देशभर में मई दिवस पर हुए विविध आयोजन: मज़दूरों के हक़ पर डाका डालने की मुखालफ़त

झंडारोहण, सभा, जुलूस व सांस्कृतिक आयोजनों की रही धूम। शहादत व कुर्बानियों को किया गया याद। रुद्रपुर में प्रशासन द्वारा अनुमति न देने पर हाईकोर्ट के आदेश हुई सभा।

अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस 1 मई को देश और दुनिया के विभिन्न हिस्सों में मज़दूरों ने अलग-अलग रूपों में मनाया। इस दौरान मई 1886 में अमेरिका के शिकागो शहर में 8 घंटे काम की मांग को लेकर हुए जुझारू आंदोलन, तमाम मज़दूर नेताओं की शहादत व कुर्बानियों को याद किया गया और आज के दौर में मजदूरों के हक पर डाका डालने की मुखालफत करते हुए मई दिवस की परंपरा को आगे बढ़ाने का संकल्प बंधा।

वही उत्तराखंड के रुद्रपुर में जिला प्रशासन व पुलिस ने चुनाव आचार संहिता के बहाने मई दिवस मनाने की अनुमति नहीं दी थी। इसके बाद श्रमिक संयुक्त मोर्चा ऊधम सिंह नगर ने उच्च न्यायालय नैनीताल में याचिका डाली और वहां से मिली अनुमति के आधार पर उत्साह के साथ मजदूरों ने मई दिवस आयोजन किया।

मई दिवस का ऐतिहासिक महत्व

इस दौरान विभिन्न स्थानों पर हुई सभा में वक्ताओं ने मजदूर दिवस के ऐतिहासिक महत्व पर बात रखी। ‘8 घंटे के कार्यदिवस’ की मांग को लेकर 1886 में शिकागो के मजदूरों के बहादुराना संघर्ष की याद में मई दिवस की नींव पड़ी। 4 मई को अमेरिका के ‘हे मार्केट’ में निहत्थे मजदूरों के खून से सड़कों को लाल कर दिया गया। 4 मज़दूर नेताओं को फांसी पर चढ़ाया गया। लेकिन इस कुर्बानी ने मज़दूरों को मई दिवस और लाल झण्डा दिया।

मज़दूर वर्ग पर हमले तेज

वक्ताओं ने कहा कि 1886 में हमारे पूर्वजों ने अपना बलिदान देकर श्रमिकों के लिए 8 घंटे का कार्य दिवस हासिल किया था। जिसे आज देश की मोदी सरकार छीनकर 12 घंटे का कार्य दिवस लागू करने का कानून बना रही है। भाजपा और कांग्रेस की आर्थिक नीतियों में कोई भी बुनियादी फर्क नहीं है। दोनों ही पार्टियों बहुराष्ट्रीय निगमों और पूंजीपतियों के लिए काम करती हैं।

जुझारू संघर्ष पर जोर

वक्ताओं ने भारत में मजदूरों-कर्मचारियों की दुर्दशा पर रोष व्यक्त किया। मोदी सरकार द्वारा जारी मजदूर विरोधी चार श्रम संहिताओं को रद्द कराने, निजीकरण, छंटनी, बंदी, गैरकानूनी ठेका प्रथा, स्थाई की जगह फिक्स्ड टर्म नौकरी, बुनियादी अधिकारों पर हमले, महंगाई, बेरोजगारी, नफ़रत की राजनीति आदि के खिलाफ जुझारू संघर्ष पर जोर दिया गया।

वक्ताओं ने देश में बढ़ रहे फासीवाद के खतरे के प्रति सचेत रहते हुए संघर्ष करने पर जोर दिया। सभाओं में धर्म-जाति-क्षेत्र-लिंग के आधार पर बंटने के खिलाफ मजदूर-मेहनतकशों की मजबूत एकता बनाने पर जोर दिया।

देश के विभिन्न हिस्सों में कार्यक्रमों की झलक-

दिल्ली:

मज़दूर सहयोग केन्द्र से जुड़ी संग्रामी घरेलू कामगार यूनियन की पहल पर वसंत कुंज झुग्गी बस्ती में घरेलू कामगारों ने मनाया मई दिवस!

