मध्यप्रदेश: पुरानी पेंशन बहाल करने के लिए कर्मचारियों ने निकाली रैली

नेशनल मूवमेंट फार ओल्ड पेंशन स्कीम के तहत रैली में बड़ी संख्या में विभिन्ना विभागों के कर्मचारी शामिल हुए। सभा के पश्चात मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
कसरावद। नेशनल मूवमेंट फार ओल्ड पेंशन स्कीम खरगोन ने पुरानी पेंशन बहाली के लिए नगर में रविवार को रैली निकाली। इसमें बड़ी संख्या में विभिन्ना विभागों के कर्मचारी शामिल हुए। कृषि उपज मंडी में सभा के पश्चात मुख्यमंत्री के नाम पुरानी पेंशन बहाली के लिए ज्ञापन सौंपा गया।
संगठन के प्रदेशाध्यक्ष परमानंद डहेरिया ने कहा कि 62 वर्ष की आयु में कर्मचारी मजदूरी करने लायक भी नहीं रहेगा। बहुत से सेवानिवृत्त कर्मचारी भीख मांगने के लिए मजबूर हो रहे हैं। आज प्रदेश में लाखों कर्मचारी पुरानी पेंशन की बाट जोह रहे हैं। अप्रैल में सेवानिवृत्त हुई साधना शर्मा ने कहा कि मेरा अंतिम वेतन 44 हजार रुपये था और आज 1120 रुपये पेंशन मिल रही है। मैं कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से लड़ रही हूं। ऐसे में मेरी दवाई का खर्च भी नहीं मिल पाता। सभा के बाद कर्मचारी रैली निकालकर एसडीएम कार्यालय पहुंचे। वहां मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार रमेशचंद्र सिसोदिया को ज्ञापन सौंपा।
नेशनल पेंशन स्कीम में कर्मचारी अधिकारी का संपूर्ण वेतन का 10 प्रतिशत अंशदान और मध्यप्रदेश शासन का 14 प्रतिशत अंशदान मिलाकर शेयर मे निवेश किया जाता है। यह शेयर बाजार आधारित स्कीम है जो निश्चित पेंशन नहीं है। यह नो पेंशन स्कीम है। पेंशन योजना के निवेशकों के निवेश के हिसाब से 60 साल की उम्र के बाद न्यूनतम पेंशन मिलती है। हालांकि इस योजना के जरिए व्यक्ति एक हजार रुपये से लेकर पांच हजार रुपये तक की ही गारंटी पेंशन प्राप्त कर सकता है।
इस दौरान पुरानी पेंशन बहाली संगठन के जिला प्रभारी दिनेश पटेल, जिलाध्यक्ष ग्यारसीलाल पटेल, ब्लाक अध्यक्ष राजेश गांगले, संजय कर्मा, संजय शर्मा, संजय पटेल, अर्चना एस्के, साधना यादव, ममता जैन, विजय पाटीदार, दिनेश तेमार्निया, मोहन पटेल आदि मौजूद थे।
नईदुनिया से साभार