3 फरवरी को बिजलीकर्मियों की देशव्यापी हड़ताल

किसानों को समर्थन, बिजली संशोधन बिल वापसी की माँग
चंडीगढ़। किसान आंदोलन के समर्थन और बिजली संशोधन बिल 2020 को वापस लेने की मांग को लेकर देशभर के 15 लाख बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर 3 फरवरी को राष्ट्रव्यापी हड़ताल करेंगे। इस हड़ताल में हरियाणा के बिजली कर्मचारी भी बढ़ चढ़कर शामिल होंगे।
राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान नेशनल को-आर्डिनेशन कमेटी आफ इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज एंड इंजीनियर (एनसीसीओईईई) ने किया है। एनसीसीओईईइ के प्रमुख घटक ईईएफआई से संबंधित आल हरियाणा पावर कॉरपोरेशंस वर्कर यूनियन के प्रधान सुरेश राठी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुभाष लांबा, महासचिव नरेश कुमार व उप प्रधान एनपी सिंह चौहान ने बताया कि 3 फरवरी की राष्ट्रव्यापी हड़ताल का नोटिस 18 जनवरी को विद्युत विभाग के एसीएस को भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि बिजली संशोधन बिल 2020 अभी पास नहीं हुआ है। लेकिन इससे पहले ही केंद्र सरकार ने स्टैंडर्ड बिडिंग डाक्यूमेंट्स के माध्यम से चंडीगढ़ सहित केंद्र शासित प्रदेशों में बिजली निजीकरण की प्रक्रिया को तेज कर दिया है और ओडिसा में निजीकरण किया जा चुका है। उन्होंने संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा बिजली संशोधन बिल 2020 को वापस लेने की मांग को प्रमुख मांगों में शामिल करने के लिए आभार प्रकट किया।
लांबा ने बताया कि राज्य पावर यूटिलिटीज में ट्रांसमिशन, वितरण व जनरेशन का केएसईबी व एचपीएसईबी की तरह एकीकृत करने, केंद्र शासित प्रदेशों और राज्यों में जारी निजीकरण की प्रक्रिया पर तूरंत रोक लगाने, ठेका प्रथा समाप्त कर सभी प्रकार के कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, समान काम समान वेतन देने सहित सेवा सुरक्षा प्रदान करने, एनपीएस रद्द कर पुरानी पेंशन बहाल करने,प्री मेच्योर रिटायरमेंट के आदेश को वापस लेने, पावर सेक्टर में खाली पड़े पदों को स्थाई भर्ती से भरने आदि मांगों को प्रमुखता से उठाया जाएगा। उन्होंने कहा की एसीएस द्वारा आनलाइन ट्रांसफर पालिसी पर शीघ्र बातचीत करने के यूनियन को दिए आश्वासन के बाद सोमवार को एसीएस कार्यालय पर किए जाने वाले मास डेपुटेशन एवं प्रदर्शन के कार्यक्रम को स्थगित कर दिया गया है।
अमर उजाला से साभार