गुडगांव: सरकारी स्कूलों में दाखिले और गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई हेतु केएनएस का प्रदर्शन, दिया ज्ञापन

संविधान और शिक्षा अधिकार अधिनियम, 2009 के प्रावधानों के बावजूद गुड़गांव में कई बच्चे सरकारी स्कूलों में दाखिला नहीं ले पा रहे हैं, जिसका खामियाजा गरीब बच्चे झेल रहे हैं। – क्रांतिकारी नौजवान सभा

गुड़गांव (हरियाणा)। सरकारी स्कूलों में दाखिले और गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई हेतु क्रांतिकारी नौजवान सभा (केएनएस), गुडगांव (गुरुग्राम) ने विरोध प्रदर्शन किया और जिला शिक्षा अधिकारी के नाम ज्ञापन दिया।

इस अवसर पर केएनएस कार्यकर्ताओं ने कहा कि हमारे संविधान और शिक्षा अधिकार अधिनियम, 2009 के प्रावधानों के बावजूद हमारे जिला गुड़गांव में कई बच्चे सरकारी स्कूलों में दाखिला नहीं ले पा रहे हैं।

टीसी, परिवार पहचान पत्र और आधार कार्ड जैसे दस्तावेज़ों की मांग के आधार पर सरकारी स्कूल अनेकों बच्चों को दाखिला देने से इनकार कर रहे हैं। इस कारण अनेकों बच्चों की पढ़ाई करोना काल से ही छूट गयी है।

सरकारी स्कूलों द्वारा टीसी की मांग बच्चों को निजी स्कूलों को नाजायज़ फीस देने पर मजबूर कर रही है। वहीँ परिवार पहचान पत्र और आधार कार्ड न होने के आधार पर बच्चों को शिक्षा के अधिकार से विंचित रखना ना केवल अन्यायपूर्ण है, बल्कि संविधान की आत्मा के ख़िलाफ़ है।

कार्यकर्ताओं ने बताया कि 2021-22 में हरियाणा राज्य में 2 लाख से अधिक बच्चों ने निजी स्कूलों से नाम कटा कर सरकारी स्कूलों में दाखिला लिया है। लेकिन ऐसी परिस्थितियों में भी राज्य में स्कूलों और शिक्षकों की संख्या बढ़ाने की जगह सरकारी स्कूलों में 38,000 खाली पदों की भर्ती नहीं की गयी है, ना ही स्कूलों की संख्या बढ़ाई गयी है।

इसका खामियाज़ा गुड़गांव और हरियाणा के बच्चे और गरीब जनता झेल रही है। अतः सभी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण स्कूली शिक्षा मिलने के सम्बन्ध में जरूरी माँगें उठाई हैं।

क्रांतिकारी नौजवान सभा की माँगें-

  1. सरकारी स्कूलों में टीसी ना होने से दाखिला ना करने पर सख्त रोक लगाई जाए और इस विषय में हरियाणा सरकार के जून 2020 के आदेश हर सरकारी स्कूल में चस्पा किये जाएँ ताकि सभी छात्रों के परिवारों तक भी यह सूचना पहुँच सके।  
  2. सरकारी स्कूलों में आधार कार्ड और पहचान पत्र ना होने पर दाखिला ना देने पर रोक लगाई जाए। ऐसी स्थिति में छात्र को दाखिला मिलने के बाद यह दस्तावेज़ जमा करने के लिए उचित मुहलत दी जाए।
  3. स्कूल में बच्चों के साथ मारपीट पर सख्त रोक लगाई जाए।
  4. कक्षा 8 तक मुफ्त किताब देने के स्कीम को सही तरह लागु किया जाए। यह स्कीम 12 वीं तक के बच्चों के लिए विस्तृत की जाए और UKG से 12 वीं तक बच्चों को मुफ्त पुस्तिका मिले।
  5. हर 30 बच्चों के लिए एक शिक्षक और हर क्लास के लिए एक शिक्षक नियुक्त किया जाए।
  6. हिंदी और इंग्लिश मीडियम से पढ़ने वाले छात्रों की अलग अलग क्लास लगाइ जाये।   
  7. स्कूल की परचलना में व छात्र के शिक्षिक विकास में माता पिता की भागीदारी बढ़ाई जाए और नियमित रूप से PTA का आयोजन किया जाए| 
  8. सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के रिक्त पद जल्द से जल्द भरे जाएं। सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की संख्या में बढ़ोतरी के अनुपात में सरकारी स्कूलों की संख्या बढ़ाई जाये और स्कूलों में उचित संसाधनों और सुविधाओं को उपलब्ध कराया जा।
  9. 12वीं तक की स्कूल की पढ़ाई को शिक्षा के अधिकार के तहत मुफ्त और अनिवार्य बानाया जाए।
  10. शिक्षा का बजट 10% तक बढ़ाया जाए।

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