जनरल मोटर्स में समझौता : 40 दिन चली थी हड़ताल

जनरल मोटर्स में 1970 के बाद यह सबसे बड़ी हड़ताल थी

ऑटोमोबाइल क्षेत्र में अग्रणी बहुराष्ट्रीय कंपनी, जनरल मोटर्स (जीएम) की 40 दिन चली हड़ताल 25 अक्टूबर को समझौते के साथ समाप्त हो गई थी। यह जीएम में 1970 के बाद सबसे बड़ी हड़ताल थी। इस दौरान समझौते के लिए हुए मतदान में 57.2 फीसदी श्रमिकों ने पक्ष में मत दिये थे।

कंपनी को अपने मुनाफे पर एक बड़ा झटका खाने के बाद समझौते की मेज पर आने के लिए मजबूर होना पड़ा। खुद कंपनी के अनुसार 49,000 श्रमिकों के हड़ताल पर चले जाने के कारण, उसे लगभग 1 बिलियन अमेरिकी डॉलर का नुकसान हुआ। उसके शेयर की कीमतें गिर गईं जिसने जीएम के प्रबंधन को हड़ताल का नेतृत्व कर रही यूनाइटेड ऑटो वर्कर्स (यूएडब्लू) के साथ समझौता वार्ता फिर से शुरू करने के लिए मजबूर किया।

दूसरी ओर प्रबंधन के प्रस्तावों पर समझौता करने के सवाल पर मज़दूरों के बीच मतदान हुआ। इस दौरान समझौते के लिए हुए मतदान में 57.2 फीसदी श्रमिकों ने पक्ष में मत दिये थे।

25 अक्टूबर, 2019 को हुए समझौते के तहत वर्तमान साल 3 फीसदी वेतन बृद्धि होगी, जबकि अगले वर्षां में 4 फीसदी एकमुस्त भुगतान होगा। बोनस स्थाई मज़दूरों को 11000 डॉलर व अस्थाई मज़दूरों को 4500 डॉलर मिलेगा। साथ ही जीएम के मुनाफे में हिस्सेदारी प्रति बिलियन डॉलर पर 1000 मिलेगा। अस्थाई श्रमिकों को 2 से तीन सालों में स्थाई किया जाएगा।

4 बन्द कारखानों में एक डेट्रोइट-हैमट्रैक खुलेगा, जिसमें इलेक्ट्रिक ट्रक व वैन बनेगा। जीएम टैनेसी व मिशिगन में भी निवेश करेगा।

ज्ञात हो कि 16 सितम्बर से हड़ताल पर गये जीएम के अमेरिका स्थित प्लांटों के श्रमिक रोजगार सुरक्षा और बंदी या प्रस्तावित बन्दी समाप्त कर पुनः खोलने की माँग के साथ ही मेडिकल और अन्य सुविधाओं का स्थाई व अस्थाई दोनों तरह के श्रमिकों के लिए विस्तार करने और गिरते हुए वेतन की समस्या को हल करने की माँग कर रहे थे। हड़ताल की एक मुख्य वजह प्रबन्धन द्वारा अस्थाई मजदूरों को लम्बी अवधि तक बिना किसी औपचारिकता के काम पर रखने की बढ़ती प्रवृत्ति थी। इनको अनुबंध पर रखा जाता था, जिन्हें स्थाई श्रमिकों के समान सुविधाओं से वंचित रहना पड़ता है। इकाइयों की तालाबंदी भी एक प्रमुख समस्या थी।

नवम्बर 2018 में जनरल मोटर्स ने अमेरिका के अपने 4 उत्पादन संयंत्रों में तालाबंदी की घोषणा की, जिससे करीब 9,000 लोगों की नौकरियाँ चली गईं। कम्पनी ने कुछ समय के अन्तराल में अपने 15 फीसदी वेतनभोगी श्रमिकों को निकालने की भी घोषणा की थी।

कर्मचारी यूनियन की ओर से प्रमुख वार्ताकार यूएडब्लू के उपाध्यक्ष टेरी डीत्टेस ने 8 अक्टूबर के अपने सार्वजनिक बयान में कहा था कि जब हमारे यहाँ अमेरिका में बिक्री हेतु अन्य देशों में जीएम उत्पाद बनाए जा रहे हैं तो अब हमारी नौकरी की कोई गारंटी नहीं बची है।

(‘संघर्षरत मेहनतकश’ पत्रिका, नवम्बर-दिसम्बर, 2019 से)

%d bloggers like this: