महाराष्ट्र : सरकार में परिवहन के विलीनीकरण की माँग पर पाँच माह से कर्मचारियों की हड़ताल जारी

काम पर लौटने को लेकर परिवहन मंत्री ने अल्टीमेटम दिया था़ लेकिन एसटी का जब तक सरकार में विलीनीकरण नहीं किया जाता तब तक काम पर नहीं लौटने पर कर्मचारी दृढ़ हैं।
राज्य परिवहन को सरकार में विलीन करने की माँग पर महाराष्ट्र राज्य परिवहन (एसटी) महामंडल के कर्मचारियों की हड़ताल और सतत आंदोलन सव पाँच माह से जारी है। सरकार की हठधर्मिता और आंदोलन तोड़ने के तमाम प्रयास कर्मचरियों का मनोबल नहीं तोड़ सका है।
कर्मचारियों को काम पर लौटने को लेकर परिवहन मंत्री ने अल्टीमेटम दिया था़ इसके बावजूद एसटी महामंडल का जब तक सरकार में विलीनीकरण नहीं किया जाता तब तक काम पर नहीं लौटने की भूमिका कर्मचारियों ने अपनाई है़। एसटी कर्मचारियों का 160वें दिन भी आंदोलन जारी रहा। एसटी महामंडल का सरकार में विलीनीकरण करना कर्मचारियों की प्रमुख मांग है।
सरकार ने विलीनीकरण संभव नहीं होने की बात करते हुए कर्मचारियों को काम पर लौटने का आह्वान किया, कई कर्मचारियों पर निलंबन, सेवा समाप्ति की भी कार्रवाई हुई, लेकिन कर्मी डटे हुए हैं। अगर कर्मचारी काम पर लौटते है, तो उन पर कोई कार्रवाई नहीं होने का लालच देने के बावजूद भी कर्मचारी अपनी मांग पर अड़े है।
बता दें कि, 28 अक्टूबर 2021 से एसटी कर्मियों की हड़ताल शुरू है। इस दौरान वेतन से जुड़ी मांगों को लेकर सरकार ने सहमति भी दर्शायी़ परंतु एसटी कर्मचारी रापनि का राज्य सरकार में विलय की मांग पर दृढ़ हैं।
सरकार के झांसे के बाद एक गुट ने आंदोलन पीछे लेने का निर्णय लिया़ जबकि भारी कर्मचारियों सहित मुख्य यूनियन आज भी हड़ताल पर डटा हुआ है़।