काकोरी शहादत दिवस: गोहाना में 3 दिवसीय ‘सांप्रदायिक सद्भाव प्रदर्शनी’; रुद्रपुर में श्रद्धांजलि सभा

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‘काकोरी एक्शन’ के महान शहीदों राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक़ उल्ला खान, ठाकुर रोशन सिंह और राजेंद्र लाहिड़ी की याद में देशभर में विविध कार्यक्रम आयोजित हुए।

इसी क्रम में हरियाणा के गोहाना में जन चेतना मंच द्वारा विगत वर्ष की भांति 12वीं वार्षिक तीन दिवसीय ‘सांप्रदायिक सद्भाव प्रदर्शनी’ आयोजित हुई। वहीं उत्तराखंड के रुद्रपुर में काकोरी यादगार कमेटी की ओर से श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन हुआ।

गोहाना (सोनीपत)। ‘काकोरी एक्शन’ के महान शहीदों राम प्रसाद बिस्मिल, असफाकुल्ला खान, ठाकुर रोशन सिंह और राजेंद्र लाहिड़ी की की याद में जन चेतना मंच द्वारा ब्रम्हा भवन, गोहाना में 12वीं वार्षिक तीन दिवसीय (17-18-19 दिसंबर, 2024) ‘सांप्रदायिक सद्भाव प्रदर्शनी’ आयोजित हुई।

इस वर्ष की प्रदर्शनी का विषय भारत में लोकतंत्र का विनाश (भारत में जनवाद का हनन) था। प्रदर्शनी में काकोरी एक्शन से जुड़े प्रमुख दस्तावेज, चित्र और पोस्टर प्रदर्शित किए गए।

प्रदर्शनी हॉल में बड़ी संख्या में नागरिकों के अलावा इस क्षेत्र के दर्जनों स्कूलों के हजारों छात्रों और शिक्षकों की भीड़ उमड़ी हुई थी। इस दौरान काकोरी एक्शन पर आधारित 15 मिनट का वृश्चिक भी दिखाया गया जिन्हें बच्चों ने काफी जिज्ञासा के साथ देखा और जानकारियां हासिल की।

उद्घाटन 17 दिसंबर को गोहाना के वरिष्ठतम अधिवक्ता श्री इंद्र सिंह भनवाला एवं अधिवक्ता श्री वी पी शर्मा ने किया। दूसरे दिन के मुख्य अतिथि क्षेत्र के प्रतिष्ठित शिक्षक हरीश चंद्र कर्नाटक थे। समापन कार्यक्रम की अध्यक्षता कृषि विभाग के प्रतिष्ठित अधिकारी श्री राजेंद्र सिंह मेहरा (एसडीओ) ने की। समापन 19 दिसंबर को ‘सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है’ गीत प्रस्तुति के साथ हुआ।

उपस्थित वक्ताओं ने महान क्रांतिकारी पूर्वजों की जीवन गतिविधियों और विचारों पर प्रकाश डाला। साथ-साथ, पिछले वर्षों की तरह वर्तमान प्रदर्शनी ने आगंतुकों को सत्तारूढ़ पूंजीवादी कुलीनतंत्र द्वारा विषाक्त और दूषित माहौल में हमारे देश के विभिन्न धर्मों, जातियों और क्षेत्रों के लोगों के प्रति प्यार और जुनून की भावना से भर दिया।

जन संघर्ष मंच हरियाणा के सलाहकार और जन चेतना मंच के संस्थापक डॉ सीडी शर्मा ने 12 साल से जारी अपने इस मिशन के बारे में बातें साझा की।

इस आयोजन को प्रदर्शनी की संयुक्त संयोजक डॉक्टर सुनीता त्यागी, रघुवीर विरोधिया, रमेश सैनी, प्रदीप त्यागी, रामनिवास मेहरा, जग महेंद्र ख़ंदराई, अशोक, शांति देवी, वीरमति चहल, इंदिरावती, विकास कुमार, सूरजभान चहल, सतपाल एल टी, अश्विनी कश्यप, सेवा राम की टीम ने सफल बनाया।

