उत्तर प्रदेश : अब अलीगढ़ नगर निगम निजीकरण की राह

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चाहे सफाई कार्य हो या निर्माण, या फिर नियुक्तियां, निजी एजेंसियों के जरिए ही कराए जा रहे हैं। स्थाई नियुक्तियों पर प्रतिबंध है आउटसोर्सिंग जारी है। उधर, सीवर व नाला सफाई की कमान भी निजी हाथों में है।

अलीगढ़, लोकेश शर्मा। मूलभूत आवश्यकताओं को मुहैया कराने की जिम्मेदारी निभा रहा नगर निगम निजीकरण की राह चल पड़ा है। चाहे सफाई कार्य हो या निर्माण, या फिर कर्मचारियों की नियुक्तियां, निजी एजेंसियाें के जरिए ही ये महत्वपूर्ण कार्य कराए जा रहे हैं। इन कार्यों के लिए टेंडर जारी किए जाते हैं। वहीं, कर्मचारियों की नियुक्ति की व्यवस्था में कुछ बदलाव किए गए हैं। स्थाई नियुक्तियों पर लगे प्रतिबंध के बाद आउटसोर्सिंग पर निर्भर निगम अब जेम पोर्टल से भर्ती करेगा। उधर, सीवर व नाला सफाई की कमान भी निजी हाथों में है। जबकि, निगम के पास अपनी खुद की पूरी फौज है।

शहर में सड़क, सफाई, पेयजल और पथ प्रकाश व्यवस्था नगर निगम के हवाले है। इन कार्यों के लिए अलग-अलग विभाग हैं। इन्हीं विभागों के जरिए आवश्यकता के अनुसार ठेके उठाए जाते हैं। सफाई व्यवस्था पर सबसे अधिक जोर रहता है और इसी विभाग की हालत खस्ता है। 1992 से सफाई कर्मचारियों की स्थाई नियुक्ति पर रोक है। सामान्य कर्मचारी भी स्थाई तौर पर नहीं रखे जा रहे। सरकार ने आउटसोर्सिंग (कार्यदायी संस्था) के जरिए खाली पदों को भरने का रास्ता निकाला था। तब से ऐसे ही भर्तियां हो रही हैं। शहर में स्थाई कर्मचारियों से ज्यादा आउटसाेर्सिंग कर्मचारी हैं। नगर निगम में 1008 आउटसोर्सिंग सफाई कर्मियों की भर्ती शहरी आजीविका केंद्र (सीएलसी) से हुई है। कई अन्य विभागों में सीएलसी ने सामान्य कर्मचारी उपलब्ध कराए हैं। अब जेम पोर्टल के जरिए कर्मचारियों की भर्ती होगी। जो एजेंसी टेंडर लेगी, वही एजेंसी पुराने कर्मचारियाें की जिम्मेदारी भी उठाएगी। यानी, पुराने कर्मचारियों का वेतन, पीएफ आदि यही एजेंसी देगी।

नगर निगम ने वार्डों में मशीनों से सफाई कराने की योजना तीन साल पहले बनाई थी। इसके लिए पहले चरण में 21 वार्डों का चयन किया गया। प्रस्ताव पास कर निजी एजेंसी को टेंडर देने की प्रक्रिया शुरू हो गई। लेकिन, सफाई कर्मचारियों ने विरोध कर दिया। विरोध इतना मुखर हुआ कि निगम अफसरों ने कदम पीछे खींच लिए। नाले व सीवर की सफाई का कार्य निजी एजेंसियों के जरिए कराने का क्रम जारी रहा। जबकि, पहले निगम में नियुक्त सफाई कर्मी व नाला गैंग ये कार्य करते थे।

जागरण से साभार