बिजली की मनमानी के खिलाफ़ एकजुटता यात्रा शुरू, 3 मार्च को जयपुर में प्रदर्शन

राजस्थान : बिजली उपभोक्ता संघर्ष समिति बनाएगा जनआन्दोलन
नोहर (राजस्थान)। बिजली बिलों में धांधली, गैरवाज़िब बिजली बिलों आदि मुद्दों के साथ आज 22 फरवरी से बिजली उपभोक्ता संघर्ष समिति ने राजस्थान में एकजुटता यात्रा शुरू कर दी है। यह यात्रा 3 मार्च को राजधानी जयपुर पहुँचेगी और बड़ा प्रदर्शन होगा। यात्रा की शुरुआत नोहार में किसान आंदोलन को समर्थन देने के साथ शुरू हुई।
उल्लेखनीय है कि बिजली उपभोक्ता संघर्ष समिति पिछले डेढ़ साल से राज्य सरकार व बिजली कंपनियों द्वारा आम उपभोक्ताओं के साथ बिजली बिलों के नाम पर की जा रही लूट के खिलाफ संघर्षरत है। संघर्ष समिति ने पूरे हनुमानगढ़ जिले में बिजली आंदोलन को जनता का आंदोलन बनाया है।

समिति ने बताया कि पूरे देश में बिजली उत्पादन में अहम स्थान रखने के बाद भी राज्य सरकार देश में सबसे महंगी बिजली अपने राज्य की आम जनता को बेचती है। लगातार डेढ़ साल से बार-बार ज्ञापन देने विरोध प्रदर्शन एवं आंदोलन करने के बाद भी प्रशासन बहरा बना हुआ है।
इसलिए संघर्ष समिति ने यह निर्णय लिया है कि हम अपनी मांगों को राजस्थान की आम जनता तक पहुंच जाएंगे और बिजली आंदोलन को राज्य की जनता का आंदोलन बनाएंगे।
इसके तहत नोहर में किसान आंदोलन को समर्थन देने के बाद राजस्थान एकजुटता यात्रा रवाना हुई। यह यात्रा भादरा, सादुलपुर, चूरू, झुंझुनू एवं सीकर की अलग-अलग गांवों कस्बों से होते हुए 3 मार्च को जयपुर पहुंचेगी।
संघर्ष समिति ने मांग की है कि कोरोना के चलते बकाया बिजली बिल माफ किये जायें व नाजायज बिलों को भरवाने के लिए आमजन पर कनेक्शन काटने का दबाव नहीं बनाया जाए, स्थायी शुल्क, विद्युत शुल्क व अन्य राशि के रूप में हो रही वसूली तुरंत बंद की जाए, प्रत्येक परिवार को हर महीने 200 यूनिट तक फ्री बिजली दी जाए, घटिया व तेज चलने वाले मीटर तुरंत हटाये जाएं, बिजली सेवा का निजीकरण तुरंत रोका जाए व बिजली अधिनियम 2020 खारिज किया जाए।