छत्तीसगढ़: कर्मचारियों-अधिकारियों का एक दिवसीय राज्यव्यापी कलमबंद; 25 जुलाई से तालाबंदी का ऐलान

छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के बैनर तले एक दिवसीय कलमबन्द प्रभावकारी प्रदर्शन किया। रैली निकालकर प्रशासन का घेराव किया।

बिलासपुर- अधिकारी फेडरेशन के बैनर तले प्रदेश स्तर पर सभी कर्मचारी समूह ने एक दिवसीय कलमबन्द प्रभावकारी प्रदर्शन किया। नेहरू चौक से रैली निकालकर कलेक्टर कार्यालय पहुंच प्रशासन का घेराव किया। जिला प्रशासन को लिखित में मांग पत्र दिया। मांग पूरी नहीं होने की सूरत में 25 जुलाई से प्रदेश स्तर पर पांच दिवसीय कार्यालयों में तालाबन्द का एलान किया। एक दिवसीय धरना प्रदर्शन का सभी कर्मचारी संगठनों ने सहयोग किया। इस दौरान पूरे दिन कार्यालयों में सन्नाटा पसरा रहा। काम काज को लेकर गांव से शहर पहुंचे लोगों को मायूस होकर घर लौटना पड़ा है।

जानकारी देते चलें कि छ्त्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन  के बैनर तले सभी 72 कर्मचारी संगठनों ने एक दिवसीय बन्द का एलान किया। बन्द को व्यापक समर्थन भी मिला। लिपिक, शिक्षक, समेत महिला संगठनों के अलावा संगठनों ने एक दिवसीय बन्द का समर्थन किया। इस दौरान कर्मचारी नेताओं ने राज्य सरकार पर कर्मचारियों के खिलाफ छल करने का आरोप लगाया।

कर्मचारी नेता डॉ.बीपी सोनी, लिपिक नेता सुनील साहू समेत शिक्षक नेता समेत महिला नेत्रियों ने आरोप लगाया कि कहने को तो प्रदेश के मुखिया न्याय की बातें करते हैं। लेकिन कर्मचारियों के प्रति उन्होने कभी सहानुभूति नहीं प्रदर्शित किया है।

कर्मचारियों को आश्वासन के बाद भी महंगाई भत्ता नहीं दिया जा रहा है। लगातार प्रदर्शन के बाद भी वेतन विसंगति को दूर नहीं किया जा रहा है। यद्यपि कई बार आश्वासन मिला..बावजूद इसके कर्मचारियों के साथ लगातार अन्याय हो रहा है। सरकार से मांग है कि सभी विभागों में एक समान भर्ती नियम लागू किया जाए। केन्द्र के बराबर प्रदेश कर्मचारियों को भी 34 प्रतिशत महंगाई भत्ता दिया जाए। सातवें वेतनमान के अनुसार गृहभाड़ा भत्ता देने का एलान सरकार को करना होगा। बिलासपुर जिले को बी ग्रेड का शहर का दर्जा है। ऐसी सूरत में ग्रेड भत्ता का भी एलान किया जाए। यदि मांग को गंभीरता से नहीं लिया गया तो 25 जुलाई से पांच दिवसीय कार्यालय बन्द प्रदर्शन किया जाएगा।

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