत्रीकरण को देखते हुए पुलिस कुछ नहीं कर सकी। पुलिस ने बाद में 23 व्यक्तियों के खिलाफ आइपीसी की धारा 188,269 के तहत मामला दर्ज किया है। नामजद लोगों में किरती किसान मोर्चे के नेता, किसान नेता और कुछ आम आदमी पार्टी के नेता हैं।

दिल्ली

श्रमिक सहयोग केंद्र, इफ्टू (सर्वहारा), द्वारा दिल्ली के मायापुरी औद्योगिक क्षेत्र में आफिस के बाहर झंडा उत्तोलन सम्पन्न किया गया।

राजस्थान

जयपुर। मई दिवस के मौके पर क्रांतिकारी निर्माण मज़दूर संगठन ( KNMS) की ओर से कोरोना से मच रही तबाही, मज़दूर वर्ग के हालात और किसान आंदोलन पर हमारी बात पर आयोजन हुआ।

मज़दूर सहयोग केंद्र की ओर से उठाई गईं माँगें-

  • मज़दूर विरोधी 4 श्रम संहिताओं को रद्द करो!
  • जन विरोधी कृषि कानून वापस लो!
  • सभी स्वास्थ्य सेवाओं का राष्ट्रीयकरण करो ! 
  • कोरोना महामारी के दौर में सभी को जल्द से जल्द समान और मुफ्त इलाज व वैक्सीन मुहैय्या कराओ!
  • सबको सुरक्षित सम्मानजनक रोज़गार व 8 घंटे काम दो!
  • सबको सामाजिक सुरक्षा व न्यूनतम वेतन रु 25000 दो!
  • सरकारी उद्योगों का निजीकरण बंद करो!
  • मज़दूरों और जनतांत्रिक आंदोलनों पर दमन बंद करो!

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