छत्तीसगढ़: दो माह से वेतन नहीं; नाराज नगरीय निकाय कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर

कर्मचारियों को पिछले एक वर्ष से हर माह नियमित वेतन नहीं मिल रहा है। समय पर एवं हर माह वेतन नहीं मिलने से वे कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

अक्टूबर व नवंबर का वेतन नहीं मिलने से नाराज नगरीय निकाय के कर्मचारी सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। नगर पंचायत के नियमित कर्मचारियों के आंदोलन पर चले जाने से नपं की कार्यालयीन व्यवस्था पटरी से उतर गई है। हड़ताली कर्मचारी नगरीय प्रशासन विकास विभाग से हर महीने नियमित वेतन भुगतान की मांग कर रहे हैं।

नपं के 20 से अधिक रेगुलर कर्मचारी नपं कार्यालय के सामने हड़ताल पर बैठ गए हैं। हड़ताली कर्मचारी नपं प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। नगरीय निकाय के स्वायत्तशासी कर्मचारी संघ के अध्यक्ष भरत अग्रवाल, सचिव राजीव बारसागढे, कोषाध्यक्ष श्यामलाल यादव एवं अन्य कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें अक्टूबर व नवंबर माह का वेतन नहीं मिला है।

कर्मचारियों की शिकायत है कि उन्हें पिछले एक वर्ष से हर माह नियमित वेतन नहीं मिल रहा है। समय पर एवं हर माह वेतन नहीं मिलने से वे कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नगर पंचायत के कर्मचारी कार्यालय के सामने पंडाल लगाकर हड़ताल पर रहे।

नगर पंचायत के हड़ताली कर्मचारियों ने बताया कि वे पिछले एक-दो साल से नियमित वेतन नहीं मिलने से परेशान हैं। वेतन के भरोसे अपना गुजारा चलाने वाले कर्मचारी समय पर एवं हर माह वेतन नहीं मिलने से कई तरह की परेशानियों का सामना कर रहे हैं। आक्रोशित कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें पिछले साल डेढ़ साल से नगर पंचायत में ऐसी स्थितियां निर्मित हो गई है कि तीन माह पूर्ण हो जाने के बाद उन्हें एक माह का वेतन मिलता है। जिससे वे पूरी तरह कर्ज में डूब गए हैं। क्योंकि हर महीने वेतन नहीं मिलने से से किराना, सब्जी, दूध, दवाई, बच्चों की फीस व इलाज नहीं करा पा रहे हैं।

नगरीय निकाय कर्मचारियों के बेमुद्दत हड़ताल से सोमवार को नगर पंचायत कार्यालय के सभी शाखाओं में कामकाज प्रभावित रहा। निकाय के सभी विभागों में तालाबंदी की स्थिति थी। कार्यालय में अकेले सीएमओ दिलीप यदु मोर्चा संभाले रहे। विभिन्न काम लेकर नपं पहुंचने वाले नागरिकों को कर्मचारियों के हड़ताल के चलते खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार हड़ताल के कारण जन्म प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, पीएम आवास, राजस्व वसूली सहित मूलभूत सुविधाओं से जुडे सभी कार्यालयीन कामकाज प्रभावित रहे।

पखवाड़े भर पहले आठ दिसंबर को नपं के सहायक राजस्व निरीक्षक समलिया राम साहू की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। समलिया राम बीमार थे और दो महीने से वेतन नहीं मिलने के कारण अपना इलाज नहीं करा पा रहा था। कर्मचारियों ने बताया कि मृत्यु से दो दिन पहले समलिया राम साहू वेतन की मांग को लेकर सीमएओ से मिला था लेकिन उसे वेतन नहीं मिला। जिसके कारण वह अपना इलाज नहीं करा पाया और आठ दिसंबर को उसकी हार्ट अटैक से निधन हो गया। कर्मचारियों ने बताया कि समलिया राम साहू का वेतन ही नहीं एरियर्स राशि भी नही मिला था। जिससे वह काफी परेशान रहता थे।

दैनिक भास्कर से साभार

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