फैक्ट्री में सेप्टिक टैंक सफाई के दौरान दो मज़दूरों की दर्दनाक मौत

ऐसे दर्दनाक हादसे  लगातर हो रहे है। सेप्टिक टैंक तथा गहरे सीवर में दम घुटने से तमाम निर्दोष मजदूर अपनी जान गंवा चुके हैं। लेकिन इसको रोकने के कोई उपाय नहीं होते।

बहादुरगढ़ के आधुनिक औद्योगिक क्षेत्र की एक फैक्ट्री में सेप्टिक टैंक साफ करने के दौरान दम घुटने से 2 मजदूरों की मौत हो गई। मृतकों के शव शहर के नागरिक अस्पताल में रखवा दिए गए हैं। पुलिस द्वारा सोमवार को इनका पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। जानकारी के अनुसार, आधुनिक औधोगिक क्षेत्र के पार्ट वन की एक फैक्ट्री में बने सेप्टिक टैंक की सफाई के लिए मजदूर रवीश, अरविंद आदि पैसे देकर बुलाए गए थे। उनका पाइप मेन होल में गिर गया तो उसे लेने के लिए सबसे पहले रवीश मेन होल में उतरा। वह ऊपर नहीं आया तो अरविंद नीचे गया, लेकिन वो भी वापिस नहीं आया तो पुलिस को सूचना दी गई। टैंक में कार्बन डाई आक्साइड के कारण दोनों बेहोश हो गए। काफी देर तक दोनों बाहर नहीं आए और न ही उन्होंने आवाज देने पर जवाब दिया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों को बाहर निकाला। दोनों को शहर के नागरिक अस्पताल में ले जाया गया। जहां दोनों की मौत हो गई।

पुलिस ने रविश पुत्र चंद्रशेखर पासवान और अरविंद पुत्र वासुदेव यादव के शव नागरिक अस्पताल में ही रखवा दिए हैं। उनके परिजनों के बयान दर्ज किए गए। सोमवार को इनका पोस्टमार्टम होगा। बताया जा रहा है कि दोनों ही बिहार मूल के रहने वाले हैं। हालांकि ऐसा दर्दनाक हादसा पहली बार नहीं हुआ है। इससे पहले भी कई बार सेप्टिक टैंक तथा गहरे सीवर में दम घुटने से निर्दोष मजदूर अपनी जान गंवा चुके हैं। लेकिन प्रशासन इसे रोकने में पूरी तरह असफल साबित हो रहा है।

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