चेन्नई: संघर्ष के बीच फोर्ड मोटर्स मजदूरों से सेवरेन्स पैकेज पर बातचीत जारी

कंपनी के चेन्नई प्लांट को बंद करने के निर्णय पर मजदूर 30 मई को सेवरेन्स पैकेज पर असहमति के कारण हड़ताल पर चले गए थे जिससे फोर्ड की एकोस्पोर्ट गाड़ियों का उत्पादन रुक गया था।

ऑटोमोबाईल कंपनी फोर्ड ने कर्मचारियों के हड़ताल के बीच अपनी प्रोडक्शन शिड्यूल जुलाई अंत तक बढ़ा दिया है।

कंपनी के मरामलाई, चेन्नई प्लांट को बंद करने के निर्णय पर मजदूर 30 मई को सेवरेन्स पैकेज पर असहमति के कारण हड़ताल पर चले गए थे जिससे Ford की Ecosport गाड़ियों का प्रोडक्शन रुक गया था।

शुक्रवार को कंपनी ने एक बयान में कहा कि सेवरेन्स पैकेज पर समझौते के लिए मजदूरों के साथ बातचीत जारी है।कई मजदूर 9 जून को कंपनी को हो रहे नुकसान से बचाने के लिए रुके हुए प्रोडक्शन को वापस शुरू करने के लिए समर्थन देने को राजी हुए थे और साथ ही साथ कहा था कि वे अपने भत्तों के लिए भी संघर्ष जारी रखेंगे।

लगभग आधे मजदूर 14 जून को काम पर वापस आ गए थे और कंपनी ने डबल शिफ्ट में काम शुरू कर दिया था।कंपनी ने कहा था कि जो मजदूर काम पर वापस आ गए  के भत्तों को ‘संरक्षण’ दिया जाएगा।

जो वर्कर हड़ताल जारी रख रहे हैं और ड्यूटी जॉइन नहीं कर रहे हैं, मैनेजमेंट ने उन्हें चेतावनी दी थी कि 14 जून से लागू Certified Standing Order के तहत उनकी ‘मजदूरी में नुकसान’ हो सकता है।

प्लांट बंद करने के निर्णय पर कंपनी ने कर्मचारियों को एक सेवरेन्स पैकेज के तहत उन्हें हर साल की गई सेवा के हिसाब से 115 दिनों की मजदूरी देने का प्रस्ताव दिया।कंपनी का दावा है कि ये प्रस्ताव वैधानिक पैकेज से ज्यादा है।

कंपनी ने पुनर्गठन की योजना के तहत सितंबर 2021 को तमिल नाडु के मरामलाई प्लांट और गुजरात के सानंद प्लांट को बंद करने का निर्णय लिया।

हाल ही में टाटा मोटर्स ने अमेरिकी कंपनी फोर्ड और गुजरात सरकार के साथ सानंद प्लांट का अधिग्रहण करने के लिए तीन-पक्षीय कान्ट्रैक्ट साइन किया है।

वर्कर्स यूनिटी से साभार

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