गैरकानूनी तालाबंदी व वेतन कटौती के खिलाफ इंटरार्क मज़दूरों का कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन, दिया ज्ञापन

एसडीएम ने जल्द से जल्द न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। इधर इंटरार्क मज़दूरों का शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन आज 238वें दिन पूरे जोश और जुनून के साथ न्याय की उम्मीद में जारी है।
रुद्रपुर (उत्तराखंड)। इंटरार्क कंपनी प्रबंधन के गैरकानूनी कृत्यों, अवैध तालाबंदी और वेतन कटौती का ज्ञापन लेकर शुक्रवार को इंटरार्क कंपनी के मज़दूर उधम सिंह नगर कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर एसडीएम को अपना ज्ञापन सौंपा। साथ ही माँग की कि जिला प्रशासन तत्काल गैरकानूनी तालाबंदी को खुलवाएं।
इंटरार्क मज़दूर संगठन ने बताया कि लगभग 500 स्थाई मजदूर इस समय बदहाली का जीवन जीने में विवश है। कंपनी द्वारा गैरकानूनी रूप से तालाबंदी भी की गई जिसका दंश तो मज़दूर झेल ही रहे थे और अब वेतन की कटौती भी कर दी गई है तो अब उनके परिवार का गुजारा व बच्चों का भविष्य उनकी पढ़ाई इस महंगाई के दौर में कैसे हो पाएगी?
कहा कि हमारे साथ साथ हमारे परिवार के सदस्यों का भी मानसिक उत्पीड़न हो रहा है। ऐसे में जिला प्रशासन से आग्रह है कि मजदूरों को तत्काल न्याय दिलाते हुए तालाबंदी खुलवाई जाए, कटे हुए वेतन का भुगतान हो, ताकि मजदूरों के हितों की रक्षा की जा सके।
वहां पर एसडीएम ने मज़दूरों का ज्ञापन संज्ञान में लिया और आश्वासन दिया की उधम सिंह नगर का प्रशासन मामले पर पूरी नजर बनाए हुए है। उन्होंने आश्वासन दिया कि मज़दूरों को जल्द से जल्द न्याय दिलाया जाएगा।
इस बीच इंटरार्क मजदूर संगठन, सिड़कुल, पंतनगर के धरना स्थल पर महामंत्री सौरभ कुमार ने बताया कि आज हमारे संघर्ष को समर्थन देने भागवती श्रमिक संगठन के लोग बड़ी तादात में आए हुए थे।
उन्होंने सभा में उपस्थित मजदूरों को संबोधित करते हुए कहा कि सत्यमेव जयते। जिस तरह से कंपनी मालिकों का दमन झेलते हुए भगवती श्रमिक संघ के लोग न्याय पाने के हकदार हुए हैं उसी तरह से इंटरार्क मज़दूरों को भी न्याय जरूर मिलेगा। जब तक न्याय नहीं मिलता है तब तक सिडकुल के सभी मजदूर सभी यूनियने आसपास के सामाजिक संगठन और जरूरत पड़ने पर दूर-दूर से संगठनों को इकट्ठा करके इस संघर्ष को जारी रखेंगे और अपना पूर्ण समर्थन देते रहेंगे।

इस बीच इंटरार्क सिडकुल पंतनगर के मज़दूरों के शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन के 238वें दिन भी पूरे जोश और जुनून के साथ न्याय की उम्मीद में डटे हुए मज़दूर शोषण के विरुद्ध आवाज बुलंद कर रहे हैं।