रुद्रपुर (उत्तराखंड)। ऐतिहासिक काकोरी एक्शन के अमर शहीदों के बलिदान दिवस के अवसर पर 19 दिसंबर को काकोरी यादगार कमेटी के बैनर तले संयुक्त श्रद्धांजलि सभा का आयोजन हुआ। शहीद अशफाक उल्ला खाँ पार्क, खेड़ा कॉलोनी, रुद्रपुर में कार्यक्रम के शुरुआत अमर शहीदों के चित्र पर माल्यार्पण, क्रांतिकारी गीत प्रस्तुति और इंकलाबी सलाम पेश करते हुए हुईं।

वक्ताओं ने कहा कि चौरी चौरा घटना के पश्चात् गांधीजी द्वारा असहयोग आंदोलन वापस लेने से भारत में हताशा निराशा और राजनैतिक शून्यता की जो स्थिति उत्पन्न हुईं थी काकोरी एक्शन की ऐतिहासिक घटना ने उसे आशा और उमंग में बदल दिया।

राजेंद्र नाथ लाहिड़ी (17 दिसंबर) और पंडित रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खाँ, ठाकुर रोशन सिंह (19 दिसंबर) की शहादत ने भारत की जनता के दिलों में अमिट छाप छोड़ी। बिस्मिल और अशफाक की दोस्ती, उनका भाईचारा और कौमी एकता की विरासत अजर-अमर हो गईं।

वक्ताओं ने कहा कि सांप्रदायिक ताकतों द्वारा उस दौर से लेकर अबतक इस देश का बेड़ा गर्क किया जाता रहा। वर्ष 2014 से संघ-भाजपा एवं अडानी-अम्बानी जैसे एकाधिकारी पूँजीपतियों के गठजोड़ के सत्तासीन होने के बाद स्थिति निरंतर भयावह होती गईं है। साम्प्रदायिक फासीवाद का खतरा आसन्न है। हिन्दू-मुसलमान, मंदिर-मस्जिद, शमशान-कब्रिस्तान, लव जिहाद, गौरक्षा आदि मुद्दों से समाज को साम्प्रदायिक आधार पर विभाजित करके मुसलमानों के खिलाफ संगठित हिंसा की घटनाएं आम होती जा रही है।

जनता को बांटकर उन्मादी माहौल पैदा करके मजदूरों, किसानों, छात्र नौजवानों और आम जनता के शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगर, महँगाई, महिला सुरक्षा और भ्रष्टाचार श्रम कानूनी अधिकारों जैसे बुनियादी मुद्दों को दबा दिया गया है।

ऐसे में बिस्मिल और अशफाकउल्ला जैसे शहीदों की क्रांतिकारी विरासत को और कौमी एकता की मिशाल को मज़बूत करते हुए उनके सपनों को साकार करने के निर्णायक संघर्ष को तेज करना होगा।

कार्यक्रम में इंक़लबी मज़दूर केंद्र के कैलाश भट्ट, सीएसटीयू के मुकुल, क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन के राजेश, सीपीआई के राजेन्द्र प्रसाद गुप्ता, भाकपा माले के ललित मटियाली, प्रगतिशील महिला एकता केंद्र की रविन्द्र कौर व वंदना, रॉकेट रिद्धि सिद्धि कर्मचारी संघ के धीरज जोशी, एलजीबी वर्कर्स यूनियन के गोविंद, एडविक कर्मचारी संगठन के निरजेश, हेंकल मज़दूर संघ के संजय प्रकाश, cie इंडिया श्रमिक संगठन के हेम चन्द्र, यजाकि वर्कर्स यूनियन के धर्मेंद्र, जायड्स कांट्रेक्ट वर्कर्स यूनियन की अनिता अन्ना, इंट्रार्क मज़दूर संगठन के वीरेंद्र पटेल, एएलपी ओवरसीज के शम्भू यादव, बडवे वर्कर्स यूनियन के साहब सिंह, डॉल्फिन मज़दूर संगठन की पिंकी गंगवार व सुनीता, बसपा के वकील मंसूरी, अजीज खां, पूर्व पार्षद अशफ़ाक़, अमीर हुसैन, नईम अहमद, जाकिर हुसैन, सलामत हुसैन, इफ्तार अहमद, सुरेश पाल, शरीफ अहमद, उमर अली, निसार अहमद, वाहिद मिया, रफीक अहमद आदि उपस्थित रहे।