लुकास टीवीएस प्रबंधन के उत्पीड़न के खिलाफ श्रमिकों का श्रम भवन में अनिश्चितकालीन धरना जारी

प्रबन्धन दमन पर आमादा, जनरल शिफ्ट लगाकर मज़दूर धरने को प्रभावित करने का उसका प्रयास निंदनीय। एएलसी द्वारा त्रिपक्षीय वार्ता हेतु 31 अक्टूबर की तिथि नियत हुई।

रुद्रपुर (उत्तराखंड)। लुकास टीवीएस प्रबंधन द्वारा लगातार जारी उत्पीड़न प्रबन्धन की मनमानी के चलते श्रमिकों को एकबार फिर आन्दोलन करने को विवश किया है। लुकास टीवीएस मजदूर संघ पन्तनगर के बैनर तले श्रम भवन रुद्रपुर में अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन जारी है।

इस बीच प्रबन्धन द्वारा संगठन के सदस्यों को सप्ताह के बीच में शिफ्ट परिवर्तन कर सुबह 7:00 से 5:30 बजे तक की शिफ्ट लगा दी गई है, ताकि मज़दूर धरने में शामिल न हो सकें।

जबकि जारी धरना के बाद सहायक श्रमायुक्त ऊधम सिंह नगर द्वारा त्रिपक्षीय वार्ता हेतु दिनांक 31/10/2023 की तिथि नियत की गई है।

ज्ञात हो कि श्रमिकों की कार्यबहाली, मांगपत्र, वेतन कटौती, झूठे आरोप लगाना व यूनियन को मान्यता न देना, संगठन के सदस्यों को यूनियन छोड़ने का दवाब बनाना जैसी अनेकों गतिविधियों के बाद 07 सूत्री मांगों को लेकर लुकास टीवीएस मजदूर संघ लंबे समय से संघर्षरत है।

यूनियन अध्यक्ष मनोहर सिंह मनराल ने बताया कि लुकास टीवीएस मजदूर संघ पंतनगर उत्तराखंड का पंजीयन 23 नंबर 2016 में हुआ जिसका पंजीयन नंबर 331 है। यूनियन भारतीय मजदूर संघ से सम्बद्ध है। यूनियन गठन के पश्चात से प्रबंधन द्वारा संगठन पदाधिकारी व सदस्यों पर झूठे आरोप लगाना नौकरी से निकालने का सिलसिला चल रहा है।

वर्ष 2017 में संगठन के कार्यकारिणी अध्यक्ष दीपक देवरानी को पंतनगर से पहले पंजाब और कुछ माह के बाद उन्हें चेन्नई स्थानांतरण कर दिया गया। चेन्नई में कुछ समय कार्य कराने के बाद उन्हें परेशान कर नौकरी से निकाल दिया गया। संगठन के अभी तक लगभग 11 सदस्यों को झूठ आरोप लगाकर नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया जिसमें कुछ सदस्यों द्वारा अपना हिसाब ले लिया गया वह कुछ सदस्यों का वाद माननीय श्रम न्यायालय में गतिमान है।

यूनियन ने बताया कि संगठन द्वारा वर्ष 2022 में लगभग 24 दिन का आंदोलन किया गया समझौता दिनांक 19/04/2022 के अनुसार मांग पत्र का समाधान हुआ और चार निलंबित में से तीन सदस्यों को दूसरे दिन से कार्य पर वापस लिया गया था।

संगठन अध्यक्ष को एक माह के पश्चात कार्य पर वापस लिया जाना था। प्रबंधन द्वारा संगठन के अध्यक्ष को समझौता के अनुसार परिपालन नहीं किया गया संगठन के अध्यक्ष को लगभग 5 माह बाद पन्तनगर में कार्य पर वापस न लेकर जबरन ट्रेनिंग के नाम पर होशियारपुर पंजाब भेजा गया। 21/ 2/ 2023 को होशियारपुर पंजाब जाने पर सहमति बनी लेकिन 5 महिने की ट्रेनिंग के पश्चात उन्हें चेन्नई स्थानांतरण किया गया जो अभी माननीय उच्च न्यायालय नैनीताल में विचाराधीन है।

प्रबंधन की यह मनमानी और संगठन के सक्रिय सदस्य पंकज कुमार, हरीश चन्द्र व संतोष को सेवा से निलंबित किया गया और अन्य सदस्यों को भी झूठे आरोप पत्र दिए जाना, 19 माह से लंबित मांग पत्र पर वार्ता न करना, कर्मचारियों को स्थाई नियोजन पत्र न देना आदि श्रमिक हितों को देखते हुए संगठन ने 26 अक्टूबर से श्रम भवन, रुद्रपुर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है।

यूनियन का कहना है कि प्रबंधन ने अपना अड़ियल रवैया अपनाते हुए संगठन से जुड़े सदस्यों व पदाधिकारी की शिफ्ट सुबह 7:00 से 5:30 तक लगा दी है, ताकी धरना स्थल पर न पहुंच पाये। प्रबंधन द्वारा द्वेषपूर्ण भावना अपनाना व सप्ताह के बीच में इस तरह शिफ्ट परिवर्तन करना ना कर्मचारी हित, ना कारखाने के हित में है। न्याय मिलने तक हमारा संघर्ष जारी रहेगा।

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