रात के अंधेरे में मशीनें बाहर भेजने की साजिश को इन्टरार्क मज़दूरों ने किया नाकाम, बेमियादी धरना शुरू

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रविवार अवकाश होने पर प्रबंधन ने शनिवार रात साजिश रची। लेकिन सजग मज़दूरों ने पूरी रात कंपनी गेट पर पहरा देंकर प्रबंधक की साजिश को नाकामयाब बना दिया।

पंतनगर (उत्तराखंड)। बीती रात 19 फरवरी को सिडकुल पंतनगर स्थित इन्टरार्क बिल्डिंग प्रोड्क्टस प्राईवेट लिमिटेड कंपनी प्रबंधन द्वारा रात के अंधेरे का फायदा उठाते हुए कंपनी से करीब 4 दर्जन मशीनों को चोरी से गैरकानूनी रूप से कंपनी से बाहर ले जाने की साजिश को कंपनी के करीब 500 मजदूरों ने अपनी एकजुटता से विफल कर दिया।

इसी के साथ मज़दूरों ने फैक्ट्री गेट पर 24 घंटे का लगातार धरना और प्रबंधन की साजिश के खिलाफ पहरेदारी शुरू कर दी।

प्रबंधन ने भय बनाने और दमन के तौर पर एक मज़दूर विजेंद्र कुमार पर फर्जी आरोपों में आरोपपत्र जारी किया है, जिसमें प्लांट में मोबाईल लाने और कथित रूप से सुरक्षा कर्मी के काम में व्यवधान पैदा करने और गली-गलौज का आरोप लगाया है, जो कि गलत है।

उल्लेखनीय है कि इन्टरार्क बिल्डिंग प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड पंतनगर तथा किच्छा के मजदूरों ने प्रबंधन के शोषण के खिलाफ 4 साल की चुप्पी  के बाद अखिल भारतीय इंटरार्क मज़दूर फेडरेशन के बैनर तले  कंपनी की गैरकानूनी गतिविधियों के विरोध में लगातार संघर्षरत हैं और 16 अगस्त से कंपनी के पंतनगर व किच्छा  स्थित दोनों प्लांटों के गेट पर धरना चला रहे हैं।

https://mehnatkash.in/2021/08/16/workers-strike-against-the-exploitation-of-interark-management/

चोरी से शिफ्टिंग के खिलाफ 24 घंटे का धरना शुरू

प्रबंधन द्वारा चोरी से मशीनों की शिफ्टिंग के विरोध में कंपनी के गेट पर रात-दिन का धरना शुरू कर दिया है। आज 20 फरवरी को पंतनगर प्लांट कंपनी गेट पर मजदूरों की सभा भी हुई। साथ ही यूनियन ने जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन व श्रम विभाग को इसकी शिकायत की और तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है।

यूनियन ने बताया कैसे हुई घटना

सभा को सम्बोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि बीती रात अचानक से नाइट शिफ्ट के स्थाई कर्मचारियों को बी शिफ्ट में ड्यूटी पर बुला लिया। दोपहर में करीब 5 गाड़ी कच्चा माल अचानक से कंपनी से बाहर गैरकानूनी तरीके से बाहर भेजा गया।

एक गाड़ी चालक आशीष कुमार गाडी संख्या NL 01-L5819 कंपनी के बाहर 15 फरवरी से कच्चे माल से भरी गाड़ी को खड़ी किये है। परन्तु कंपनी प्रबंधन उक्त चालक पर माल को गैरकानूनी तरीके से किच्छा प्लांट ले जाने को कह रहा है।

चालक का कहना है कि वो फर्जी बिल से कच्चे माल को बाहर न ले जायेगा। उसे पक्का बिल दिया जाए अन्यथा सेल टैक्स वाले उस पर इस गैरकानूनी व दो नम्बरी काम करने पर मुकदमा दर्ज कर देंगे और दस लाख तक का भारी जुर्माना लगा देंगे, विगत में कई बार ऐसा हो चुका है। अभी भी वह गाड़ी कंपनी के बाहर खड़ी है।

