मध्यप्रदेश: सभी विश्वविद्यालयों में कर्मचारियों की एक दिनी हड़ताल, बेमियादी हड़ताल का ऐलान

मध्यप्रदेश विश्वविद्यालयीन (गैर शिक्षक) कर्मचारी संघ पांच मांगों को लेकर सामूहिक रूप से अवकाश पर रहा। सेवानिवृत्त कर्मचारियों-अधिकारियों ने भी पूर्ण समर्थन किया।

मध्यप्रदेश- बुधवार को मध्य प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में कर्मचारियों की एक दिवसीय हड़ताल के कारण कामकाज ठप रहा। ये अपनी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल पर थे। मध्यप्रदेश विश्वविद्यालयीन (गैर शिक्षक) कर्मचारी संघ इन पांच मांगों को लेकर सामूहिक रूप से अवकाश पर रहा –

वर्ष 2007 के पश्चात नियुक्त स्थाई कर्मचारियों का विगत 1 वर्ष से अधिक समय व्यतीत हो जाने के पश्चात भी वेतन का भुगतान नहीं किया गया है, तत्काल वेतन भुगतान किया जाए।

विश्वविद्यालयों में रिक्त अशैक्षणिक पदों पर वर्षों से कार्यरत स्थाई कर्मचारियों को नियमित किया जाए।

फरवरी 2021 में समन्वय समिति से अनुमोदित मेडिक्लेम पॉलिसी तत्काल लागू की जाए।

विश्वविद्यालयीन पेंशनरों को तत्काल शासन के कर्मचारियों के समान सातवें वेतनमान से पेंशन एवं महंगाई भत्ते का भुगतान किया जाए।

श्रमसाध्य भत्ते के संबंध में जारी निर्देशों पर पुनर्विचार किया जाना अत्यंत आवश्यक है क्योंकि विश्वविद्यालय की परीक्षाओं को विधिवत संपन्न कराने में अनेक विभागों/शाखाओं की महत्वपूर्ण सहभागिता होती है जिनके सहयोग के बिना परीक्षा/मूल्यांकन/परीक्षा परिणाम एवं अन्य कार्य संपन्न नहीं किए जा सकते हैं। इसलिए उक्त निर्देशों पर पुन: विचार कर नवीन निर्देश जारी किए जाएं।

इस सामूहिक अवकाश का सभी विश्वविद्यालयों के सेवानिवृत्त कर्मचारियों-अधिकारियों ने भी पूर्ण समर्थन किया। इस दौरान बरकतउल्ला विश्वविद्यालय में लगभग 25-30 सेवानिवृत्त कर्मचारी-अधिकारी उपस्थित रहे और मांगे पूरी न होने पर अनिश्चितकालीन आंदोलन की बात कही। मध्यप्रदेश विश्वविद्यालयीन कर्मचारी महासंघ के महासचिव लखन सिंह परमार ने कहा कि ये आंदोलन विश्वविद्यालय प्रशासन एवं मध्यप्रदेश शासन का ध्यान उनकी मांगों की ओर दिलाने के लिए किया गया है और मागें न मानी जाने पर वे प्रदेश स्तर पर चरणबद्ध आंदोलन करेंगे।

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