उदारीकरण

उदारीकरण के 3 दशक : मेहनतकश की चुनौतियाँ विकट, वर्गीय एकता के साथ संघर्ष बढ़ाना होगा!

धारावाहिक प्रकाशित पिछले 13 किस्तों में यह साफ तौर पर सामने आया कि नवाउदारवादी नीतियों ने देश की आम जनता...

उदारीकरण 13वीं किस्त : कॉरपोरेट पूँजी और फासीवाद के गँठजोड़ से तबाही ही बन गया तरक़्क़ी

नवउदारवादी दौर में कॉरपोरेट पूँजी और फासीवाद के सहमेल ने मुनाफे की लूट और जनता में उन्माद को बेलगाम बनाया;...

उदारीकरण के तीन दशक : चुनावी मदारियों ने जनता को बनाया जमूरा; मुनाफाखोरों का हुआ वर्चस्व

एक तरफ जनता कठपुतली बना दी गई, झूठ-फ़्राड के शोर में जिंदगी के असल मुद्दे गायब होते गए, वहीं जनता...

उदारीकरण की बयार तेज, तीखा हुआ दमनतंत्र : हक़ की आवाज उठाओगे, लाठी-जेल पाओगे!

बीते दशकों में मुनाफे की हितसेवा में शासन अपने दमन तंत्र को मज़बूत बनाता गया। आंदोलनों को कुचलने, फर्जी मुकदमों,...