इंदौर: हुकुमचंद मिल मजदूरों का केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन, सालों से बकाया राशि भुगतान की माँग

30 साल से लगातार आंदोलनरत मजदूरों ने बकाया राशि ब्याज सहित देने की मांग करते हुए राज्य एवं केंद्र सरकार के प्रति रोष जताया। 7 अगस्त के बाद आंदोलन करेंगे तेज।
हुुकुमचंद मिल मजदूरों की सालों से बकाया राशि नहीं मिलने से मजदूरों व उनके परिवारों में काफी रोष है। इसे लेकर रविवार को मजदूरों की एक बैठक मिल परिसर मेंं हुई। इस दौरान सभी ने एक स्वर में केंद्र सरकार के खिलाफ रोष जताया और जमकर नारेबाजी की। उन्होंने चेतावनी दी कि 7 अगस्त को कोर्ट में सुनवाई है। अगर हमारी समस्या हल नहीं हुई तो सड़कों पर चक्काजाम कर चरणबद्ध आंदोलन करेंंगे।
ये मजदूर 30 साल से ज्यादा समय से अपनी बकाया राशि को लेकर लगातार आंदोलन कर रहे हैं। 30 जुलाई को उनकी यह 1629वीं साप्ताहिक बैठक थी। इसमें मजदूरों ने अपने बकाया राशि ब्याज सहित देने की मांग करते हुए राज्य एवं केंद्र सरकार के प्रति रोष जताया। बैठक को हरनामसिंह धालीवाल, नरेंद्र श्रीवंश व किशनलाल बोकारे ने संबोधित करते हुए कहा कि सरकार मजदूरों की ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है। दूसरी ओर सरकार वोटों के लिए सरकारी खजाने से पानी की तरह पैसा बहा रही है। मिल मजदूर अपने हक का पैसा ही मांग रहे हैं उन्हें देने में आनाकानी कर रही है।
मजदूर नेताओं ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि 7 अगस्त को सुनवाई है। इसमें अगर सरकार कोई ठोस तथ्य पेश नहीं करती पेश नहीं करती है तो मजदूर आंदोलन करने के लिए सड़कों पर उतरेंगे। इसमें चक्काजाम, विधायक-मंत्रियों का घेराव, धरना प्रदर्शन, रैली, भूख हड़ताल, इंदौर बंद जैसे आंदोलन करेंंगे। सभा का संचालन सुधाकर काम्बले ने किया।
दैनिक भास्कर से साभार