छत्तीसगढ़: नियमितीकरण की माँग को लेकर स्कूल सफाई कर्मचारियों की हड़ताल जारी

11 वर्षो से माँगें लंबित हैं। कोई भी सरकार उनकी नहीं सुन रही है। कांग्रेस के घोषणा पत्र में माँगें शामिल हैं, लेकिन पूरी नहीं हुईं, जिससे सरकार के प्रति आक्रोश व्याप्त है और 7 मार्च से हड़ताल जारी है।

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पिछले 121 दिनों से स्कूल के सफाई कर्मी धरने पर बैठे हुए हैं। सफाईकर्मियों की नियमितीकरण को लेकर 7 मार्च से हड़ताल जारी है। अपनी मांगो को लेकर कर्मचारी अलग-अलग तरीके से विरोध जाहिर कर रहे हैं।

रायपुर में गुरुवार को ही प्रदेश के हजारों स्कूल खुले। नया शैक्षणिक सत्र शुरू हुआ और इसी दिन सफाई कर्मचारियों ने काम छोड़ दिया। गुरुवार को विरोध रैली निकालकर करीब 43 हजार स्कूल सफाई कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से जिला प्रशासन के अधिकारियों को इस्तीफे सौंप दिए थे।

अंशकालीन स्कूल सफाई कर्मचारी संगठन की तरफ से मांग की गई है कि इन्हें नियमित किया जाए। कार्य के बदले सिर्फ 2300 रुपए मिलते हैं और स्कूल में सफाई के अलावा इनसे तरह- तरह के काम करवाए जाते हैं। यहां तक की कई नक्सल प्रभावित गांवों में तो पढ़े लिखे सफाईकर्मचारी टीचर्स की गैर मौजूदगी में क्लास तक लेते हैं।

छत्तीसगढ़ अंशकालीन स्कूल सफाई कर्मचारी कल्याण संघ के लोकेश्वर साहू ने बताया कि रायपुर में हमारा धरण लगातार जारी है। एक भी अधिकारी हमारी बात सुनने को नहीं आया। हमें नियमित करने का वादा किया गया था, मगर वादा पूरा नहीं किया गया।

बताया कि पिछले तीन महीनों से वेतन भी नहीं मिला है। ऐसे में महंगाई के जमाने में घर चलाना मुश्किल है। अब जब तक हमें नियमित नहीं किया जाता हम काम पर लौटने वाले नहीं हैं।

कर्मचारी संघ का कहना है कि इनकी मांगे 11 वर्षो से लंबित हैं। कोई भी सरकार इनकी नहीं सुन रही है। कांग्रेस के घोषणा पत्र में संघ की मांगों को शामिल किया गया था। परंतु आज तक मांगे पूरी नहीं होने पर सरकार के प्रति आक्रोश व्याप्त है। ऐसे में हड़ताल ही एकमात्र विकल्प बच जाता है।

संघ द्वारा बताया गया कि 5 अक्टूबर 2021 को संघ की मांगों को लेकर स्कूल शिक्षा सचिव ने एक कमेटी गठित की गई थी। इसे लेकर संघ और कमेटी के मध्य दो बैठक होने के बाद भी किसी प्रकार का लिखित में जवाब नहीं आने के कारण कर्मचारियों ने नाराजगी जाहिर की है।

प्रदर्शन में रायपुर आए कर्मचारी।

तीन चरणों में आंदोलन की रणनीति

संघ ने बताया कि मुख्यमंत्री, मंत्री, विधायक, कांग्रेसी नेता, पदाधिकारी सभी से मुलाकात के लिए पत्र लिखे जाने के बाद भी मिलने के लिए समय नहीं दिया गया। इसलिए कर्मचारी ने संघ तीन चरणों में आंदोलन की रणनीति बनाई है।

प्रथम चरण  16 जून से 22 जून तक ब्लाक मुख्यालयों में धरना प्रदर्शन किया जाएगा।

दूसरे चरण  23 जून से 4 जुलाई तक जिला मुख्यालयों में धरना-प्रदर्शन कर जिला शिक्षा अधिकारी और जिला कलेक्टर को मुख्यमंत्री तथा शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा।

तीसरे चरण  में ज्ञापन सौंपने के बाद भी मांगे पूरी नहीं होने पर राजधानी रायपुर में अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी।

संघ की प्रमुख मांग है कि इन्हें अंशकालीन नियुक्ति से मुक्त कर पूर्णकालीन किया जाए।

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