रूसी सेना की गोलाबारी में भारतीय छात्र की मौत; हजारों भारतीय अभी भी खारकीव में फंसे हैं

पीएम चुनाव में व्यस्त हैं। विदेश मंत्रालय ने बेशर्मी से ट्वीट किया, ‘अत्यंत दुख के साथ हम पुष्टि करते हैं कि आज सुबह खारकीव में गोलाबारी में एक भारतीय छात्र की जान चली गई।’
युद्ध प्रभावित यूक्रेन के खारकीव शहर में मंगलवार सुबह गोलाबारी में एक भारतीय छात्र की मौत हो गई, जो कर्नाटक का निवासी था। रूस के हमले के बाद यूक्रेन में जारी युद्ध में यह किसी भारतीय व्यक्ति की मौत का पहला मामला है।
कई भारतीय अभी भी खारकीव में फंसे हुए हैं, जहां रूस ने एक बड़ा सैन्य आक्रमण शुरू किया है। खारकीव शहर में यूक्रेनी सैनिकों और रूसी सेना के बीच भीषण लड़ाई हो रही है।
मृतक छात्र कर्नाटक का था
रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय छात्र की पहचान कर्नाटक के 20 वर्षीय नवीन शेखरप्पा ज्ञानगौदर के रूप में हुई है। वह खारकीव नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में चौथे वर्ष के मेडिकल छात्र थे। वे हावेरी जिले के चलगेरी के मूल निवासी थे।
नवीन के हॉस्टल में रहने वाले श्रीधरन गोपालकृष्णन ने कहा, यूक्रेन के समयानुसार आज सुबह करीब 10:30 बजे नवीन की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वह एक किराना दुकान के सामने कतार में खड़े थे, तभी रूसी सेना ने लोगों पर गोलियां चला दीं। उनके शव के बारे में हमें कोई जानकारी नहीं है। हम में से कोई भी अस्पताल जाने में सक्षम नहीं था, शायद शव को अभी वहां रखा गया है।
विदेश मंत्रालय ने बेशर्मी से ट्वीट किया, ‘अत्यंत दुख के साथ हम पुष्टि करते हैं कि आज सुबह खारकीव में गोलाबारी में एक भारतीय छात्र की जान चली गई।’ मंत्रालय ने कहा कि ‘हम परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं।’
फंसे छात्रों से भारतीय दूतावास ने संपर्क नहीं किया
रूस के हमले के बीच यूक्रेन में गोलाबारी में मारे गए कर्नाटक के छात्र नवीन शेखरप्पा के पिता ज्ञानगौदर ने मंगलवार को आरोप लगाया कि यूक्रेन के खारकीव में फंसे भारत के छात्रों से भारतीय दूतावास से किसी ने संपर्क नहीं किया।
उसके चाचा उज्जनगौड़ा ने दावा किया कि नवीन कर्नाटक के अन्य छात्रों के साथ खारकीव के एक बंकर में फंसे हुए थे। वह सुबह में मुद्रा बदलवाने और खाने का सामान लेने गए थे तभी गोलाबारी की चपेट में आ गया और उनकी मौत हो गई।
उज्जनगौड़ा ने कहा कि मंगलवार को ही उसने अपने पिता से फोन पर बातचीत की थी और बताया था कि बंकर में खाने-पीने को कुछ नहीं है। चालगेरी स्थित पीड़ित के घर पर उसकी मौत की खबर के बाद से मातम पसरा है और बड़ी संख्या में लोग उसके परिवार को दिलासा देने के लिए पहुंच रहे हैं।
पूर्वी यूक्रेन में भारतीय छात्र मुश्किल स्थिति में हैं : भारत लौटे छात्र
एअर इंडिया एक्सप्रेस का एक विमान यूक्रेन में फंसे 182 भारतीय को रोमानिया की राजधानी बुखारेस्ट से लेकर मंगलवार सुबह मुंबई पहुंचा। यूक्रेन के पश्चिमी हिस्सों में फंस गए भारतीय छात्रों ने देश लौटने के बाद अपने अनुभव साझा किए और पूर्वी यूक्रेन में फंसे छात्रों की मदद की गुहार लगाई।
इनमें से एक निशी मल्कानी ने मुंबई हवाई अड्डे पर पत्रकारों से कहा, ‘हम कई दिन तक अपने हॉस्टल में छुपे थे और फिर पश्चिमी सीमा पर पहुंचे। यूक्रेन के पूर्वी हिस्सों में शैक्षणिक संस्थानों में हजारों छात्रों को गंभीर स्थिति का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि वहां से सड़क पर निकलना बेहद मुश्किल है।’ कहा, ‘उन छात्रों की सुरक्षित वापसी के लिए और प्रयास किए जाने चाहिए।’
यूक्रेन से मंगलवार को लौटी एक अन्य छात्रा पूर्वा पाटिल ने कहा, ‘पहले हमें छात्रावास में रहने को कहा गया फिर बंकर में हमने पनाह ली। वहां काफी ठंड थी तापमान दो डिग्री सेल्सियस के आसपास था। रोमानिया सीमा तक पहुंचने के लिए हमें लगभग 10 किलोमीटर पैदल चलना पड़ा।’
सात बच्चों सहित कम से कम 102 नागरिकों की मौत
रिपोर्ट के अनुसार, यूक्रेनी अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि जब एक विशाल रूसी सैन्य काफिला राजधानी कीव के पास पहुंचा तो रूसी रॉकेट हमले में 70 से अधिक यूक्रेनी सैनिक और ‘बर्बर’ गोलाबारी में दर्जनों नागरिक मारे गए।
संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि यूक्रेन में रूसी आक्रमण शुरू होने के बाद से सात बच्चों सहित कम से कम 102 नागरिकों की मौत हो गई है। इस बीच संकटग्रस्त यूक्रेन यूरोपीय संघ में शामिल होने के लिए आवेदन करके पश्चिम के साथ अपने संबंधों को मजबूत करने के लिए आगे बढ़ा।