अमृतसर: दवा फैक्ट्री क्वालिटी फार्मास्युटिकल में भीषण आग, महिला सहित चार श्रमिकों की मौत

दवा फैक्ट्री में केमिकल के ड्रमों में आग लगने से अचानक धमाकों से मजदूरों के मौत होने की जानकारी मिली हैं। फैक्ट्री में घटना के वक़्त करीब 1600 मजदूर मौजूद थे
पंजाब के अमृतसर में दवा फैक्ट्री में लगी आग में मरने वालों की गिनती 4 हो गई है। रात 12 बजे के करीब 4 लाशों को फैक्ट्री से बाहर निकाला लिया गया। जबकि आग तकरीबन 2 बजे बुझा ली गई है। मरने वालों में एक महिला है, जिसकी पहचान 22 वर्षीय रानी के तौर पर हुई है। जबकि अन्य की पहचान पारथवाला निवासी सुखजीत, वेरका निवासी गुरभेज और नाबालिग 17 वर्षीय कुलविंदर सिंह के तौर पर हुई है।
अमृतसर के मजीठा के अंतर्गत आते गांव नाग कलां में क्वालिटी फार्मास्युटिकल में तकरीबन शाम 4.30 बजे के करीब आग लगी थी। जिस समय ये घटना हुई, उस वक्त शिफ्ट बदलने वाली थी और अधिकतर कर्मचारी निकलने की तैयारी में थे। आग लगने के बाद सभी साथी तुरंत बाहर की और भाग गए। जबकि मरने वाले चारों कर्मचारी बचने के लिए ऊपरी मंजिल में चले गए। लेकिन बिल्डिंग में रखे 500 अल्कोहल के ड्रमों ने स्थिति को बिगाड़ दिया। फायर ब्रिगेड विभाग के अधिकारियों ने बताया कि रात 15 गाड़ियों को आग पर काबू पाने के लिए लगाया गया था। हर गाड़ी तकरीबन 4 बार पानी भरकर वापस घटनास्थल पर पहुंची है।
परिवार इकट्ठे हुए तो शुरू हुआ रेस्क्यू
हैरानी की बात है कि फायर ब्रिगेड व फैक्ट्री प्रशासन देर रात तक यही सोचता रहा कि सभी निकल चुके हैं, लेकिन रात 10 बजे के करीब जब एक-एक कर मरने वालों के परिजन फैक्ट्री पहुंचे तो फायर ब्रिगेड ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। परिवार वालों ने बताया कि उनके बच्चे 6 बजे तक आ जाते थे, लेकिन अब जब पता चला कि फैक्ट्री में आग लगी है तो सभी इस तरफ भागे। परिवारों के पहुंचने के बाद ही फायर ब्रिगेड ने आग को तेजी से रेस्क्यू करते हुए टीमों को अंदर भेजने का काम शुरू किया। जिसके बाद रात 12 बजे लापता कर्मचारियों के शव तीसरी मंजिल से मिले।
आग में झुलस कर मरने वालों के जब शव निकाले गए तो स्थिति बेकाबू हो गई। परिवार सदस्यों ने फैक्ट्री के अंदर हंगामा शुरू कर दिया। जिसके बाद फैक्ट्री मालिक ने मरने वालों को उचित मुआवजा देने की बात कही है। पारिवारिक सदस्यों की सहमति के बाद रात 2 बजे के करीब शवों को मॉर्चुरी में पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। इन शवों में दो की हालत इतनी खराब है कि मृतकों की पहचान करना मुश्किल है।
ज्यूडिशियल इंक्वायरी होगी शुरू
डीएसपी जंडियालागुरु कंवलप्रीत सिंह ने बताया कि रात 2.30 बजे पूरी स्थिति कंट्रोल में आ गई थी। फिलहाल मामले की ज्यूडिशियल इंक्वायरी होगी। जिसमें स्पष्ट हो जाएगा कि गलती किसकी है। वहीं, फायर ब्रिगेड अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अंदर रखे अल्कोहल के कारण यहां ब्लास्ट हुए और आग तेजी से फैली।
रिक्वायरमेंट के अनुसार रख सकती हैं अल्कोहल
इस पूरे मामले में सबसे अधिक नुकसान फैक्ट्री के अंदर रखे अल्कोहल के कारण हुआ, लेकिन कोई दवा या अन्य फैक्ट्रियां कितना अल्कोहल स्टोर कर सकती हैं। इसका कोई नियम नहीं है। ऑफिशिएटिंग जोनल ड्रग अथॉरिटी अमृतसर डॉ. राजेश सूरी ने बताया कि दवा फैक्ट्रियां अपनी जरूरत के अनुसार अल्कोहल रख सकती हैं। यह दवा फैक्ट्रियों के लिए जरूरी है, क्योंकि इनका प्रयोग कई दवाओं में होता है।