उत्तराखंड के तमाम आंदोलनकारियों ने गुंडा एक्ट थोपने पर कुमाऊं कमिश्नर एवं डीआईजी से जताया रोष

नैनीताल। श्रमिक संयुक्त मोर्चा के नेतृत्व में उत्तराखंड के विभिन्न राजनीतिक सामाजिक व श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने कुमाऊं आयुक्त एवं पुलिस उप महानिदेशक कुमाऊं से मुलाकात की तथा उन्हें ज्ञापन दिया और वार्ता की, जो सार्थक रही। इसके बाद नैनीताल क्लब में हुई वार्ता में आगामी 7 जुलाई को रुद्रपुर में होने वाली मज़दूर महापंचायत को सफल बनाने का आह्वान किया गया।

गुंडा एक्ट निरस्त हो, श्रमिक समस्याओं का समाधान हो!

आयुक्त व डीआईजी से मिले प्रतिनिधि मण्डल ने श्रमिक नेताओं पर ऊधम सिंह नगर जिला प्रशासन द्वारा गैर-कानूनी तरीके से की जा रही गुंडा एक्ट की कार्रवाई को निरस्त किए जाने, पुलिस द्वारा डॉल्फिन फैक्ट्री के गुंडों द्वारा मज़दूरों पर किए गए हमले एवं महिलाओं के साथ की गई छेड़खानी के मुकदमे को दर्ज करने; श्रमिक नेताओं पर लगाए गए झूठे मुकदमे निरस्त करने; श्रमिक संयुक्त मोर्चा के कार्यकारी अध्यक्ष दलजीत सिंह के साथ एसएसपी द्वारा गुंडा कहने; डॉल्फिन, लुकास टीवीएस, करोलिया लाइटिंग, इंटरार्क सहित सभी श्रमिक समस्याओं के समाधान; सिडकुल समेत सभी औद्योगिक व्यापारिक व सेवा संस्थानों में श्रम कानून का अनुपालन किए जाने तथा नए न्यूनतम वेतन लागू करवाने की मांग की।

प्रतिनिधि मंडल ने कहा कि ताजा घटनाक्रम में सिडकुल, पंतनगर में बुनियादी श्रम कानूनों को लागू करने, मालिक के गुंडों के हमलों व दमन के खिलाफ डॉलफिन मज़दूरों के जारी आंदोलन के दौरान उधमसिंह नगर के जिलाधिकारी द्वारा इंकलाबी मज़दूर केंद्र के पूर्व अध्यक्ष कैलाश भट्ट सहित डॉलफिन मज़दूर संगठन के नेताओं ललित कुमार, सोनू कुमार, वीरु सिंह, बबलू सिंह और राजेश सक्सेना पर गुंडा एक्ट लगाने एवं जिला बदर करने की चेतावनी के साथ 19 जून को नोटिस जारी किये गये हैं, जिसकी भाषा भी बेहद निम्न स्तरीय और आपत्तिजनक है।

ऊधम सिंह नगर का जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन नियम कानून व संवैधानिक मर्यादाओं को ताक पर रखकर मैनेजमेंट के इशारों पर काम कर रहा है। जिसके कारण मजदूरों एवं क्षेत्र की जनता का कानून व्यवस्था से विश्वास खत्म होने लगा है अतः इस समूचे मामले की निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है।

कुमाऊँ आयुक्त महोदय को ज्ञापन देते हुए

अधिकारियों से मिला आश्वासन

वार्ता के दौरान कुमाऊँ कमिश्नर श्री दीपक रावत ने निष्पक्ष कार्यवाही करने तथा श्रमिक समस्याओं के समाधान के लिए पूर्व में गठित जिलास्तरीय प्रशासनिक कमेटी सक्रिय करने आदि का आश्वासन दिया।

