उत्तराखंड में चुनावी दौरे पर गए ‘जनज्वार’ के संपादक की गिरफ़्तारी घोर निंदनीय

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एआरटीओ ने चुनाव के बहाने वाहन अधिग्रहित कर लिया और विरोध करने पर टीम को पुलिस ने हिरासत में लिया। हालांकि मीडिया में ख़बर फैलने और तमाम पत्रकारों की सक्रियता से टीम की रिहाई हुई।

रुद्रपुर। उत्तराखंड के विधानसभा चुनाव को कवर करने पहुंची ‘जनज्वार’ की टीम के साथ सोमवार को एआरटीओ की बदसलूकी के बाद उल्टे जनज्वार के संपादक अजय प्रकाश के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया। एआरटीओ की शिकायत पर उधम सिंह नगर के पुलभट्टा थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। अजय प्रकाश व अन्य को पुलिस ने हिरासत में लिया।

हालांकि मीडिया में ख़बर फैलने, घटना की वीडियो वायरल होने और तमाम पत्रकारों की सक्रियता के बाद रात निजी बांड पर अजय प्रकाश और टीम की रिहाई हुई।

ज्ञात हो कि ‘जनज्वार’ की टीम उत्तराखंड के चुनाव में जनता का मिजाज जानने के लिए निकली है। सोमवार को टीम रुद्रपुर से सीएम धामी के विधान सभा क्षेत्र खटीमा दौरे पर थी। इसी बीच उत्तराखंड बरेली रोड पर एआरटीओ वीके सिंह ने वाहन रोक लिया और चुनाव के लिए गाड़ी के अधिग्रहण की बात की।

इसी दौरान उन्होंने जनज्वार की टीम के ड्राइवर का लाइसेंस और कागज मांगा। फिर लाइसेंस अपने पास ही रख लिया।

पत्रकार अजय प्रकाश के पूछने पर कि वे कैसे जाएंगे, तो एआरटीओ ने कहा पैदल जाओ। इसपर एआरटीओ के साथ उनकी तीखी बहस हुई। एआरटीओ ने काफी समय तक वाहनों को रोका हुआ था। उनसे पूछने पर की ये कौन सा तरीका है तो उन्होंने अजय प्रकाश को जेल भेजने की धमकी दे डाली थी।

अजय प्रकाश ने बताया कि एआरटीओ ने कई बार पूछने के बाद अपना नाम वीके सिंह बताया था। टीम को गाड़ी से उतारने के बाद एआरटीओ से पूछा गया कि हम आगे कैसे जाएंगे तो एआरटीओ ने धमकी भरे लहजे में कहा…जाओ पैदल ही जाओ।

इसी दौरान पुलबट्टा थाने की पुलिस भी आ गई और एआरटीओ की कथित तहरीर पर सरकारी काम मे बाधा डालने का मुकदमा दर्ज करके गाड़ी सहित पूरी टीम को थाने में बंद कर दिया। सबके फोन भी सीज कर दिए ताकि मामला फैलने न पाए।

एआरटीओ और उत्तराखंड पुलिस की इस हरकत पर पत्रकारों और जनतान्त्रिक लोगों ने रोष प्रकट किया और आला पुलिस अधिकारियों से संपर्क किया। मामला फैलते देख पुलिस का रुख बदला और आठ घंटे की हिरासत के बाद निजी बांड पर अजय प्रकाश व अन्य की रिहाई हुई।

यह घटना सरकारी तंत्र और पुलिस की बढ़ती मनमानी का नमूना है। कोविड हो या चुनाव, सत्तातंत्र की निरंकुशता बेलगाम हो गई है। ऐसे में इन कृत्यों की घोर निंदा के साथ इसके खिलाफ जनपक्षधर ताकतों और पत्रकारों को एकजुट विरोध के लिए आगे आना होगा!

जनज्वार में छपी रिपोर्ट के अनुसार ‘जनज्वार’ अपनी चुनावी यात्रा खटीमा से करने जा रहा था। ऐसे में जनता की पत्रकारिता के लिए चर्चित अजय प्रकाश सीधे खटीमा की आम जनता का रुख जानने पहुंच रहे थे। खटीमा प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का चुनावी क्षेत्र भी है। लेकिन टीम को उत्तराखंड-बरेली रोड पर रोक लिया गया और जबरन वाहन को अधिग्रहित कर लिया गया था।