राजस्थान: जन अधिकार यात्रा जारी: गांव-गांव से उठ रहे हैं जन मुद्दे, गोलबंद हो रही है जनता

बिजली बिल की मनमानी, पानी का अभाव, अस्पतालों की दुर्दशा, लंपी बीमारी का प्रकोप, रोजगार, शिक्षा, मनरेगा में काम के दिन बढ़ाने जैसी मूलभुत समस्याओं का अंबार…
हनुमानगढ़ (राजस्थान)। बिजली आंदोलन के 3 साल होने पर बिजली, पानी, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य जैसी मूलभुत जरूरतों के मुद्दे पर जन अधिकार यात्रा बुधवार को तीसरे दिन भी जारी रही।
यात्रा नुआं, कनाऊ, कुंजी, मलसीसर गांव में जन जन तक पहुंची और यात्रा के मूल उद्देश्य को जनता के बीच में रखते हुए आज की गांवो की मूलभुत समस्याओं की चर्चा की।
कुंजी में ग्रामीणों ने बताया कि लोगों के पास पीने तक का पानी नहीं है, 1400 से रुपए तक प्रति टैंकर के हिसाब से लोग ख़रीद कर पानी का जुगाड कर रहे है, अस्पतालों में न दवाई है ना समय से डॉक्टर, सरकारी स्कूल की स्थिति दयनीय है, प्राइवेट स्कूलों में भारी भरकम फीस के चलते मजदूर किसान वर्ग के बच्चे गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा से वंचित हैं, महंगी शिक्षा पाकर भी युवा वर्ग बेरोजगारी की मार झेल रहा है।
यात्रा में सामने आया कि आज लंपी बीमारी ने महामारी का रुप धारण कर लिया है हर एक गांव में रोज दर्जनों गाय मर रही हैं, इलाज नहीं मिल पा रहा है, ना ही पशुपालकों को कोई मुआवजा मिल रहा है।
मलसीसर में मनरेगा के महिला मजदूरों ने काम के दिन बढ़ाने और मनरेगा में पगार बढ़ाने की मांग की।
इन्ही समस्याओं के साथ गांवो के ग्रामीणों ने जन अधिकार यात्रा को समर्थन दिया व आने वाले 15 सितंबर को उपखंड कार्यालय भादरा पर विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए तैयारी शुरू कर दी है।
ग्रामीणों सभी मांगों को जायज़ ठहराया और रैली निकाल कर यात्रा को आगे के लिए रवाना किया।

जन अधिकार यात्रा की मांगें:-
- स्थाई शुल्क, विद्युत शुल्क, फ्यूल सरचार्ज व अन्य राशि के रूप में नाजायज वसूली बंद करो।
- प्रत्येक परिवार को हर महीने 300 यूनिट बिजली निशुल्क करो।
- कोरोना काल के बिजली बिल माफ करो ।
- घटिया और तेज गति से चलने वाले मीटर बदले जाएं।
- बिजली अधिनियम 2022 खारिज करो व बिजली विभाग का निजीकरण बंद करो।

जनता के मूलभूत अधिकार के रूप में प्रमुख मांगें:
- प्रत्येक गांव में पीने का साफ पानी उपलब्ध कराओ।
- हर गांव में सरकारी स्वास्थ्य केंद्र हो जिसमें स्थाई प्रशिक्षित स्टाफ की नियुक्ति दी जाए।
- फसल बीमा क्लेम जारी करो तथा किसानों को नहरों में हक़ का पूरा पानी दो, समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी दो।
- ग्रामीण व मनरेगा मजदूरों के लिए पूरे साल रोजगार उपलब्ध कराओ अन्यथा बेरोजगारी भत्ता दो।
- बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी पर रोक लगाओ, नौजवानों को सम्मानजनक नौकरी दो ।
- बुजुर्गों की पेंशन बढ़ाकर 3000 रुपए महीना करो।
- पशुधन में फैली लंपी बीमारी को महामारी घोषित तुरंत इलाज शुरू किया जाए और पशुपालकों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए उचित मुआवजा दिया जाए।
- देश की सरकारी संपत्ति और उपक्रमों को पूंजीपतियों को बेचना बंद करो और निजीकरण पर रोक लगाओ।