प्रबंधन ने तालाबंदी की दी धमकी

इसी तरह से 18 फरवरी को प्रबंधन ने नोटिस बोर्ड पर नोटिस चस्पा कर धमकी दी थी कि एक माह बाद कंपनी तालाबंदी कर दी जाएगी।

उक्त घटनाओं से मजदूरों की यूनियन को दोपहर में ही शक हो गया था कि आज राज प्रबंधन बड़ी वारदात को अंजाम देगा। इसलिए यूनियन ने अपने सदस्यों को पहले से ही सावधान कर दिया था। जब बी शिफ्ट की छुट्टी हुई तो उसके तुरंत बाद ही मेंटेनेंस मैनेजर ने ठेके के बाहरी मजदूरों को नाइट में कंपनी बुलाया। तो इसकी भनक यूनियन के सदस्यों को लग गई।

मशीनों को बाहर शिफ्ट करने की प्रबंधक की साजिश को भापते हुए सभी यूनियन सदस्य कंपनी पहुंच गए और पूरी रात कंपनी गेट पर पहरा देंकर प्रबंधक की इस साजिश को नाकामयाब बना दिया।

यूनियन की शिकायत पर सिडकुल चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस के आग्रह पर यूनियन ने सिडकुल पुलिस चौकी में रात को ही तहरीर दी।

अब देखना यह है कि पुलिस इस दो नम्बरी काले कारनामों को कर सेल टेक्स विभाग को चुना लगाने वाले कंपनी मालिक व प्रबंधन के विरुद्ध क्या कार्यवाही करती है।

यूनियन अध्यक्ष दलजीत सिंह का कहना है कि प्रबंधक द्वारा 30-40 वेल्डिंग मशीनों, लेथ मशीन, सैकरोड मशीन, सरफेस ग्राइंडर व छोटी अन्य कई मशीनों को कैंटर में लोडिंग कर बाहर भेजने की साजिश की जा रही थी। उन्हें गाड़ियों में लोड भी किया जा चुका था। यूनियन की अपील पर तुरंत ही सैंकड़ों मजदूर कंपनी गेट पर पहुंच गए और प्रबंधन के उक्त काले कारनामों पर पानी फिर गया।

यूनियन महामंत्री सौरभ कुमार का कहना है कि कंपनी प्रबंधन बाहर से माल पंतनगर प्लांट के नाम से बने बिलों पर ही लाते हैं। फिर सेल टेक्स बचाने की नीयत से उन्हें फर्जी बिलों पर चोरी से गाजियाबाद और किच्छा प्लांट भेजा जाता है। इस फर्जीवाड़े का विरोध करते ही उपरोक्त गाड़ी 15 फरवरी से कंपनी गेट पर खड़ी है।

कंपनी मालिक गैरकानूनी तरीके से कच्चे माल व मशीनों को दो नम्बरी तरीके से कंपनी से बाहर भेजकर कंपनी को बंद कर कार्यरत करीब 1000 मजदूरों को नौकरी से निकालने की साजिश रच रहे हैं।

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कार्यवाही नहीं तो आंदोलन होगा तेज

यूनियन द्वारा पूर्व में ही जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन व श्रम विभाग को इसकी शिकायत की जा चुकी है किंतु श्रम विभाग व जिला प्रशासन की ओर से कंपनी के खिलाफ कोई कार्यवाही न करना चिंताजनक है। कंपनी प्रबंधन द्वारा लगातार यूनियन के सदस्यों को द्वेष भावना के तहत प्रताड़ित कर रहा है।

यूनियन ने पुनः जिला प्रशासन से अनुरोध किया है कि जल्द से जल्द हस्तक्षेप कर समस्या का समाधान करें नहीं तो यूनियन को मजबूर होकर आंदोलन को तेज करने को विवश होना पड़ेगा।