रोहतास: बिजली विभाग की धांधली और बिजली निजीकरण के खिलाफ बिजली विभाग में प्रदर्शन

झंडा-बैनर के साथ स्टेडियम से विद्युत सहायक अभियंता गोड़ारी कार्यालय तक जुलूस निकालकर सभा हुई और राज्यपाल के नाम 9 सूत्रीय ज्ञापन दिया गया।

रोहतास (बिहार)। विद्युत विभाग में व्याप्त लापवाही, घुसखोरी और कमीशनखोरी के खिलाफ ग्रामीण मजदूर यूनियन, बिहार एवं प्रगतिशील महिला मंच, रोहतास ने विद्युत सहायक अभियंता गोड़ारी के समक्ष 22 सितंबर को एक दिवसीय प्रदर्शन किया एवं धरना दिया।

ग्रामीण मजदूर यूनियन, बिहार एवं प्रगतिशील महिला मंच, रोहतास के नेतृत्व में झंडा-बैनर से सज धज कर जुलूस स्टेडियम से निकलकर गोड़ारी बाजार भ्रमण करके थाना होते हुए विद्युत सहायक अभियंता गोड़ारी के कार्यालय के समक्ष सभा में बदल गयी।

इस दौरान इंकलाब जिंदाबाद, पूंजीवाद मुर्दाबाद, समाजवाद जिन्दाबाद!, बिजली विभाग की धांधली मुर्दाबाद!, बिजली बिल गलत क्यों, बिजली विभाग के अधिकारी जवाब दो, गलत बिजली बिल को खारिज करो, खराब मीटर और तार को तत्काल बदलना होगा, गलत बिजली बिल भेजने वाले कर्मचारियों को सजा दो, बिजली का नीजिकरण करना बंद करो, मनरेगा और अन्य गरीब मजदूरों-मेहनतकशों को निःशुल्क बिजली देना सुनिश्चित करो, प्रति यूनिट बिजली दर कम करो, बिजली विभाग में घूसखोरी और कमीशनखोरी बंद करो, ग्रामीण मजदूर यूनियन, बिहार जिन्दाबाद, प्रगतिशील महिला मंच, रोहतास जिन्दाबाद जैसे गगनभेदी नारे लगते रहे।

धरना की अध्यक्षता ग्रामीण मजदूर यूनियन, बिहार प्रखंड इकाई गोड़ारी के कॉ. योगेश कुमार एवं प्रगतिशील महिला मंच, रोहतास प्रखंड गोड़ारी की कॉ. मानती देवी ने किया।

सभा को कम्युनिस्ट सेंटर ऑफ इंडिया के नेता कामरेड कपिल देव और कॉ अमित कुमार के अलावा ग्रामीण मजदूर यूनियन, बिहार प्रखंड सासाराम के कामरेड सत्येंद्र कुमार, ग्रामीण मजदूर यूनियन, बिहार प्रखंड गोड़ारी के कॉ. धर्मेंद्र, श्री भगवान, अशोक कुमार, लालबाबू, मंटू कुमार, विंध्याचल, चंद्रमा, परशुराम, कन्हैया, राजेंद्र, उषा कुमारी, उषा देवी, जमुना देवी एवं सामाजिक कार्यकर्ता उमेश कुमार ने अपना विचार रखा।

धरना के माध्यम से राज्यपाल बिहार के नाम विद्युत सहायक अभियंता गोड़ारी को नौ सूत्री मांग पत्र देकर माँग हुई कि बिजली विभाग की धांधली पर तत्काल रोक लगाई जाए, गलत बिजली बिल को खारिज किया जाए, खराब मीटर और तार को तत्काल बदलना सुनिश्चित किया जाए, गलत बिजली बिल भेजने वाले कर्मचारियों पर नियमसंगत कार्रवाई की जाए, बिजली का नीजिकरण करना बंद किया जाए, बिजली अधिनियम 2022 को रद्द किया जाए, मनरेगा और अन्य गरीब मजदूरों-मेहनतकशों को निःशुल्क बिजली देना सुनिश्चित किया जाए, प्रति यूनिट बिजली दर कम किया जाए, बिजली विभाग में घूसखोरी और कमीशनखोरी बंद किया जाए।