बेलराइज/बड़वे कंपनी के श्रमिकों की जीत; रुके वेतन बढ़ोतरी की कटी आरसी, चेक से मिला भुगतान

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प्रबंधन समझौते से मुकरकर श्रमिकों को वेतन वृद्धि का लाभ नहीं दे रहा था। लंबे संघर्ष के बाद जीत मिली और श्रमिकों को एएलसी के मार्फत बकाया राशि का चेक मिल गया।  

पंतनगर (उत्तराखंड)। लंबे संघर्ष के बाद बेलराइज/बड़वे कंपनी के श्रमिकों को जीत मिली है। प्रबंधन के मनमानेपन पर रोक लगते हुए सहायक श्रम आयुक्त ऊधम सिंह नगर ने जारी आरसी के तहत श्रमिकों को बकाया वेतन का भुगतान चेक द्वारा करवा दिया।

दरअसल बेलराइज (पूर्व नाम बड़वे) कंपनी सिडकुल पंतनगर, ऊधमसिंह नगर में लगभग ढाई वर्ष पूर्व प्रबंधन व बडवे इंजीनियरिंग वर्कर्स यूनियन के बीच समझौता सम्पन्न हुआ था। लेकिन प्रबंधन राज्य से बाहर कहीं भी स्थानांतरण की गैरक़ानूनी शर्त थोपकर समझौते से मुकर गया और वेतन बढ़ोतरी का लाभ देने से इंकार कर दिया था।

यूनियन ने इसकी शिकायत श्रम विभाग में की थी। लगातार प्रयासों के बाद सहायक श्रमायुक्त ने तबतक 14 माह (01 जुलाई 2021 से 31 अगस्त 2022) की बकाया वेतन राशि की वसूली के लिए आरसी काट दी। प्रबंधन इसके खिलाफ हाईकोर्ट नैनीताल गया, लेकिन वहाँ से उसे स्थगनदेश (स्टे) नहीं मिला। हालांकि उच्च न्यायालय में सुनवाई जारी रही।

अंततः एएलसी द्वारा काटी आरसी राशि की वसूली हुई और समस्त श्रमिकों को बढ़े वेतन की बकाया राशि चेक द्वारा श्रम विभाग से प्राप्त हो गई। इससे मज़दूरों में खुशी की लहर व्याप्त है।

https://mehnatkash.in/2023/06/09/belrise-barve-company-did-not-get-stay-from-nainital-high-court-against-rc/

प्रबंधन के मनमानेपन के खिलाफ जीत

यूनियन प्रतिनिधियों ने बताया कि प्रबंधन श्रमिकों का राज्य से बाहर देशभर में कहीं भी ट्रांसफर की मंशा के साथ स्टैंडिंग आर्डर के नियमों के विरुद्ध श्रमिकों पर स्वयं की सहमति देने के लिए मजबूर करने लगा, जिसका श्रमिकों ने विरोध किया। इसकी शिकायत श्रम विभाग में भी की गई।

सुनवाई के उपरांत सहायक श्रम आयुक्त द्वारा प्रबंधन को समझौते के आधार पर हुई वेतन बढ़ोतरी का लाभ श्रमिकों को देने के निर्देश जारी किए गए। जिसका प्रबंधन द्वारा परिपालन नहीं किया गया। ऐसे में एएलसी द्वारा कंपनी के विरुद्ध आरसी जारी कर वसूली की धनराशि प्रबंधन से प्राप्त की गई और सभी श्रमिकों को चेक द्वारा उसे वितरित किया गया।

यह समस्त श्रमिकों की एकता और संघर्ष का परिणाम है

यूनियन का कहना है कि यह जीत उनके अकेले संगठन की जीत नहीं बल्कि सिडकुल की सभी श्रमिकों की जीत है जो आज की तारीख में संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने यह लड़ाई मजदूरों की एकता के कारण एवं सिडकुल की तमाम यूनियन संगठनों के सहयोग के कारण जीती है इसलिए वे सभी का आभार व्यक्त करते है।

यूनियन ने कहा कि श्रमिकों द्वारा किए गए मेहनत का पैसा श्रमिकों को मिलने पर उनमें काफी खुशी का माहौल है। उन्होंने बकाया भुगतान दिलवाने के लिए सहायक श्रम आयुक्त महोदय का विशेष धन्यवाद किया।

आगे का संघर्ष जारी है

यूनियन ने कहा कि अगस्त, 2022 से अबतक बकाया भुगतान सहित समझौते के अनुपालन में वेतन बढ़ोत्तरी और क़ानूनों की अनुपालन का संघर्ष जारी है।

इस मौके पर यूनियन अध्यक्ष गोविंद सिंह नेगी, महामंत्री सुनील कुमार, साहब सिंह, राजेंद्र राठौर, किशन चंद, मोहन नाथ, बृजेन मण्डल आदि मौजूद रहे।