हरियाणा:

गुड़गांव:

मज़दूर सहयोग केन्द्र द्वारा 28 अप्रैल को गुड़गांव के उद्योग विहार और मानेसर में, 1 मई की सुबह कापसहेड़ा में; शाम को सोहना औद्योगिक क्षेत्र में एमएमटीसी प्लांट और पास में पर्चा वितरण, नुक्कड़ सभा आदि द्वारा प्रचार अभियान चला। अभियान के विभिन्न चित्र-

1 मई की दोपहर में कमला नेहरू पार्क गुड़गांव में ट्रेड यूनियनों का संयुक्त कार्यक्रम हुआ जिसमे मारुति संघ, ऑटोमोबाइल यूनियन, आशा, आंगनवाड़ी, सफाई कर्मचारी यूनियन और सेंट्रल ट्रेड यूनियनों के साथ मज़दूर सहयोग केन्द्र ने भी भागीदारी निभाई।

इंकलाबी मजदूर केंद्र और प्रगतिशील महिला एकता केंद्र ने फर्रूखनगर, गुड़गांव क्षेत्र में प्रभात फेरी निकाली।

निगदू, जिला करनाल में मनरेगा मजदूर यूनियन, जन संघर्ष मंच हरियाणा, निर्माणकार्य मजदूर मिस्त्री यूनियन के सदस्यों ने गांव के रविदास मंदिर निकट अनाज मंडी में मजदूरों की एक सभा का आयोजन किया।

पेहवा में मनरेगा मजदूर यूनियन की जिला इकाई द्वारा पेहवा में मजदूरों की सभा की गई।

कैथल। जन संघर्ष मंच हरियाणा, मनरेगा मजदूर यूनियन, निर्माण कार्य मजदूर मिस्त्री यूनियन और मनरेगा मजदूर एकता मंच हरियाणा के संयुक्त तत्वावधान में डॉ. भीमराव अम्बेडकर भवन ढाण्ड परिसर में एक जनसभा का आयोजन किया गया।

गोहाना (सोनीपत)। जन संघर्ष मंच हरियाणा और निर्माणकार्य मजदूर मिस्त्री यूनियन द्वारा सभा आयोजित हुई।

कुरुक्षेत्र। निर्माणकार्य मजदूर-मिस्त्री यूनियन व जन संघर्ष मंच हरियाणा ने संयुक्त रूप से कुरुक्षेत्र के स्थानीय लेबर चौकों पर मजदूर सभाएं की व मई दिवस के शहीदों के सम्मान में नारे लगाते हुए कुरुक्षेत्र शहर के पुराना बाजार से बाइक रैली निकाली।

फरीदाबाद। इंकलाबी मजदूर केंद्र द्वारा आजाद चौक के चंद्रिका प्रसाद समुदायिक भवन में एक कार्यक्रम हुआ, सामुदायिक भवन से डाबरी चौक तक जुलूस निकाला।

उत्तराखंड:

रुद्रपुर। प्रशासन द्वारा रोकने के प्रयासों के बावजूद रुद्रपुर में मई दिवस उत्साह से मना। प्रशासन द्वारा अनुमति नहीं देने पर हाईकोर्ट के आदेश से श्रमिक संयुक्त मोर्चा के आवाहन पर सिडकुल पंतनगर के नेस्ले चौक पर आम सभा हुई।

