गुड़गांव – मानेसर में बुलंद हुआ मज़दूरों के प्रतिरोध का स्वर

1 दिसंबर 2019 को गुड़गांव, मिनी सचिवालय पर बेलसोनिका ऑटो कॉम्पोनेंट्स एंप्लाइज यूनियन के आह्वान पर मज़दूर प्रतिरोध धरना आयोजित किया गया जिसमें गुड़गांव-मानेसर, फ़रीदाबाद व अन्य औद्योगिक क्षेत्रों के मज़दूर शामिल हुए। सुजुकी बाइक, मारुति मानेसर, मारुति गुड़गांव, होंडा मानेसर, हीरो, LG, मोजर बीयर आदि विभिन्न कंपनियों के मज़दूर यूनियन भी इस आयोजन में शामिल हुए। अलग-अलग मज़दूर संगठन जैसे इंकलाबी मज़दूर केंद्र, प्रगतिशील महिला एकता केंद्र, क्रांतिकारी नौजवान सभा, मज़दूर पत्रिका, श्रमिक संग्राम कमेटी, आईएफटीयू सर्वहारा, आदि ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

वर्तमान आर्थिक संकट पूंजीवादी सिस्टम द्वारा अपने मुनाफ़े के दर को बरकरार रखने और बढ़ाने की अफरातफरी की वजह से उत्पन्न हुई है। किंतु संकट का सामना करने के लिए सरकार जो भी कदम ले रही है, जैसे कॉरपोरेट टैक्स को घटाकर 22 फ़ीसदी कर देना आदि मालिक वर्ग के इस मुनाफे की होड़ को प्रोत्साहन ही दे रहे हैं, ना कि इसपर कुछ लगाम लगा रहे हैं। 

गुड़गाँव – मानेसर इलाके में ही लाखों मज़दूर, ख़ासकर ठेका, अप्रेंटिस के हिसाब से काम करने वालों ने पिछले छह-सात महीनों में अपनी नौकरियां खोयिं हैं। आर्थिक संकट का हवाला देकर प्रबंधन और सरकार द्वारा मज़दूरों के ऊपर विभिन्न शोषणकारी नीतियां थोपी जा रही हैं। श्रम विभाग या तो मूक-दर्शक बना बैठा है या पूरी तरह से मालिक वर्ग के पक्ष में कार्यरत है। लेबर कोर्ट मैं एक भी मज़दूर के पक्ष में फैसला नहीं आ रहे हैं, और जो भी थोड़े बहुत मजदूरों के अधिकार थे उनको भी कानूनी तौर पर खत्म किया जा रहा है। इसलिए मज़दूर लेबर कोर्ट में ही आना छोड़ दे रहे हैं। 25 दिन से ज़्यादा समय से होंडा, मानेसर में चल रहे आंदोलन को भी वक्ताओं ने समर्थन दिया, और ठेका और परमानेंट मज़दूरों की एकता के ऊपर ज़ोर दिया। 

अलग-अलग वक्ताओं ने यह भी बात रखी कि मज़दूर वर्ग के अधिकार बस नौकरी बचाने या आर्थिक मांगों तक ही सीमित नहीं है बल्कि, इंसान होने की हैसियत से शिक्षा, स्वस्थ, आवास आदि के लिए भी लड़ाई जारी है। वक्ताओं ने सवाल उठाए उठाया कि क्यों मज़दूर के बेटे-बेटी उच्च शिक्षा और समाज को समझने का मौका नहीं पाएं और इस ज्ञान को समाज बदलने के काम में नहीं लगा पाएं? क्यों मज़दूरों के बच्चे उन्हीं बदतर परिस्थितियों में मज़दूरी ही करते रह जाएं? 

इसके साथ ही कल क्षेत्र में कार्यरत विभिन्न केंद्रीय ट्रेड यूनिनों व फैक्ट्री आधारित यूनियनों की साझा पहल में चल रहे ट्रेड यूनियन कॉन्सिल के आह्वान पर गुड़गांव के कमला नेहरू पार्क में गुड़गाँव-मानेसर-बिनौला-बावल औद्योगिक क्षेत्र में चल रहे संघर्षों के समर्थन में कार्यक्रम हुआ। इस मंच से वक्ताओं ने आने वाली 8 जनवरी की अखिल भारतीय हड़ताल की घोषणा भी की और क्षेत्र में मज़दूरों की पुरजोर भागीदारी की बात रखी।  

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