उत्तरप्रदेश: योगी राज में चोर दरवाजे से बिजली महँगी करने की तैयारी पूरी

इससे शहरी क्षेत्र के हर महीने 100 यूनिट से अधिक उपभोग करने वाले घरेलू व कॉमर्शियल उपभोक्ता के साथ ग्रामीण क्षेत्र में 300 यूनिट से ज्यादा बिजली खर्च करने वाले उपभोक्ता की जेब पर बोझ बढ़ेगा।

लखनऊ। उत्तरप्रदेश में योगी राज में आम जनता पर महँगाई का एक और बोझ डालने की तैयारी पूरी है। एक तरफ भयावह गर्मी में बिजली की भारी कटौती, ऊपर से बिजली बिल महँगी करने की तैयारी। इस बार यूपी पावर कॉरपोरेशन ने सीधे बिजली दर बढ़ोतरी प्रस्ताव न देकर स्लैब में परिवर्तन करने की तैयारी की है।

बिजली उपभोक्ताओं को शेड्यूल के अनुसार बिजली भले ही नहीं मिल रहा है। लेकिन बिल का बोझ बढ़ाने की इस नई कोशिश से उपभोक्ताओं पर महंगी बिजली का बोझ बढ़ जाएगा। कॉरपोरेशन ने स्लैब परिवर्तन का प्रस्ताव नियामक आयोग को दिया है।

21 जून से बिजली की दर बढ़ाए जाने के मामले में सुनवाई है। इससे यूपी के शहरी क्षेत्र के 90 लाख बिजली उपभोक्ताओं के साथ ग्रामीण क्षेत्र में 300 यूनिट से ज्यादा बिजली खर्च करने वाले लोगों की जेब पर बोझ बढ़ेगा।

गौरतलब है कि इस बार कंपनियां बिजली दर बढ़ाने की मांग नहीं कर रही हैं बल्कि वह स्लैब में बदलाव चाहती हैं। इससे कम बिजली खर्च करने के बावजूद उपभोक्ता का बिजली का बिल ज्यादा आएगा। इस स्लैब सिस्टम को लागू कराने के लिए बिजली कंपनियां दबाव बना रही हैं।

नए प्रस्ताव से शहरी घरेलू उपभोक्ताओं का बिल 25 रुपये से लेकर 150 रुपये तक बढ़ जाएगा। वहीं शहरी दुकानदारों का बिल हर महीने 180 रुपये से लेकर 1090 रुपये तक बढ़ जाएगा।

दरअसल, बिजली कंपनियों ने यूपी बिजली नियामक आयोग में बिजली दरों की बढ़ोतरी का कोई प्रस्ताव नहीं दिया था। उसके बावजूद कंपनियों ने स्लैब चेंज के जरिये बिजली उपभोक्ताओं से ज्यादा पैसा वसूलने का प्रस्ताव रखा है। इसके तहत कंपनियों ने घरेलू बिजली उपभोक्ताओं के स्लैब में प्रस्तावित बदलाव के जरिये बिजली यूनिटों की संख्या घटाई गई है। 

कंपनियों के इस तिकड़म से शहर में घरेलू और कॉमर्शियल उपभोक्ताओं का बिल बढ़ेगा और ग्रामीण क्षेत्र में 300 यूनिट से ज्यादा बिजली खर्च करने वाले लोगों की जेब पर बोझ बढ़ेगा। 

उपभोक्ताओं पर कैसे पड़ेगा असर?

कॉरपोरेशन ने नियामक आयोग में जो प्रस्ताव दिया है, उसमें हर महीने 100 यूनिट से अधिक उपभोग करने वाले घरेलू उपभोक्ता की बिजली महंगी हो जाएगी।

प्रस्ताव के अनुसार 100 यूनिट के ऊपर उपभोग पर 5.50 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली बिल देना होगा। अभी तक 150 यूनिट से ऊपर उपभोग पर 5.50 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिल देना होता है। बकाया 50 यूनिट के 6 रुपए प्रति यूनिट के हिसाब से बिल देना होगा।

इसी तरह अभी तक 500 यूनिट से अधिक बिजली का इस्तेमाल करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं को 7 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिल देना पड़ता था। अब ये बिल 300 यूनिट के ऊपर उपभोग पर देना होगा।

हालांकि इस मुद्दे को लेकर विरोध भी होने लगा है और यूपी राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा का कहना है कि इस मामले को विद्युत नियामक आयोग 2 बार खारिज कर चुका है। ऐसे में इसका विरोध हर स्तर पर जारी रहेगा। 

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