संघर्ष के 6 माह: जायडस वेलनेस मज़दूरों ने रुद्रपुर में निकाली रैली, डीएम को ज्ञापन

उत्तराखंड शासन द्वारा बंदी अवैध घोषित, फिर भी कार्यबहाली क्यों नहीं? जायडस वैलनेस इम्पलाइज यूनियन की मांग है कि फैक्ट्री तत्काल खोलकर समस्त 1200 श्रमिकों की सवेतन कार्यबहाली हो!

रुद्रपुर (उत्तराखंड)। शासन द्वारा जायडस वेलनेस सितरगंज की बंदी अवैध घोषित होने के बावजूद कंपनी न खुलने और मज़दूरों की कार्यबहाली न होने से मज़दूरों में आक्रोश बढ़ रहा है। आज 14 दिसंबर को जायडस वैलनेस इम्पलाइज यूनियन के बैनर तले मज़दूरों ने रुद्रपुर में अम्बेडकर पार्क से डीएम कार्यालय तक रैली निकली और एसडीएम को ज्ञापन दिया।

जायडस वैलनेस इम्पलाइज यूनियन की मांग है कि कंपनी की गैरकानूनी अवैधबंदी को तुरंत निरस्त कर बेरोज़गार हुए मज़दूरों को तत्काल कार्यबहाल किया जाये और बकाया वेतन का भुगतान हो।

ज्ञात हो कि 17 जून 2022 को सितारगंज स्थित जायडस वैलनेस कंपनी ने बिना किसी पूर्व सूचना के फैक्ट्री को बंद कर दिया था। मज़दूरों को इसकी जानकारी फैक्ट्री गेट पर चस्पा नोटिस के माध्यम से मिली थी। इसके बाद 18 जून 2022 से लेकर आज तक कंपनी गेट पर ताला लगा हुआ है।

कंपनी को बंद हुए आज 180 दिन हो चुके हैं। इस बीच मज़दूरों को क़ानूनी लड़ाई में जीत भी मिली है। उच्च न्यायालय नैनीताल के आदेश पर उत्तराखंड शासन की ओर से श्रम सचिव ने सुनवाई करके बंदी को अवैध घोषित कर दिया है। इसके बावजूद मज़दूरों की कार्यबहाली नहीं हो रही है।

कॉम्पलेन और ग्लूकोन-डी बनाने वाली जायडस कंपनी में डेढ़ सौ स्थायी सहित करीब 12 सौ ठेका मज़दूर काम करते थे। मज़दूरों का कहना है कि 6 माह से फैक्ट्री बंद होने से उनको जीवन यापन में काफी दिक्कतों का सामान करना पड़ रहा है।

जायडस वैलनेस इम्पलाइज यूनियन के महामंत्री उमेश गोला का कहना है कि जायडस सितारगंज कारखाने को जल्द से जल्द खोला जाये। इन्ही मांगों के साथ जायस श्रमिकों ने डी.एम. को ज्ञापन सौंपकर त्वरित कार्यवाही करने की मांग की है।

उन्होंने बताया कि इस सम्बन्ध में श्रम विभाग व राज्य सरकार को भी ज्ञापन सौंपे गए हैं। रैली के बाद एकटू के प्रदेश महामंत्री के के. बोरा के नेतृत्व में यूनियन ने एएलसी प्रशांत कुमार से मुलाकात करके जायडस कंपनी खुलवाने और 1200 मज़दूरों की कार्यबहाली करने का आग्रह किया।

यूनियन की माँगें-

  1. कारखाने की अवैध बंदी ख़त्म करते हुए प्लांट खोला जाए और सभी श्रमिकों की प्लांट में पूर्व की भाँति ड्यूटी दी जाए।
  2. कारखाने में नियोजित 150 स्थाई व अन्य 1200 ठेका मज़दूरों को दिनांक 18.06.2022 से अब तक के वेतन का भुगतान किया जाए।

आज की रैली में भावना पत, भास्कर जोशी, रंजना राणा, दिपक सिंह, धर्मेन्द्र सिंह, मनवीर, नवीन सिंह, दिपक, प्रभात, अजय रावेन्द्र सेंगर, बच्चन सिंह, संदीप, कुलदीप, अनिल आर्या, चंदन सिंह, दिपक, महेंद्र त्रिलोक, हरिश तिवारी, मो. रिजवान, आदिल, बिशन, उमेश गोला, शंकर टाटा, मनोज गैरिया, दिनेश शाह, मनोज कुमार, प्रदीप कुमार, अमित आदि श्रमिक मौजूद रहे।

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