जयपुर में मनाया गया सफ़ाई कर्मचारी दिवस; शहीद भूप सिंह को दी क्रांतिकारी श्रद्धांजलि

सभा और रैली का आयोजन हुआ। सफ़ाई कर्मचारी दिवस के जुझारु और क्रांतिकारी इतिहास पर चर्चा हुई। शहीद ऊधम सिंह की शहादत और प्रेमचंद की जयंती को भी याद किया गया।
जयपुर (राजस्थान)। 31 जुलाई को ‘सफ़ाई कर्मचारी दिवस’ पर जयपुर सफ़ाई मजदूर यूनियन और क्रांतिकारी नौजवान सभा द्वारा झालाना वाल्मीकि बस्ती में सभा और रैली का आयोजन किया गया।
साथियों द्वारा ‘कैसा है धर्म है, कैसा है कर्म है’ गाना गाया गया और शहीद भूप सिंह को क्रांतिकारी सलामी देने के बाद सफ़ाई कर्मचारी दिवस के जुझारु और क्रांतिकारी इतिहास पर चर्चा हुई।
साथ ही आज ही के दिन शहीद ऊधम सिंह की शहादत और प्रेमचंद की जयंती को भी याद किया और इनके विचारों और उनके संघर्ष पर बात हुई।

वक्ताओं ने इसपर चर्चा की कि उस समय के लंबे संघर्ष में सफ़ाई मजदूरों, महिलाओं और यूनियन के साथियों पर किए गए सरकारी दमन और साथ ही कैसे सफ़ाई मजदूर की हड़ताल पर कांग्रेस सरकार ने दमनकारी कारवाई की। आज कैसे सफ़ाई कर्मचारी दिवस और दलितों के जुझारु इतिहास को जातिवाद, मनुवाद और ब्राह्मणवाद में विश्वास रखने वाले लोगो द्वारा दबाया जा रहा है।
इस दौरान आज सफाई मजदूरों की काम ही ख़राब हालातों, पक्के काम पर पक्की नौकरी के सवाल, काम के दौरान स्वास्थ्य और सुरक्षा के सवाल, पीएफ- ईएसआई का सवाल, ठेकाप्रथा के खात्में की जरूरत आदि मुद्दों के साथ सामाजिक और आर्थिक रूप से सफ़ाई मजदूरों के साथ हो रहे शोषण को लेकर बातचीत हुई।

वक्ताओं ने इस बात का अहसास कराया कि सफाई मजदूरों के सफाई के काम की क्या ताक़त है और एक बार एकता के साथ काम रोकने पर कितनी भयंकर स्थिति बन सकती है।
इस दौरान यह सवाल उठा कि आज सफ़ाई मजदूर क्यों गंदी बस्तियों में मूलभूत सुविधाओं (बिजली, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा, साफ़ सफ़ाई) की खस्ता और बेकार हालात में रहने को मजबूर है, कैसे भ्रष्ट सरकारें और भ्रष्ट नेता लोग वाल्मीकि को वोटबैंक के रूप में इस्तेमाल कर रहे है।
बस्तीवासियों ने बताया की कैसे नौजवान को आज कावड़ यात्रा और अन्य धार्मिक कर्मकांडो में उलझाया जा रहा है और अपने संघर्षमई इतिहास को भुलाया जा रहा है।
इन तमाम समस्याओं से निपटने के लिए एकमात्र रास्ता संघर्ष का रास्ता है, जो अपनी एकजुटता के बल पर ही तय किया जा सकता है।
अंत में बस्तीवासियो और नौजवानो ने मिलकर बस्ती में ही रैली निकाली और जगह जगह नुकड़ सभा की और सफ़ाई कर्मचारी दिवस के महत्व को बताया।
इस दौरान नारे लगे- पक्के काम पर, पक्की नौकरी देनी होगी! ठेकाप्रथा बंद करो! जाति-धर्म के नाम पर जनता को बांटने वाली सरकार मुर्दाबाद! ब्राह्मणवाद, मनुवाद, जातिवाद, पूंजीवाद हो बर्बाद! सफ़ाई मज़दूर एकता जिन्दाबाद! भूप सिंह की शहादत को इंक़लाबी सलाम! इंकलाब जिंदाबाद!!

