श्रम संहिताओं को रद्द करने की मांग के साथ TUCI का तीन दिवसीय धरना संपन्न


श्रम संगठन टीयूसीआई का दिल्ली के जंतर मंतर पर तीन दिवसीय धरना 7 नवंबर को सम्पन्न हुआ। अपर्णा, अध्यक्ष, आईएफटीयू, कॉम. गौतम मोदी, महासचिव, एनटीयूआई, कॉम. अमित, मजदूर सहयोग केंद्र, कॉम. सिद्धांत, IFTU (सर्वहारा) सहित कई अन्य वक्ताओं ने धरने को संबोधित किया।

महाराष्ट्र, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, केरल, ओडिशा और बंगाल सहित टीयूसीआई के विभिन्न राज्यों के कामरेडों ने भी बात रखी। कॉम. प्रदीप सिंह ठाकुर, महासचिव, अखिल भारतीय क्रांतिकारी किसान संगठन, कॉम. भास्कर राव, महासचिव, प्रोटेक्शन ऑफ डेमोक्रेटिक राइट्स, ने भी सदस्यों को संबोधित किया। सभी लोग नए श्रम संहिताओं से लड़ने के लिए श्रमिकों का एक संयुक्त संगठन बनाने की आवश्यकता पर सहमत हुए।

टीयूसीआई के महासचिव कॉम. संजय सिंघवी ने समापन भाषण दिया। उन्होंने कहा कि टीयूसीआई नए श्रम संहिता से लड़ने के लिए श्रमिकों का एक संयुक्त मोर्चा बनाने का प्रयास करेगा। इसके लिए हर राज्य में इसी तरह का धरना आयोजित किया जाएगा जहां सभी यूनियनों को आमंत्रित किया जाएगा। इस तरह के एक संयुक्त संगठन के गठन का उचित तरीका खोजने के लिए अन्य सभी यूनियनों के साथ बातचीत की जाएगी। उन्होंने वादा किया कि टीयूसीआई भी अपनी क्षमता के अनुसार 13 तारीख को मासा मोर्चा में भाग लेगा। उपस्थित सभी कार्यकर्ताओं ने नई श्रम संहिता से अंत तक लड़ने का संकल्प लिया।

धरना का समापन उपाध्यक्ष कॉम बी बी पांडे के धन्यवाद और मजदूरों की एकता के लिए और नए श्रम संहिता के खिलाफ नारेबाज़ी के साथ हुआ।

टी यू सी आई द्वारा जारी प्रेस स्टेटमेंट

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