फिर बढ़े रसोई गैस के दाम; धर्मोन्माद में उलझाकर लगातार महँगाई की मार

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अप्रैल 2021 के बाद से एलपीजी सिलेंडर के दाम 193.5 रुपये बढ़ चुके हैं। वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर के दाम भी आठ रुपये प्रति सिलेंडर बढ़ा दिए गए हैं।

नई दिल्ली: घरों में भोजन पकाने में इस्तेमाल होने वाली एलपीजी गैस के सिलेंडर की कीमत बृहस्पतिवार को 3.50 रुपये बढ़ा दी गई. इस महीने एलपीजी सिलेंडर के दाम दूसरी बार बढ़ाए गए हैं.

सार्वजनिक क्षेत्र की ईंधन वितरक कंपनियों ने दाम में बढ़ोतरी की अधिसूचना जारी की. इसके अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी में बिना सब्सिडी वाले 14.2 किलोग्राम के एलपीजी सिलेंडर की कीमत अब 1,003 रुपये हो गई है, जो पहले 999.50 रुपये थी.एलपीजी की दरों में इस महीने दूसरी बार और दो महीने से भी कम समय में तीसरी बार वृद्धि की गई है. सात मई को प्रति सिलेंडर 50 रुपये की वृद्धि की गई थी, इससे पहले 22 मार्च को भी प्रति सिलेंडर कीमतों में इतनी ही वृद्धि की गई थी.अप्रैल 2021 के बाद से एलपीजी सिलेंडर के दाम 193.5 रुपये बढ़ चुके हैं.

पेट्रोल और डीजल की कीमतें लगातार 43वें दिन भी स्थिर रहीं. इससे पहले 22 मार्च से शुरू करते हुए 16 दिन के भीतर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 10 दस रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी.

ईंधन कंपनियों ने आधिकारिक तौर पर यह वृद्धि बिना सब्सिडी वाले गैस सिलिंडर के लिए ही की है, लेकिन देश के अधिकांश शहरों में अब सरकार की तरफ से गैस सिलेंडर पर सब्सिडी नहीं दी जा रही है, लिहाजा खरीदारों को बिना सब्सिडी वाले सिलेंडर ही खरीदने पड़ रहे हैं.

मुंबई में बिना सब्सिडी वाले 14.2 किलो के एलपीजी सिलेंडर के दाम 1,002.50 रुपये, चेन्नई में 1,018.50 रुपये और कोलकाता में 1,029 रुपये है.तेल कंपनियों ने वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर की कीमतें भी आठ रुपये प्रति सिलेंडर बढ़ा दी हैं, जिसके बाद 19 किलो वजन वाले सिलेंडर की कीमत 2,354 रुपये हो गई है.

इससे पहले, एक मई को 102.50 रुपये प्रति सिलिंडर की वृद्धि कर दी गई थी, जिसके बाद सिलेंडर की कीमत 2,355.50 रुपये हो गई थी. सात मई को कीमत में कमी की गई थी और तब एक सिलेंडर 2,346 रुपये का था.

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, एलपीजी गैस की कीमत अंतरराष्ट्रीय कीमतों से जुड़ी हुई है, जो रूस-यूक्रेन संघर्ष के कारण आपूर्ति संबंधी चिंताओं के परिणामस्वरूप बढ़ रही है.

एलपीजी गैस की कीमत नवंबर 2020 से लगातार बढ़ रही है, दिल्ली में 14.2 किलोग्राम के सिलेंडर की कीमत में इस अवधि के दौरान 400 रुपये या लगभग 70 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है.

कोविड से संबंधित प्रतिबंधों की मांग में सुधार के कारण कच्चे तेल की कीमतों में लगातार वृद्धि, तेल निर्यातक देशों द्वारा कच्चे तेल के उत्पादन की धीमी बहाली और रूस-यूक्रेन संघर्ष ने एलपीजी गैस की बढ़ती कीमतों में योगदान दिया है.

कीमतों में वृद्धि ऐसे समय हुई है जब अधिकांश उपभोक्ताओं के लिए रसोई गैस पर सब्सिडी को हटा दिया गया है. मई 2020 में सरकार ने अपनी प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण योजना के माध्यम से दूरदराज के ग्राहकों को छोड़कर एलपीजी सिलेंडर पर सब्सिडी उन सभी उपभोक्ताओं को रोक दी, जो बंदरगाहों से बॉटलिंग प्लांट तक उच्च अंतर्देशीय माल ढुलाई लागत का सामना करते हैं.

ममता ने रसोई गैस और ईंधन की बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना कीरसोई गैस और ईंधन की बढ़ती कीमतों को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को भाजपा नीत केंद्र सरकार पर आम आदमी को ‘लूटने’ का आरोप लगाया.तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर कीमतों में वृद्धि जैसे मुद्दों से लोगों का ध्यान हटाने के लिए सांप्रदायिक तनाव फैलाने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया.

मेदिनीपुर कॉलेज मैदान में टीएमसी के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ममता ने आरोप लगाया, ‘केंद्र सरकार रसोई गैस, पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में इज़ाफा करके आम आदमी को लूट रही है. यह जन विरोधी सरकार है. उन्होंने ईंधन और गैस की कीमत बढ़ाकर 17 लाख करोड़ रुपये कमाए हैं.’

कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा, ‘45 दिनों में घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम 100 रुपये बढ़ाने के बाद आज 3.50 रुपये की बढ़ोतरी की गई. 60 दिन में कामर्शियल सिलिंडर के दाम 457.50 रुपये बढ़ाने के बाद 8.00 रुपये बढ़ा दिए गए.’

उन्होंने कहा, ‘लभगभ 2 करोड़ परिवारों का दूसरी बार सिलेंडर रिफिल कराना नामुमकिन करके भी मोदी सरकार की ईंधन लूट हर दिन छोटी-बड़ी किस्तों में जारी है!’

द वायर से साभार

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