छत्तीसगढ़: अधिकारी, कर्मचारी, शिक्षकों ने की एक दिवसीय हड़ताल; 1 अगस्त से बेमियादी हड़ताल

5 सूत्रीय माँग। कृषि महाविद्यालय, संयुक्त संचालक, पालिटेक्निक, इंजीनियरिंग कॉलेज, मेंटल हास्पिटल, रोजगार कार्यालय समेत अन्य विभाग के शिक्षक-कर्मचारी शामिल रहे।
बिलासपुर। महंगाई भत्ता, सातवें वेतनमान के आधार पर गृह भाड़ा सहित पांच सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेश के अधिकारी-कर्मचारियों ने एक बार फिर से एक दिवसीय आंदोलन किया। शुक्रवार की सुबह से सरकारी विभागों के कार्यालयों में ताले लटकते मिले। काम-काज पूरी तरह ठप रहा।
संयक्त मोर्चा संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्रदेश के विभिन्न कर्मचारी संगठनों द्वारा समय-समय पर ज्ञापन, धरना प्रदर्शन एवं आंदोलन के माध्यम से डीए, एचआरए सहित पांच सूत्रीय मांगों के संबंध में शासन का ध्यानाकृष्ट कराया जाता रहा है। शासकीय अधिकारी, कर्मचारी और शिक्षकों ने एकजुट होकर शुक्रवार को एक दिवसीय काम बंद आंदोलन किया। इस हड़ताल की जानकारी पहले से प्रशासन को दे दी गई है। एक दिवस का सामूहिक अवकाश लेकर ब्लाक, तहसील व जिला मुख्यालय में धरना प्रदर्शन एवं रैली का आयोजन किया गया। हड़ताल को लेकर संयुक्त मोर्चा द्वारा जिले के कृषि महाविद्यालय, संयुक्त संचालक कृषि, कृषि अभियांत्रिकी महिला पालिटेक्निक, पुरुष पालिटेक्निक, इंजीनियरिंग महाविद्यालय, मेंटल हास्पिटल, रोजगार एवं पंजीयन कार्यालय, संचालक समेत अन्य विभाग के कर्मचारी आंदोलन में शामिल हैं।
छठवें वेतनमान के आधार पर देव गृह भाड़ा भत्ते को सातवें वेतनमान के आधार पर पुनरीक्षित करने। राज्य के कर्मचारियों एवं पेंशनरों को केन्द्र के सामान देव तिथि से महंगाई भत्ता स्वीकृत करने। पिंगुआ कमेटी एवं सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव की अध्यक्षता में वेतन विसंगति हेतु गठित समिति की रिपोर्ट को सार्वजनिक करने। कांग्रेस पार्टी के जन घोषणा पत्र के क्रियान्वयन करते समस्त कर्मचारियों को चार स्तरीय वेतनमान, अनियमित संविदा एवं दैवेभो को नियमित करने। पुरानी पेंशन में प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना की जावे एवं पूर्ण पेंशन का लाभ अहंतादायी सेवा 33 वर्ष के स्थान पर 25 वर्ष करें।
संयुक्त मोर्चा संघ ने शासन को याद दिलाने के लिए शुक्रवार को एक दिवसयी आंदोलन किया। यह आंदोलन सिर्फ सरकार को जानकारी देने के लिए किया गया। इसके बावजूद शासन द्वारा कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो एक अगस्त से सभी अधिकारी व कर्मचारी अनिश्चित कालीन आंदोलन करने की चेतावनी दी है। इस दौरान काम पूरी तरह से बंद रहेगा।
एक दिवसीय आंदोलन के कारण विभाग बंद रहा। इसके कारण आम जनता काम निपटाने के लिए विभाग पहुंचे। लेकिन स्टाफ नहीं होने के कारण काम नहीं हो पाया। जिससे आम जनता परेशान हुए। पूछताछ में उन्हें पता चला कि सभी स्टाफ हड़ताल पर हैं। फिर उदास होकर वापस लौट गए।
नई दुनिया से साभार