रुद्रपुर: एएलसी ने धमकाया, मज़दूरों में रोष, न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रखने का ऐलान

एएलसी ने कहा कि धरना से दबाव बनाने पर वे काम नहीं करेंगे। श्रम भवन से धरना उठा लो नहीं तो इन्टरार्क मज़दूरों जैसा होगा। श्रमिकों ने कहा कि कोर्ट के आदेश का पालन कराओ।

रुद्रपुर (उत्तराखंड)। कोर्ट के आदेश के अनुपालन में कार्यबहाली के लिए 43 माह से संघर्षरत और श्रम भवन में धरनारत माइक्रोमैक्स फोन आदि बनने वाली भगवती प्रोडक्ट्स के मज़दूरों को सहायक श्रमआयुक्त, ऊधम सिंह नगर द्वारा धमकाने से मज़दूरों में आक्रोश और तेज हो गया।

इस बीच आज एक अगस्त को श्रम भवन में धरनारत भगवती श्रमिक संगठन द्वारा मजदूर अदालत के क्रम में ‘‘मज़दूर जुटान’’ कार्यक्रम सूचारू रुप से गतिमान रहा।

श्रमिक प्रतिनिधियों के अनुसार एएलसी ने स्पष्ट रूप से कहा कि मैं धरना चलाने नहीं देता, श्रम भवन से धरना उठा लो नहीं तो इन्टरार्क मज़दूरों जैसा होगा।

ज्ञात हो कि संघर्षरत इन्टरार्क मज़दूरों के आंदोलन को दबाने की नापाक कोशिश में एएलसी ने ही मज़दूर नेताओं पर कथित बाल हनन का मुकदमा दर्ज कराया है। क्योंकि इन्टरार्क मज़दूरों के बच्चों ने श्रम भवन में लगातार बाल पंचायतें आयोजित करके न्याय हित में एएलसी व प्रशासन से सीधे सवाल किया था।

आज पुलिस प्रशासन भी श्रम भवन में उपस्थित रहा और सहायक श्रमायुक्त के समक्ष श्रमिकों की समस्याओं पर चर्चा की। इस दौरान सहायक श्रमायुक्त मज़दूरों को धरना उठाने की धमकियाँ देते रहे और कहा कि धरना से दबाव बनाने पर वे काम नहीं करेंगे।

इसपर श्रमिक प्रतिनिधियों ने स्पष्ट कहा कि माननीय न्यायाधिकरण और माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों का परिपालन में समस्त श्रमिकों की कार्यबहाली कराते हुए बकाया वेतन का भुगतान करा दें, धरना स्वतः खत्म हो जाएगा।

एएलसी ने कहा कि उनपर ऊपर का दबाव है। श्रमिक प्रतिनिधियों ने कहा कि वे आदेश का परिपालन नहीं करा सकते तो ऊपर के अधिकारी को भेज दें। उन्होंने इसके लिए भी मना कर दिया।

एएलसी महोदय के इस व्यवहार पर श्रमिकों में नाराजगी और बढ़ गई। श्रमिकों ने कहा कि आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने सिडकुल की अन्य संघर्षरत श्रमिक संगठनों के साथ मिलकर आंदोलन को बढ़ाने की घोषणा की। कहा कि जबतक कोर्ट के आदेशों के परिपालन में उनकी सवेतन कार्यबहाली नहीं होगी, उनका आंदोलन जारी रहेगा।

श्रमिकों ने कहा कि विगत 43 माह से बगैर वेतन उनका संघर्ष जारी है। 30 माह से कोर्ट के आदेशों का परिपालन केवल सुनवाई तक ही एएलसी के समक्ष गतिमान है और श्रमिक पक्ष में अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है। 4 माह से उच्च न्यायालय का स्पष्ट आदेश आने के बाद भी श्रमिकों को आज भी न्याय के लिए इधर उधर भटकना पड़ रहा है।

श्रमिक प्रतिनिधियों ने कहा कि श्रम अधिकारी शुरू से ही कंपनी प्रबंधन के हित में काम कर रहे हैं और महज तारीख पर तारीख दे रहे हैं। कोर्ट के आदेश का परिपालन न होने के चलते श्रमिकों में रोष व्याप्त है और श्रमिकों को आंदोलन करने पर मजबूर किया जा रहा है।

इस बीच आज की सुनवाई/वार्ता के बाद सहायक श्रमायुक्त ने कोर्ट के आदेश के परिपालन संबंधी वर्तमान वाद, पर आदेश अपने पास सुरक्षित रख लिया।

आज मजदूर जुटान और धरना के समर्थन में जायडस सितरगंज के साथी, करोलिया लाइटिंग इम्पालाइज यूनियन और महेंद्रा सीआइई श्रमिक संगठन के साथी उपस्थित रहे। साथ ही भगवती-माइक्रोमैक्स के श्रमिक साथियों में वंदना बिष्ट, भुवनेश्वरी, सूरज सिह बिष्ट, नंदन सिंह, ठाकुर सिह, लोकेश पाठक, प्रकाश चन्द्र, केसर सिंह, अफसर, पंकज बोरा, बिशन सिंह, शुभम जडौत पूरन सिंह, राजकुमार, दीपक संवल आदि करीब सौ मज़दूर शामिल रहे।

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