जनचेतना यात्रा बिहार में: पूँजी की लूट और विभाजनकारी हमलों के खिलाफ जनजागरण-गोलबंदी

मज़दूर-मेहनतकश के विकट शोषण, महँगाई, बेरोजगारी, धर्म के नाम पर दंगे-फसाद के खिलाफ अमन-चैन व भाई-चारे के लिए अडानी-अंबानी-मोदी गठजोड़ के खिलाफ एकजुटता का आह्वान।
गया। आरएसएस-भाजपा के फासीवादी हमलों और कॉरपोरेट पूंजी के शोषण-लूट और उसमे विपक्षी पार्टियों के भी शासक-वर्गीय चरित्र का पर्दाफास करते हुए पश्चिम बंगाल व झारखंड के विभिन्न हिस्सों से गुजरते हुए बिहार में पूरे उत्साह और जोशो-खरोश के साथ जनचेतना यात्रा जारी है।
इस दौरान आरएसएस-भाजपा और कॉरपोरेट के नापाक गठबंधन से आम जनता की तबाही और विभाजनकारी नीतियों के खिलाफ जनता में जगह-जगह आक्रोश देखा जा रहा है। कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में भागीदारी के साथ अडानी-अंबानी-मोदी गठजोड़ के खिलाफ एक निर्णायक आह्वान हो रहा है।

बिहार में पटना कन्वेन्शन के बाद गया से रोहतास के रास्ते, जन चेतना यात्रा द्वारा 15 दिसंबर को कोंच, दाऊद नगर, गोरारी और नासरीगंज में जुलूस एवं सभाओं का आयोजन किया गया। जोशीले भाषण, क्रांतिकारी गीत और नारों के बीच बिहार के गम्भीर बेरोज़गारी के संकट और भाजपा सरकार के विभाजनकारी नीतियों पर यात्रा के प्रतिनिधियों ने पुरज़ोर तारिके से बात रखी गई।

फासीवादी और कॉर्पोरेट आक्रमण के खिलाफ, कोलकाता से बनारस तक जन चेतना यात्रा के तहत 6 दिसंबर बामरी मस्जिद ध्वंस दिवस पर कोलकाता के धर्मतल्ला में प्रतिरोध सभा और शहर में जन रैली के साथ उद्घाटन कार्यक्रम हुआ। इसके बाद यात्रा हुगली और बर्धमान जिलों के विभिन्न शहरों में अभियान और कार्यक्रम करते हुए हुगली के उत्तरपाड़ा से बाँकुरा जिले के बर्जोरा और बेलियातोरा से गुजरते हुए पश्चिम बर्धमान के दुर्गापुर, आसनसोल इलाकों से होते हुए पश्चिम बंगाल में जन चेतन यात्रा का सफ़र 10 दिसम्बर को समाप्त हुआ। 11 दिसम्बर को यात्रा झारखंड के धनबाद में पहुँचा।
झारखंड के धनबाद में दो दिनी अभियान के बाद 13 दिसंबर को जनचेतना यात्रा के तहत पटना के गांधी संग्रहालय में विभिन्न जनवादी, प्रगतिशील एवं क्रांतिकारी संगठनों द्वारा फासीवादी और नव उदारवादी हमले के खिलाफ एक कन्वेंशन का आयोजन किया गया और गांधी संग्रहालय के मुख्य द्वार से भगत सिंह चौक (गांधी मैदान) तक जोरदार मार्च निकाली गई।
पटना कन्वेंशन के बाद 14 दिसम्बर, 2023 को शहीद स्मारक पर शहीदों को माल्यार्पण करने के साथ जन चेतना यात्रा बिहार के गया जिले में प्रस्थान कर गई। वहाँ से रोहतास जिले यात्रा पहुंची।
इस दौरान जनता के मुलभुत मुद्दों, वास्तविक जनवाद का सवाल, लोकतंत्र, प्रगति और समानता की लड़ाई को मजबूत करने के लिए आवाज़ बुलंद करते हुए अडानी-अंबानी-मोदी गठजोड़ के खिलाफ निर्णायक आह्वान हो रहा है। कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में मज़दूर-मेहनतकशों, किसानों और छात्र-युवाओं की बड़ी भागीदारी हो रही है।

उल्लेखनीय है कि फासीवादी और नवउदारवादी हमले से लड़ने, लोकतंत्र, समानता और प्रगति के लिए संघर्ष को मजबूत करने और विकसित करने के लिए, बाबरी विध्वंस दिवस 6 दिसम्बर को कोलकता से शुरू 19 दिवसीय यह यात्रा बंगाल, झारखंड, बिहार के बाद उत्तर प्रदेश में प्रवेश करेगी और 20 दिसम्बर को बनारस में यात्रा का समापन होगा।
यह यात्रा बंगाल, झारखंड, बिहार व उत्तर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत तमाम क्रन्तिकारी वामपंथी और जनवादी संगठनो व न्यायप्रिय नागरिकों के साझे प्रयास के रूप में जारी है।