IIMC में फीस वृद्धि के खिलाफ छात्रों का प्रदर्शन

हर साल बढ़ रहा है 10 प्रतिशत की दर से फीस

फीस वृद्धि के खिलाफ जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में जारी छात्र आंदोलन के बीच अब भारतीय जन संचार संस्थान (आइआइएमसी) में भी फीस बढ़ोतरी के खिलाफ आज छात्र  प्रदर्शन कर रहे हैं। आइआइएमसी सरकारी अनुदान से चलने चलनेवाला एक स्वायत्त संस्थान है और सूचना और प्रसारण मंत्रालय के अंतर्गत आता है।

वर्ष 1965 में स्थापित यह देश का अग्रणी मीडिया संस्थान है। इसकी स्थापना नो प्रॉफिट नो लॉस के सिद्धांत पर हुई थी। बावजूद इसके यहां हर साल 10 प्रतिशत की दर से फीस बढ़ रहा है। अब जो नया फीस स्ट्रेक्चर प्रस्तावित किया गया है वह बहुत अधिक है।

आइआइएमसी में शैक्षणिक वर्ष 2019-20 के लिए विभिन्न स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों की फीस संरचना निम्नानुसार है: रेडियो और टीवी पत्रकारिता: 1,68,500, अंग्रेजी पत्रकारिता: 95,500,हिंदी पत्रकारिता: 95,500,विज्ञापन और पीआर: 1,31,500 और उर्दू पत्रकारिता के लिए 55,500 रुपये हैं।

इसके अलावा,आइआइएमसी ने हॉस्टल और मेस चार्जेस बढ़ा दिए हैं। हैरानी की बात यह है कि हॉस्टल और मेस का शुल्क अब लड़कियों के लिए 6500 रुपये और लड़कों के लिए 4800 रुपये है, जो कि सार्वजनिक वित्त पोषित संस्थान की तुलना में काफी अधिक है। बता दें कि आइआइएमसी में प्रत्येक छात्र को आवास नहीं मिलता है।

आइआइएमसी में रेडियो और टीवी पत्रकारिता के छात्र हृषिकेश ने कहा कि छात्र लगातार बातचीत के माध्यम से अपने मुद्दे को सुलझाने की कोशिश कर रहे थे, फिर भी, प्रशासन ने यह कहते हुए कोई कदम नहीं उठाया कि शुल्क संरचना को संशोधित करना उनके नियंत्रण से बाहर है।

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