इन्टरार्क किच्छा गेट पर 4 अक्टूबर की मज़दूर-किसान महापंचायत में होगा निर्णायक ऐलान

महापंचायत द्वारा शासन-प्रशासन और श्रम विभाग को इंटरार्क कंपनी के बंधन से कराएंगे आजाद, कंपनी में चल रही ग़ैरकानूनी ठेका प्रथा और अन्य अवैध गतिविधियों पर लगाएंगे रोक।

रुद्रपुर (उत्तराखंड)। इन्टरार्क कंपनी के किच्छा प्लांट के समक्ष 4 अक्टूबर की मजदूर-किसान महापंचायत को लेकर मजदूरों ने तैयारी तेज कर दी है। इसे ऐतिहासिक बनाने का संकल्प लिया है। लखीमपुर खीरी में किसानों ने एलान किया है कि 4 अक्टूबर 2022 को बसों और ट्रेन में भारी संख्या में किसान किच्छा आएंगे।

अन्याय के खिलाफ 13 माह से जारी है संघर्ष

इन्टरार्क मजदूर संगठन ऊधम सिंह नगर व इन्टरार्क मजदूर संगठन किच्छा के मजदूरों ने कंपनी प्रबंधन द्वारा चलाए जा रहे गैर कानूनी ठेका प्रथा व मजदूर शोषण, उत्पीड़न के विरोध में विगत 13 माह से धरना प्रदर्शन जारी रखा है।

इस दौरान कंपनी प्रबंधक द्वारा लगातार श्रमिकों का शोषण उत्पीड़न चरम सीमा तक किया जाता रहा है। अंत में शासन प्रशासन द्वारा कंपनी प्रबंधक के साथ सांठगांठ कर मजदूर विरोधी कार्यवाईयां करने पर मजदूरों द्वारा सामूहिक रूप से कार्य बहिष्कार कर विरोध प्रदर्शन तेज कर दिया गया है।

किच्छा फैक्ट्री के बाहर धरना स्थल पर दैनिक रूप से चलने वाली सभाओं में वक्ताओं ने कहा कि कंपनी प्रबंधन मजदूरों के साथ हमेशा से ही दुर्व्यवहार करता चला आया है, कभी भी मजदूर हितों के बारे में नहीं सोचा एवं मजदूरों के साथ तालमेल बनाकर रहने की कोशिश कभी नहीं की गई हमेशा मजदूरों को हीन भावना से देखा गया एवं मजदूरों का शोषण व उत्पीड़न ही किया गया।

लगातार कानूनों की बात कर रहे कंपनी प्रबंधन ने मजदूर आंदोलन के दौरान कानून को ताक पर रखकर सारा कार्य किया यहां तक कि हाई कोर्ट की अवमानना तक कई बार की गई जिसके पूरे पक्के सबूत मजदूरों के पास है।

वक्ताओं ने यह भी कहा कि श्रम अधिकारी द्वारा मजदूर हितों के कानूनों को भी धता बताते हुए कंपनी प्रबंधक लगातार अपनी मनमर्जी करता रहा है।

4 अक्टूबर की मज़दूर-किसान महापंचायत होगी निर्णायक

यूनियनों द्वारा जारी विज्ञप्ति में बताया गया है कि मजदूरों के संघर्ष को कोई महत्त्व ना देते हुए कंपनी प्रबंधक की हठधर्मिता आज भी बरकरार है। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि जिला प्रशासन, सरकार और श्रम विभाग पूरी तरह से इंटरार्क कंपनी मालिक के बंधन में जकड़े हुए नतमस्तक और बेबस हो गए हैं।

