बेलसोनिका प्रबंधन ने दो मज़दूरों को किया निलंबित

हरियाणा के आईएमटी मानेसर स्थित बेलसोनिका कंपनी में प्रबंधन और मजदूरों के बीच तनाव खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को कम्पनी प्रबंधन ने दो मज़दूरों (आन्नद कुमार झा तथा धर्मेन्दर कुमार) के ऊपर अनुशासनहीनता का आरोप लगाकर तीन दिनों के लिए निलंबित कर दिया है।

जिसके बाद बेलसोनिका यूनियन ने इसका विरोध किया है। यूनियन का कहना है कि केवल यूनियन प्रतिनिधियों (यूनियन बॉडी) द्वारा काम के दौरान खाने व चाय का बहिष्कार कर विरोध दर्ज किया है। बैलसोनिका यूनियन ने फैसला लिया है कि दिनांक 13.09.2022 से सुबह 10 बजे से दिनांक 15.09.2022 तक फैक्ट्री में कार्य के दौरान दोनों समय की चाय तथा खाने का बहिष्कार किया जायेगा।

बेलसोनिका मज़दूर यूनियन का कहना है कि मज़दूरों पर लगाए गए आरोप गलत है। यूनियन ने वर्कर्स यूनिटी को बताया कि प्रबंधन ने फरवरी 2022 में दोनों मज़दूरों को चार्जशीट/आरोप पत्र दिया था। जिसको लेकर प्रबंधन द्वारा इन दोनों मज़दूरों की घरेलू जांच कार्यवाही की गई थी। उनका कहना है कि अब प्रबंधन ने अपना हमेशा की तरह तुगलकी फरमान सुनाते हुए इन दोनों मज़दूरों को तीन दिनों के लिए सस्पेंड कर दिया। जिसका बेलसोनिका यूनियन कड़ा विरोध करती है। गौरतलब है बेलसोनिका कंपनी में मज़दूरों के साथ हो रहे मानसिक शोषण के मामले लगातार सामने आते रहे हैं। बीते दो महीने पहले कंपनी ने सुबह “ए” शिफ्ट में आने वाले पांच मज़दूरों का पंच कार्ड /हाजरी बंद कर दिया था।

हालांकि प्लांट में ये पांचों मज़दूर काम कर रहे हैं। इन्हें पहले कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। इस मुद्दे पर बेलसोनिका मज़दूर यूनियन का कहना था कि प्रबंधन मज़दूरों की छंटनी करने की तैयारी कर रहा है। साथ ही यूनियन ने प्रबंधन पर मज़दूरों का मानसिक और शरीरिक शोषण करने का भी आरोप लगाया था। इन सभी मुद्दों के विरोध में बेलसोनिका के मजदूरों ने 1 अगस्त को दो बार एक बार सुबह और दूसरा रात की शिफ्ट में टूल डाउन भी किया था।

जिसके बाद यूनियन नेताओं ने कहा कि ‘प्रबंधन अपनी तुच्छ हरकतों से बाज़ नहीं आ रहा है। कम्पनी के अधिकारी रोज़ कोई न कोई आरोप लगा कर यूनियन को मज़दूरों की नज़र में बदनाम करना चाहते हैं।’

(वर्कर यूनिटी से साभार)

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