संघर्ष से एक और जीत: भगवती-माइक्रोमैक्स में ले-ऑफ खत्म; छँटनीशुदा 303 श्रमिकों का संघर्ष जारी

44 माह से संघर्ष जारी: ले-ऑफ समाप्त होने व 32 मज़दूरों के लिए फैक्ट्री खुलने से मज़दूरों में नया उत्साह है। जबकि अवैध छँटनी के शिकार 303 श्रमिकों की कार्यबहाली का संघर्ष जारी है।

रुद्रपुर (उत्तराखंड)। लगातार संघर्षों के बीच माइक्रोमैक्स फोन निर्माता भगवती प्रोडक्ट्स लिमिटेड, सिडकुल, पंतनगर में लगातार जारी संघर्षों के बीच आज 1 सितंबर को प्रबंधन ने लेऑफ समाप्त करने और श्रमिकों से 3 सितंबर तक कार्य पर उपस्थित होने का नोटिस लगा दिया है।

उल्लेखनीय है कि भगवती प्रबंधन ने 27 दिसंबर 2018 को 303 श्रमिकों की छँटनी कर दी थी, जिसे 2 मार्च 2020 को औद्योगिक न्यायाधिकरण ने अवैध घोषित कर दिया था। इसी के साथ प्रबंधन ने 47 श्रमिकों को लेऑफ देकर बैठाता रहा। लेकिन दिनांक 04/10/2019 से लगातार लेऑफ जारी रहा। जबकि यूनियन अध्यक्ष को पहले निलंबित बाद में बर्खास्त कर दिया था। तब से 351 श्रमिकों का जमीनी और कानूनी दोनों लड़ाई लगातार जारी है।

इस दरमियान प्रबंधन कानूनी लड़ाई में लगातार पराजित होता रहा। औद्योगिक न्यायाधिकरण से मज़दूरों के हक में फैसला आने के बाद उच्च न्यायालय, नैनीताल से भी मज़दूरों के पक्ष में ही फैसला आया, जिसके खिलाफ प्रबंधन उच्चतम न्यायालय दिल्ली चला गया। जहां से भी उसे कुछ कोई विशेष राहत नहीं मिली और मज़दूरों के बकाया वेतन के मद में पाँच करोड़ रुपए जमा करने का आदेश हुआ।

इस बीच मज़दूरों का जमीनी संघर्ष जारी है। श्रम भवन रुद्रपुर में मज़दूरों के लगातार जारी धरना के साथ स्थानीय यूनियनों और मज़दूरों का सहयोग-समर्थन भी मिल रहा है।

संघर्ष के इसी क्रम में ले-ऑफ मज़दूरों के संबंध में उप श्रम आयुक्त उधम सिंह नगर द्वारा प्रबंधन को नोटिस जारी किया गया था।

अंततः प्रबंधन ने आज 1 सितंबर को कंपनी गेट पर नोटिस लगा कर ले-ऑफ समाप्ति की घोषणा की और 47 श्रमिकों में से हिसाब न लेने वाले शेष 32 श्रमिकों को 3 सितंबर तक कार्य पर उपस्थित होने का निर्देश दिया। प्रबंधन द्वारा कंपनी गेट पर नोटिस चस्पा करने के साथ ही संबंधित श्रमिकों को सोशियल मीडिया/व्हाट्सऐप के माध्यम से नोटिस की भेज कर भी सूचित किया गया है।

मज़दूरों के संघर्ष के बीच यह एक महत्वपूर्ण और बड़ी जीत है, जब 44 महीने से बंद एक फैक्ट्री खुली है। लेकिन गैरकानूनी छंटनी के शिकार 303 श्रमिकों की कार्यबहाली तथा बर्खास्त यूनियन अध्यक्ष की कार्यबहाली का संघर्ष जारी है।

इस जीत ने मज़दूरों में एक नई उम्मीद पैदा की है और मजदूर अंतिम जीत पाने तक के संघर्ष में लगातार डटे हुए हैं।