वहीं डीआईजी श्री योगेंद्र रावत ने कहा कि पुलिस स्तर पर निष्पक्ष कार्यवाही और मज़दूरों की तहरीर पर मुक़दमें दर्ज होनी चाहिए और इसके लिए वे प्रयास करेंगे।

डीआईजी महोदय को ज्ञापन देते हुए

मज़दूर महापंचायत के लिए बैठक

इसके बाद उत्तराखंड के विभिन्न हिस्सों से आए प्रतिनिधियों ने नैनीताल क्लब में बैठक की और भाजपा सरकार के संरक्षण में पुलिस और प्रशासन द्वारा श्रमिकों के दमन को क्षोभपूर्ण बताया। इस दौरान आगामी 7 जुलाई को गाँधी पार्क, रुद्रपुर में होने वाली मज़दूर महा पंचायत को पूरे दम-खम के साथ सफल बनाने का आह्वान किया गया। वक्ताओं ने कहा कि महापंचायत द्वारा सरकार को माकूल जवाब व चेतावनी देना होगा।

ज्ञापन द्वारा उठी मांगें-

  1. इंक़लाबी मज़दूर केन्द्र के पूर्व अध्यक्ष कैलाश भट्ट व डॉल्फिन मज़दूरों पर गुंडा एक्ट सहित दर्ज सभी फर्जी मुक़दमें रद्द किया जाए। असल गुंडों पर कार्यवाही के बदले मजदूरों का दमन बंद हो!
  2. श्रमिक संयुक्त मोर्चा के कार्यकारी अध्यक्ष दलजीत सिंह के साथ की गई उक्त अभद्रता पर एसएसपी महोदय सार्वजनिक रूप से खेद व्यक्त करें!
  3. मज़दूरों पर फर्जी मुक़दमें थोपने, पाबंद करने पर रोक लगे! कम्पनी प्रबंधन और पुलिस प्रशासन की मिलीभगत से मजदूरों पर लगे सभी मुकदमों की निष्पक्ष जाँच हो! धरना-प्रदर्शन के संवैधानिक अधिकारों पर हमले बंद हों! मजदूरों के शोषण -उत्पीड़न पर रोक लगाओ!
  4. आयुक्त महोदय के निर्देश पर पूर्व में गठित जिलास्तरीय प्रशासनिक कमेटी सक्रिय हो व डॉल्फिन, लुकास टीवीएस, करोलिया लाइटिंग, इंटरार्क सहित सभी पीड़ित मज़दूरों के मामले निस्तारित हों!
  5. सिडकुल व क्षेत्र के सभी औद्योगिक व व्यापारिक संस्थानों में श्रम कानूनों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाए! सरकार द्वारा जारी नए न्यूनतम वेतनमान सभी जगह प्रभावी रूप से लागू कराया जाए!

प्रतिनिधि मण्डल व बैठक में शामिल रहे-

प्रतिनिधि मंडल व बैठक में उत्तराखंड लोक वाहिनी के अध्यक्ष राजीव लोचन साह, उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के अध्यक्ष पी सी तिवारी व महासचिव प्रभात ध्यानी, समाजवादी लोक मंच के मुनीश कुमार, श्रमिक संयुक्त मोर्चा के अध्यक्ष दिनेश तिवारी, मज़दूर सहयोग केन्द्र के अध्यक्ष मुकुल, इंकलाबी मजदूर केंद्र के महासचिव रोहित व कैलाश भट्ट, प्रगतिशील महिला एकता केंद्र की रजनी, भाकपा माले के कैलाश जोशी व राजेन्द्र सिंह, करोलिया लाइटिंग इम्पलाइज यूनियन के हरेंद्र सिंह, डॉल्फिन मज़दूर संगठन के ललित, नील मेटल कामगार संगठन के पंकज जोशी, परिवर्तनकमी छात्र संगठन के महेश, प्रगतिशील भोजन माता संगठन की तुलसी आर्या, उछास की भावना पांडे, दिनेश उपाध्याय आदि लोग शामिल थे।

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