विशेष

साल 2021 : जनता त्रस्त, पूँजीपति मस्त, सरकारें पूँजीपतियों की हितसेवा में और ज्यादा व्यस्त

मोदी सरकार के दौरान साल 2021 बेहद अहम रहा; मेहनतकश पर जारी हमलों और दमन…

उत्तराखंड : छँटनी-बंदी-दमन के खिलाफ संघर्ष में गुजरा साल; 2022 में भी हक़ का संघर्ष जारी

बीते साल माइक्रोमैक्स, एचपी, करोलिया, इंटरार्क, वोल्टास, एलजीबी, गुजरात अम्बुज, बजाज मोटर्स, सत्यम ऑटो, हीरो…

2021 : किसानों के शानदार संघर्षों, ऐतिहासिक जीत और किसान-मज़दूर एकजुटता का साल रहा

पूरा किसान आंदोलन, धर्म-क्षेत्र-जाति की फिरकापरस्त दीवारों कों ढहाकर देश के मज़दूर-मेहनतकश किसानों के अटूट…

कितने रूपों में बढ़ रहे हैं ऑनलाइन ठगी के धंधे; कैसे बन रहे हैं आप इसके शिकार?

तेजीसे बढ़ते इंटरनेट के बीच लाखों की तादाद में लोग साइबर ठगी का शिकार हो…

जुझारू, निरंतर व निर्णायक संघर्ष के आह्वान के साथ एमएसके उत्तराखंड का सम्मेलन सम्पन्न

किसान आंदोलन की सफलता के बीच मज़दूर सहयोग केंद्र के सम्मेलन में मज़दूर विरोधी श्रम…

किसान आंदोलन के जीत के बीच मज़दूर सहयोग केंद्र का सम्मेलन 21 नवंबर को रुद्रपुर में

मज़दूर सहयोग केंद्र, उत्तराखंड का सम्मेलन उस वक़्त हो रहा है जब मेहनतकश जनता मज़दूर…

उदारीकरण के 3 दशक : मेहनतकश की चुनौतियाँ विकट, वर्गीय एकता के साथ संघर्ष बढ़ाना होगा!

धारावाहिक प्रकाशित पिछले 13 किस्तों में यह साफ तौर पर सामने आया कि नवाउदारवादी नीतियों…

उदारीकरण 13वीं किस्त : कॉरपोरेट पूँजी और फासीवाद के गँठजोड़ से तबाही ही बन गया तरक़्क़ी

नवउदारवादी दौर में कॉरपोरेट पूँजी और फासीवाद के सहमेल ने मुनाफे की लूट और जनता…

उदारीकरण के तीन दशक : चुनावी मदारियों ने जनता को बनाया जमूरा; मुनाफाखोरों का हुआ वर्चस्व

एक तरफ जनता कठपुतली बना दी गई, झूठ-फ़्राड के शोर में जिंदगी के असल मुद्दे…

भूली-बिसरी ख़बरे

%d bloggers like this: