SKM जन-जन तक ले जाएगा BJP को बेनकाब करो, विरोध करो, दंडित करो अभियान

विकास के कॉरपोरेट मॉडल का विरोध; आरएसएस किसानों से क्यों नाराज है— पत्रक जारी। 8 अप्रैल चंडीगढ़ में प्रदर्शन; चौसा (बिहार) में संघर्षरत किसानों के साथ एसकेएम, 10 अप्रैल को महापंचायत।

रोहतक। संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) की राष्ट्रीय समन्वय समिति (एनसीसी) ने 30 मार्च को अपनी विस्तारित बैठक में 14 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में हुई महापंचायत में विनाशकारी कॉर्पोरेट समर्थक नीतियों और सत्तावाद के लिए भाजपा को बेनकाब करने, विरोध करने, दंडित करने के अपने आह्वान का समर्थन किया।

एसकेएम नेताओं ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि एसकेएम राज्य स्तरीय चैप्टर द्वारा ट्रेड यूनियनों, छात्रों, युवाओं, महिलाओं और गैर सरकारी संगठनों आदि के साथ सम्मेलन आयोजित करके राज्य विशिष्ट योजनाओं पर काम किया जाएगा।

विस्तारित बैठक में देश भर में जमीनी स्तर तक महापंचायतों और रैलियों के आयोजन द्वारा गहन जन अभियान के माध्यम से भाजपा को दंडित करने के आह्वान को क्रियान्वित करने के लिए एक विस्तृत योजना पर काम किया गया। अन्य जन संगठनों और सामाजिक संगठनों को अपने साथ जोड़कर किसान मजदूर एकता का विस्तार करने और उन्हें आजीविका के विनाश के खिलाफ एक जन आंदोलन बनाने, सामाजिक ताने-बाने की रक्षा करने और संवैधानिक संस्थानों की रक्षा करने के लिए व्यापक संभव मंच में शामिल करने का निर्णय लिया गया।

बलबीर सिंह राजेवाल, डॉ. दर्शन पाल, सत्यवान, डॉ. आशीष मितल, इंद्रजीत सिंह, जोगेंद्र नैन, के.डी. सिंह और चंदर शेखर के आठ सदस्यीय अध्यक्ष मंडल में देश के विभिन्न राज्यों से लगभग सौ किसान नेताओं ने भाग लिया।

इसमें जोगेंदर सिंह उगराहां, रुलदू सिंह मानसा, कृष्णा प्रसाद, डॉ. सुनीलम, बलदेव सिंह निहालगढ़, रमिंदर पटियाला, किरण जीत शेखों, बेअंत सिंह, प्रेम सिंह गहलावत, रतन मान, सुमित सिंह, कंवर जीत सिंह, अमरीक सिंह, पुरूषोत्तम, दलजीत डागर , हरजिंदर सिंह, रणबीर मलिक, कुलदीप पुनिया, राजेंद्र एडवोकेट और अन्य नेता शामिल रहे।

बैठक के मुख्य निर्णय –

★ सभी किसान संगठनों और श्रमिकों, छात्रों, युवाओं, महिलाओं आदि के मंचों से भाजपा का विरोध करने, बेनकाब करने और दंडित करने के लिए एकजुट होने की अपील। विरोध का स्वरूप स्थानीय स्तर पर तय होगा।

★ जिला/निर्वाचन क्षेत्र स्तर पर जन-महापंचायत, जन-जागरण अभियान। एसकेएम नेतृत्व राज्यों का दौरा करेगा।

★ मीडिया पर कॉरपोरेट नियंत्रण के खिलाफ सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक संचार नेटवर्क तैयार करेंगे।

पहला पत्रक — आरएसएस किसानों से क्यों नाराज है — जारी किया गया है। सभी निर्वाचन क्षेत्रों में वितरित करने के लिए स्थानीय भाषाओं में पत्रक, पोस्टर, वीडियो क्लिप का वितरण।

★ बिहार के चौसा, बक्सर में जबरन भूमि अधिग्रहण के खिलाफ लड़ रहे किसानों से मिलने के लिए एसकेएम प्रतिनिधिमंडल; 10 अप्रैल को महापंचायत करेंगे।

★ एसकेएम भाजपा को अलग-थलग करने और दंडित करने की मांगों पर अभियान चलाएगा और सभी राजनीतिक ताकतों का ध्यान आकर्षित करते हुए अपनी मांगों पर एक बड़ा आंदोलन खड़ा करेगा।

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