और महँगे होंगे मोबाइल फोन

जीएसटी काउंसिल ने मोबाइल फोन, उसके पार्ट्स और हैण्ड मेड माचिस पर जीएसटी दर बढ़ाने का लिया फैसला
नई दिल्ली, 14 मार्च। मोदी सरकार ने पहले से ही महँगाई से त्रस्त जनता को महँगाई का एक और तोहफा दे दिया। जीएसटी काउंसिल की 39वीं बैठक में आज मोबाइल फोन और उसके पार्ट्स पर जीएसटी 12 से बढ़ाकर 18 फीसदी करने का फैसला किया गया। साथ ही हाथ से निर्मित माचिस पर जीएसटी 5 से बढाकर 12 फीसदी कर दिया है।
जाहिर सी बात है कि मोबाइल फोन खरीदना पहले के मुकाबले अब महँगा हो जाएगा। ये आम लोगों के लिए किसी झटके से कम नहीं है। कोरोना वायरस की वजह से पहले ही इसकी कीमत में तेजी आने की आशंका है। बता दें कि चीन से सप्लाई प्रभावित होने के कारण ज्यादार ब्रांड के मोबाइल फोन महंगे हो रहे हैं।
निर्मला सीतरमण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा, “मोबाइल फोन पर जीएसटी 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 18 प्रतिशत किया जा रहा है। कुछ खास पार्ट्स पर भी जीएसटी 18 फीसदी किया गया है। आज की बैठक में हुए सभी फैसले 1 अप्रैल 2020 से लागू होंगे।”
मोबाइल फोन के अलावा, अब सभी तरह की माचिस पर भी 12% जीएसटी लगाने का फैसला किया गया है। पहले हैंड मेड माचिस पर 5 फीसदी और अन्य पर 18 फीसदी का जीएसटी लगता था।
वित्त मंत्री ने बताया कि परिषद ने विमानों के रखरखाव, मरम्मत, ओवरहॉल (एमआरओ) सेवाओं पर जीएसटी की दर को 18 से घटाकर पांच प्रतिशत कर दिया है।
जीएसटी परिषद की इस बैठक में दो करोड़ रुपये से कम कारोबार वाली इकाइयों को वित्त वर्ष 2017-18, 2018-19 के लिए वार्षिक रिटर्न भरने में देरी पर लागू विलम्ब-शुल्क को माफ करने का फैसला किया गया है। वित्त मंत्री ने बताया कि एक जुलाई से जीएसटी भुगतान में देरी पर शुद्ध कर देनदारी पर ब्याज लगाया जाएगा।