कार्यक्रम में मज़दूर सहयोग केंद्र, एक्टू, इंकलाबी मजदूर केंद्र, भारतीय किसान यूनियन, नेस्ले कर्मचारी संगठन, राने मद्रास यूनियन, बजाज मोटर्स, यजाकी यूनियन, पीडीपीएल यूनियन, मंत्री मेटल यूनियन, भगवती इम्पालाइज यूनियन, ऑटो लाइन यूनियन, इंटरार्क यूनियन पंतनगर व किच्छा, जाईडस कॉन्ट्रैक्ट यूनियन, बेलराइस बड़वे यूनियन, नील मेटल कामगार संगठन, एडविक कर्मचारी संगठन, वोल्टास यूनियन, एएलपी यूनियन, एलजीबी यूनियन, रॉकेट रिद्धि सिद्धि कर्मचारी संघ, एडिएंट यूनियन, कारोलिया लाइटिंग यूनियन, पारले मज़दूर संघ आदि सिडकुल की विभिन्न यूनियनों ने भागीदारी की।

पंतनगर। इंकलाबी मजदूर केंद्र एवं ठेका मजदूर कल्याण समिति पंतनगर द्वारा परिसर में मजदूर बस्तियों से होते हुए शहीद स्मारक तक जुलूस निकाला गया और सभा की गई। जिसमें प्रगतिशील महिला एकता केंद्र ने भी भागीदारी की।

रामनगर में मई दिवस आयोजन समिति के तत्वाधान में संघ भवन पर हुई सभा को इंकलाबी मज़दूर केंद्र, प्रगतिशील महिला एकता केंद्र, उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी, शिक्षक-कर्मचारी संघ, परिवर्तनकामी छात्र संगठन, आइसा, समाजवादी लोक मंच इत्यादि के प्रतिनिधियों ने सम्बोधित किया। शहीद पार्क तक जुलूस निकाला गया।

रामनगर में समाजवादी लोकमंच कार्यालय पर 30 अप्रैल को झंडारोहण कार्यक्रम में समाजवादी लोकमंच, उपपा, इंकलाबी मजदूर केन्द्र, ठेका मजदूर कल्याण समिति, महिला एकता मंच ने भागीदारी की।

हरिद्वार में मई दिवस आयोजन समिति द्वारा शिवालिक नगर चौक पर आम सभा की गई जुलूस चिन्मय डिग्री कॉलेज तक निकली।

संयुक्त संघर्षशील ट्रेड यूनियन मोर्चा हरिद्वार, फूड्स श्रमिक यूनियन आईटीसी, इंकलाबी मजदूर केंद्र, प्रगतिशील महिला एकता केंद्र, क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन, देवभूमि श्रमिक संगठन (HUL), भेल मजदूर ट्रेड यूनियन, सीमेंस वर्कर्स यूनियन, एवरेडी मजदूर यूनियन, एवरेस्ट इंडस्टरीज मजदूर यूनियन, प्रगतिशील भोजन माता संगठन, सत्यम ऑटो, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल कार्मिक वेलफेयर एसोसिएशन हरिद्वार, जन अधिकार संगठन, राजा बिस्कुट आदि के लोग उपस्थित रहे।

हल्द्वानी में विभिन्न सामाजिक संगठनों और ट्रेड यूनियनों ने मिलकर रोडवेज परिसर में ‘मई दिवस आयोजन संयुक्त समिति’ के साझा मंच के जरिये कार्यक्रम किया।

कार्यक्रम में रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद, प्रगतिशील भोजनमाता यूनियन, सनसेरा श्रमिक संगठन, उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन, बीमा कर्मचारी संघ, एक्टू, भाकपा (माले), परिवर्तनकामी छात्र संगठन, क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन, जनवादी लोक मंच, क्रांतिकारी किसान मंच, अखिल भारतीय किसान महासभा आदि वक्ताओं ने बात रखी।

अल्मोड़ा: अंतराष्ट्रीय श्रमिक दिवस पर उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के कार्यालय में संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

देहरादून में उत्तराखंड संयुक्त मई दिवस समारोह समिति की ओर से आयोजित मुख्य कार्यक्रम के तहत गांधीपार्क में सभा हुई और घंटाघर, पलटन बाजार, धामा वाला, राजा रोड, गांधी रोड, दर्शन लाल चौक से राजपुर रोड की ओर से होते हुए गांधी पार्क तक रैली निकली।

