नौकरी से निकले जाने से SECL के प्रशिक्षित युवा आंदोलित; मुख्यालय का घेराव, काम-काज ठप्प

नौकरी देने की मांग को लेकर अप्रेंटिसशिप युवाओं का यह आंदोलन 83 दिनों से चल रहा है। अप्रेंटिस के बाद अब उन्हें निकाल दिया गया है, जिसकी वजह से प्रशिक्षित युवा बेरोजगार हो गए हैं।

बिलासपुर (छत्तीसगढ़)। अप्रेंटिस कर चुके बेरोजगार युवा बिलासपुर स्थित SECL मुख्यालय का घेराव कर गेट के सामने धरने पर बैठे हैं। बुधवार सुबह 9 बजे से युवक-युवतियां व महिलाओं का प्रदर्शन जारी है।

आन्दोलनरत युवकों ने बताया कि, SECL ने उन्हें ITI ट्रेनिंग के बाद अलग-अलग कॉलरी एरिया में अप्रेंटिसशिप रखा था। अप्रेंटिस पूरा होने के बाद अब उन्हें निकाल दिया गया है, जिसकी वजह से प्रशिक्षित युवा बेरोजगार हों गए हैं। लेकिन प्रबंधन उनकी बातों को सुनने के लिए तैयार नहीं है।

उधर निकाले गए अप्रेंटिसशिप युवाओं के आंदोलन के चलते बुधवार से आफिस बंद होने से नाराज SECL के अधिकारी और कर्मचारी गुरुवार सुबह सड़क पर उतर आए और नारेबाजी करते हुए चक्काजाम कर दिया। इसके चलते बिलासपुर सीपत रोड में वाहनों की लाइन लग गई है।

मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने कर्मचारियों को अंदर ऑफिस में ले जाने का प्रयास किया। इसे लेकर दोनों ओर से जमकर धक्का मुक्की हुई। इसके चलते SECL मुख्यालय की रेलिंग भी टूट गई। इस बीच SECL प्रबंधन की तरफ से आंदोलनकारी युवाओं के खिलाफ पुलिस में केस दर्ज कराया जा रहा है।

क्यों नाराज हैं अप्रेंटिसशिप युवा

नौकरी देने की मांग को लेकर अप्रेंटिसशिप युवाओं का यह आंदोलन 83 दिनों से चल रहा है।

शुरूआत में अप्रेंटिसशिप युवाओं ने मुख्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन किया। फिर दो बार मुख्यालय का घेराव भी किया। उस समय प्रबंधन ने उन्हें आउटसोर्सिंग के पदों पर भर्ती करने का भरोसा दिलाया था और उन्हें सभी प्रशिक्षित बेरोजगारों के ट्रेडवार सूची देने के लिए कहा था। इसके बाद भी प्रबंधन की तरफ से कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया है।

इसके बाद उन्होंने मुख्यालय के गेट के सामने प्रदर्शन करते हुए हल्ला बोला और जमकर नारेबाजी की। इस दौरान अधिकारी-कर्मचारियों को भी अंदर जाने से रोक दिया गया।

युवक-युवतियों के साथ महिलाएं मुख्यालय के गेट के सामने दरी बिछाकर बैठी रहीं। फिर रात में वहीं दरी बिछाकर सो गईं। बेरोजगार प्रदर्शनकारियों के लिए मुख्यालय के सामने ही भोजन के लिए भंडारे का भी इंतजाम किया गया है। धरण आज भी जारी रहा।

माँगें पूरी होने तक संघर्ष रहेगा जारी

प्रशिक्षित बेरोजगारों का कहना है कि जब भी उन्होंने आंदोलन किया, हर बार SECL प्रबंधन उनको भरोसा देकर समय मांगता रहा है। लेकिन, इस बार उनका आंदोलन फैसले के बाद ही खत्म होगा। यही वजह है कि छत्तीसगढ़ के साथ ही विभिन्न राज्यों से आए बेरोजगार अब अपनी मांगे पूरी होने तक मुख्यालय के गेट को बंद रखने का फैसला लिया है। जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होंगी, तब तक उनका यह प्रदर्शन जारी रहेगा।

इस बीच आंदोलन की वजह से बुधवार को मुख्यालय से उद्योगों को दिए जाने वाले 50 हजार टन कोयले का ऑर्डर जारी नहीं हो सका। प्रबंधन ने इस प्रदर्शन को अवैध बताया है और शासकीय कार्य में बाधा डालने का आरोप लगाया है।

SECL प्रबंधन का कहना है कि कोयला मंत्री संसद में स्पष्ट कर चुके हैं कि किसी भी कोल कंपनी में अप्रेंटिस कर चुके छात्र को नियमित नहीं किया जा सकता।

लेकिन बेरोजगार हो चुके युवा अपने संघर्ष में अडिग हैं।

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