प्रबंधन की कोशिशें नाकाम, 28-29 की हड़ताल में कोलियरी मज़दूर भी होंगे शामिल

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एक तरफ जहां कोलियरी प्रबंधन हड़ताल को विफल करने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रहा है। वहीं दूसरी तरफ संयुक्त ट्रेड यूनियन मोर्चा हड़ताल को सफल बनाने के लिए सक्रिय है।

देवघर। केंद्रीय श्रम संगठनों का 28-29 मार्च को देशव्यापी हड़ताल है। विभिन्न क्षेत्रों के मज़दूरों-कर्मचारियों के साथ कोलियरी के मज़दूर भी हड़ताल के लिए कमर कस चुके हैं।

कोयला उद्योग हड़ताल में शामिल नहीं हो इसके लिए शनिवार को कोयला औद्योगिक प्रतिष्ठान के सभागार में संयुक्त सलाहकार समिति की आपातकालीन बैठक हुई। महाप्रबंधक एस कुमार ने श्रम संगठनों से आह्वान किया कि देश और कोयला उद्योग के हित को देखते हुए हड़ताल से खुद को अलग रखें। वहीं संयुक्त ट्रेड यूनियन मोर्चा की तरफ से हड़ताल सफल बनाने के लिए खदान में गेट मीटिंग की और हड़ताल पर जाने का एलान किया।

प्रबंधन ने की भरमाने की कोशिश

कोयला औद्योगिक प्रतिष्ठान के सभागार में महाप्रबंधक ने कहा कि हड़ताल में जाने पर एसपी माइंस को लाखों का नुकसान हो सकता है। कोयला कर्मियों के भी नियम के तहत नो वर्क नो पे प्रणाली के तहत कार्रवाई होगी। इससे प्रतिष्ठान और कोयला कर्मियों को नुकसान होगा। उन्होंने श्रम संगठनों से अपील करते हुए कहा कि हड़ताल में जाने से अपने अपने श्रम संगठन के समर्थकों को रोकें।

हड़ताल सफल बनाने का आह्वान

श्रम संगठनों ने राष्ट्रव्यापी हड़ताल को लेकर खून खदान में गेट मीटिंग की गई। यूनियन नेताओं ने श्रमिकों से हड़ताल सफल बनाने के लिए हर संभव उपाय करने का आह्वान किया। यह हड़ताल कोयला उद्योग के कामगारों के हित और वजूद का सवाल है। इस मौके पर पशुपति कोल, राजेश राय, बद्री महतो, राजू प्रसाद, निरंजन महतो, राकेश कुमार, सिराज अंसारी, अनिल कोल, राजन महतो, कार्तिक महतो व अन्य मौजूद थे।