पश्चिम बंगाल:

पश्चिम बंगाल के विभिन्न हिस्सों में एसडब्लूसीसी और उससे जुड़ी यूनियनों द्वारा संयुक्त रूप से मई दिवस आयोजन हुआ। वहीं मज़दूर क्रांति परिषद (एमकेपी) द्वारा भी विभिन्न आयोजन हुए।

पूर्व बर्धमान में एसडब्लूसीसी व सरकार एग्रो पॉलट्रिस प्राइवेट लिमिटेड श्रमिक यूनियन द्वारा कार्यक्रम-

पूर्व बर्धमान जिले के औषग्राम में एमकेपी द्वारा आयोजन-

हावड़ा में बाउरिया कॉटन मिल प एसडब्लूसीसी द्वारा कार्यक्रम-

हावड़ा में एमकेपी द्वारा झंडारोहण व चर्चा-

कोलकाता:

एसडब्लूसीसी व होजरी यूनियन द्वारा आयोजन-

एसडब्लूसीसी व डीलेवरी वाइस (गिग वर्कर) यूनियन की पहलकदमी-

एसडब्लूसीसी से जुड़ी आईटी यूनियन द्वारा कॉलेज मोर, सेक्टर-v में शाम को रैली का आयोजन हुआ।

मुर्शिदाबाद में एसडब्लूसीसी की टीम द्वारा सांस्कृतिक आयोजन व सभा-

सुंदरबन:

एमकेपी द्वारा गोसबा, सुंदरबन में आयोजन-

एमकेपी द्वारा जोगेशगंज, सुंदरबन में कार्यक्रम-

हूग़ली:

हुगली जिले के शियाखला में एमकेपी द्वारा झंडारोहण व सभा-

उत्तरपाड़ा में एमकेपी कि ओर से कार्यक्रम-

पुरुलिया में लाल झण्डा मज़दूर यूनिया (एसएस) द्वारा आयोजन-

दार्जिलिंग:

हिल प्लांटेशन एम्प्लॉइज यूनियन (एचपीईयू) की स्थापन की पहली सालगिरह पर दार्जिलिंग में मार्गरेट होप टी कमांड में कार्यक्रम आयोजित। दूसरी ओर, कालिम्पोंग जिला अंतर्गत अंबिओक टी कमांड में यूनियन ने कार्यक्रम किया।

इस दौरान सभा में दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, तराई और डुवार्स के चाय बागानों में श्रमिक अधिकार और घातक श्रमिक विरोधी श्रम कानून पर चर्चा हुई।

सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित हुए।

राजस्थान:

जयपुर में क्रांतिकारी नौजवान सभा (KNS) द्वारा झालाना कच्ची बस्ती में जगह-जगह नुक्कड़ सभा, मज़दूर स्थिति पर सर्वे और गीत पेश करके मनाया गाया।

पंजाब:

लुधियाणा के औद्योगिक मज़दूर संगठन टेक्सटाइल-हौज़री कामगार यूनियन, कारखाना मज़दूर यूनियन और नौजवान भारत सभा के सहयोग से मज़दूर लाइब्रेरी, ई.डब्ल्यू.एस. कॉलोनी लुधियाणा में ‘मज़दूर दिवस सम्मेलन’ आयोजित किया गया और जुलूस निकला।

बिहार:

रोहतास। ग्रामीण मजदूर यूनियन, बिहार और इंकलाबी निर्माण कामगार यूनियन, बिहार ने अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस पर सासाराम रोहतास में सभा किया।

उत्तर प्रदेश:

कानपुर। मई दिवस पर IIT कानपुर में जन चेतना कला मंच द्वारा नुक्कड़ नाटक एंव जन गीत प्रस्तुत किया गया।

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