इसलिए 4 अक्टूबर 2022 की मजदूर किसान महापंचायत द्वारा जिला प्रशासन, सरकार और श्रम विभाग को इंटरार्क कंपनी मालिक के मजबूत बंधन से आजाद कराने को निर्णायक कदम उठाए जाएंगे। इंटरार्क कंपनी में चल रही ग़ैरकानूनी ठेका प्रथा समेत सभी अवैध गतिविधियों पर कैसे रोक लगाई जा सकती है इस हेतु जिला प्रशासन और श्रम विभाग को आइना दिखाया जाएगा औऱ निर्णायक कार्यवाही की जायेगी।

मजदूर आंदोलन के चरण को आगे बढ़ाते हुए उसकी तैयारी शुरू कर दी गई है जिसके अंतर्गत किच्छा कंपनी के बाहर धरना स्थल पर मजदूर किसान महापंचायत का आयोजन 4 अक्टूबर 2022 को तय किया गया है।

भारी संख्या में होंगे मज़दूर-किसान शामिल

यूनियन नेताओं ने बताया कि भारतीय किसान यूनियन के उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड प्रभारी साथी बलजिंदर सिंह मान, विधानसभा निघासन खीरी अध्यक्ष जैमल सिंह, विधानसभा प्रभारी निघासन राम सिंह ढिल्लो, ब्लॉक महासचिव निघासन कुलविंदर सिंह, जिला अध्यक्ष लखीमपुर खीरी दिलबाग सिंह, जिला सचिव लखीमपुर सतनाम सिंह, जिला उपाध्यक्ष लखीमपुर बलजीत सिंह के नेतृत्व में किसान साथियों ने घोषणा की है कि 4 अक्टूबर की महापंचायत में बसों एवं ट्रेन से लखीमपुर खीरी से भारी संख्या में किसान साथी किच्छा पहुंचेंगे औऱ निर्णायक संघर्ष किया जायेगा।

कार्यक्रम को भव्य और विशाल रूप देने के लिए मजदूरों द्वारा कार्यक्रम से जुड़ी हुई तमाम चीजों की चर्चा सभा में की गई और सभा में उपस्थित होने वाले चौधरी राकेश टेकैत समेत कई अन्य राष्ट्रीय स्तर के बड़े किसान नेता व किसान यूनियन, क्रांतिकारी संगठन, मजदूर संगठन, महिला संगठन, छात्र संगठन, व्यापारी संगठन एवं अन्य सहयोगी संगठनों व न्याय हित के लिए आवाज उठाने वाले आम किसान मजदूर व अन्य लोग भारी संख्या में उपस्थित होंगे।

मजदूर संगठन की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में मजदूरों के दमन शोषण उत्पीड़न और कंपनी प्रबंधक द्वारा किए जा रहे गैर कानूनी कृत्यों एवं  प्रशासन की दमनकारी नीतियों का व्यापक प्रचार प्रसार किया जाएगा। जनमानस को यह बताया जाएगा की जिला प्रशासन और उत्तराखंड शासन में मजदूरों की क्या स्थिति है एवं वह पूंजीपतियों को किस तरह से अपना संरक्षण देते हैं और 13 महीनों से व्यथित मजदूरों के ऊपर ही लगातार कानूनी फंदा डालने में लगे हुए हैं।

ऐसी स्थिति को देखकर भले ही आम जनमानस का भरोसा शासन प्रशासन से उठ जाए लेकिन इन स्थितियों को लोगों के बीच में उजागर करना और अपने हक अधिकारों के लिए संघर्ष को आगे बढ़ाते रहना मजदूरों का उद्देश्य है।

संकल्प सभा के माध्यम से मजदूरों ने 4 अक्टूबर को सभी सहयोगी संगठनों के साथ मिलकर इन विषयों पर चर्चा करने के बाद एक ठोस और निर्णायक कदम अमल में लाया जाएगा, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी इन्टरार्क कंपनी प्रबंधक व जिला प्रशासन और उत्तराखंड शासन की होगी।

सभा के दौरान सैकड़ों मजदूर , महिलाएं व बच्चे भी उपस्थित रहे धरने पर चलाए जा रहे लंगर के माध्यम से सभी ने भोजन भी किया।