प. बंगाल: धोखेपूर्ण समझौते के खिलाफ चाय बागान श्रमिकों का आंदोलन जारी

बार-बार श्रमिकों को ठगा जाता है, इस बारे इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जब तक समझौता रद नहीं कर दिया जाता उनलोगों का आंदोलन जारी रहेगा।

वीरपाड़ा (अलीपुरद्वार) । डिमडिमा चाय बागान में श्रमिक पिछले छह दिनों से आंदोलन कर रहे हैं।सोमवार को तृणमूल कांग्रेस अलीपुरद्वार जिलाध्यक्ष प्रकाश चिक बराइक ने डिमडिमा चाय बागान के श्रमिकों के साथ बैठक की, लेकिन घंटों चली बैठक के बावजूद कोई समाधान नहीं निकला।  गत 16 जून से ही बागान के श्रमिक काम नहीं कर रहे हैं। हर दिन सुबह श्रमिक बागान के काली मंदिर मैदान में आते हैं और दोपहर ढाई बजे सायरन बजने के बाद वापस घर चले जाते हैं।

सोमवार सुबह को 12 बजे के करीब तृणमूल कांग्रेस के जिलाध्यक्ष प्रकाश चिक बराइक, जयगांव उन्नयन पर्षद के वाइस चेयरमैन जय प्रकाश टोप्पो, मदारीहाट के ज्वाइंट बीडीओ, पंचायत समिति के पीडब्ल्यूडी कर्माध्यक्ष रशिदूल आलम समेत श्रमिकों को लेकर जरूरी बैठक की गई। डिमडिमा चाय बागान के श्रमिकों को अंधेरे में रखकर किए गए समझौते को लेकर तृणमूल जिलाध्यक्ष प्रकाश चिक बराइक ने अपने श्रमिक नेताओं की गलती स्वीकार करते हुए श्रमिकों से माफी मांगी। साथ ही भरोसा दिलाया है कि इस समझौते में शामिल श्रमिक नेताओं को बागान नहीं आने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आगामी दिनों में पुलिस अधीक्षक समेत अन्य अधिकारियों को साथ लेकर श्रमिकों के साथ चर्चा की जाएगी। आज दो घंटे की बैठक के दौरान डिमडिमा चाय बागान के श्रमिकों ने कहा कि डंकन कंपनी के 2015 में बागान छोड़ने के बाद से वर्ष 2018 तक बागान बंद था। फिर वर्ष 2019 में इएसएस इएसएस एंडेवर प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी ने बागान की जिम्मेदारी संभाली। हालाकि कंपनी ने 2008 पीएफ का पैसा जमा नहीं दिया है।

इसी बीच गत 15 जून को सिलीगुड़ी के डागापुर स्थित श्रम विभाग में श्रमिक संगठन के नेताओं ने एम/एस डिमडिमा टी प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी के साथ बागान का समझौता कर लिया। लेकिन श्रमिक मैरिको कंपनी के साथ किए गए समझौते को मानने को तैयार नहीं और इस समझौते को वापस लेने की मांग कर रहे हैं। वे लोग मैरिको कंपनी को बागान चलाने की अनुमति नहीं देंगे।

उनका कहना है कि बार-बार श्रमिकों को ठगा जाता है, इस बारे इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जब तक समझौता रद नहीं कर दिया जाता उनलोगों का आंदोलन जारी रहेगा। श्रमिकों ने कहा कि उन्हें मैरिको कंपनी के अलावा किसी कंपनी से कोई आपत्ति नहीं है। हालांकि, बागान मे काम शुरू करने से पहले, नए मालिक को बागान का प्रभार लेने के लिए आधिकारिक कागज दिखाना होगा। श्रमिकों ने उम्मीद जताई है कि डिमडिमा चाय बागान की समस्या का जल्द ही समाधान हो जाएगा।

जागरण से साभार

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