जबलपुर: नगर निगम हड़ताल, धरना, सभी प्रदर्शनों पर लगाई रोक, क्रंचरियों में रोष

कर्मचारी संघ के नेता ने कहा कि नेशनल लोक अदालत और सीएम जन अभियान की आड़ में कर्मचारियों की आवाज दबाने की निगम प्रशासन की कोशिश हमें मंजूर नही है।
स्वच्छ सर्वेक्षण 2023, मुख्यमंत्री जनसेवा अभियान और दिनांक 13 मई को आयोजित लोक अदालत के कार्यों में व्यवधान उत्पन्न न हो, इसके लिए जबलपुर नगर निगम कमिश्नर ने एक आदेश जारी किया है कि 31 मई तक हड़ताल, धरना, एवं समस्त प्रकार के कर्मचारी किसी भी प्रकार का प्रदर्शन नही करेंगे, उनके सभी प्रदर्शनों पर रोक लगाई गई है। निगम प्रशासन द्वारा एक आदेश जारी कर नगर निगम के सभी पंजीकृत, कर्मचारी यूनियन, संघ एवं एसोसिएशन को निर्देशित भी किया है।
जबलपुर नगर निगम कमिश्नर स्वप्निल वानखेड़े ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि भारत सरकार एवं राज्य शासन द्वारा स्वच्छ सर्वेक्षण अभियान 2023, मुख्यमंत्री जन सेवा अभियान द्वितीय चरण एवं लोक अदालत का आयोजन संबंधी कार्य चल रहे हैं, इन सभी कार्यों में कोई व्यवधान उत्पन्न न हो इसके लिये निगम प्रशासन ने आदेश जारी किया है।
निगम प्रांगण एवं नगरीय सीमा क्षेत्र में हड़ताल-प्रदर्शन एवं धरना न करने के लिए पंजीकृत संघों को निर्देशित किया गया है। आदेश में यह भी कहा गया है कि लोक अदालत की कार्यवाही न होने से यह कृत्य न्यायालय की अवमानना होगी।
नगर निगम कमिश्नर के इस आदेश को कर्मचारी संघ ने तुगलकी बताया है और निगम के इस आदेश के खिलाफ कर्मचारी संगठन ने मोर्चा भी खोल दिया है। कर्मचारी संघ के नेता राम दुबे का कहना है कि नेशनल लोक अदालत और सीएम जन अभियान की आड़ में कर्मचारियों की आवाज दबाने की निगम प्रशासन कोशिश कर रहा है जो कि हमें मंजूर नही है। कर्मचारी नेता राम दुबे का कहना है कि आखिर नगर निगम कमिश्नर को हड़ताल, धरना प्रदर्शन पर रोक लगाने का अधिकार किसने दिया है।
जबलपुर नगर निगम कमिश्नर स्वप्निल वानखेड़े के आदेश को लेकर अब कर्मचारियों में आक्रोश पनप रहा है। कर्मचारी नेता का कहना है कि हमने अपनी मांगों को लेकर 2 दिन पहले ही अपर आयुक्त से इस बात को लेकर ज्ञापन सौंपा था जिसमें हमने कहा था कि यदि हमारी मांगे नहीं मानी जाती हम 17 मई से हड़ताल करेंगे।
कर्मचारी नेता राम दुबे ने आरोप लगाया है कि हमारे द्वारा पत्र और अल्टीमेटम देने के दो दिन बाद आखिर सुनियोजित तरीके से यह आदेश क्यों जारी किया गया हम जानते है, कर्मचारी नेता राम दुबे का कहना है कि, हम इस तरह के आदेश से हम डरने वाले नहीं हैं, हमारी मांगे 17 तारीख तक पूरी नहीं होती है तो हम निश्चित तौर पर हड़ताल पर जाएंगे।
कर्मचारी नेता संघ का कहना है कि संघ इस तरह की धमकियों से डरने वाला नहीं है। मांगे नहीं मानी जाती है तो न केवल धरना प्रदर्शन होगा बल्कि पूरे जबलपुर में आंदोलन किया जाएगा।
दैनिक भास्कर से साभर