रुद्रपुर: मजदूर किसान सत्याग्रह जन जागरण पदयात्रा सिड़कुल से कलेक्ट्रेट तक 14 मई को

मज़दूर समस्याओं के समाधान हेतु क्रांतिकारी शहीद सुखदेव के जन्म दिवस की पूर्व संध्या पर इंटरार्क धरना स्थल सिड़कुल, पंतनगर से पदयात्रा निकालते हुए कलेक्ट्रेट रुद्रपुर तक मार्च होगा।

रुद्रपुर (उत्तराखंड)। 26 अप्रैल को सिडकुल स्थित पारले चौक पर आयोजित मजदूर-किसान महापंचायत में मजदूरों और किसानों की एकजुटता के साथ आवाज उठी थी कि सरकार व प्रशासन, श्रमिक समस्याओं का हल निकाले, नहीं तो उग्र आंदोलन के लिए श्रमिक बाध्य होंगे। 

इस महापंचयत में कई प्रस्ताव पारित हुए थे। उसके तहत मज़दूर समस्याओं का समाधान नहीं होने पर क्रांतिकारी शहीद सुखदेव के जन्म दिवस की पूर्व संध्या पर 14 मई को मजदूर किसान सत्याग्रह जन जागरण अभियान के तहत पदयात्रा निकालते हुए कलेक्ट्रेट रुद्रपुर तक मार्च होगा।

इसी के तहत 23 मई तक समस्याओं का समाधान ना होने की स्थिति में 24 मई को शहीदे आजम भगत सिंह के गुरु भाई शहीद करतार सिंह सराभा के जन्म दिवस के अवसर पर इंटरार्क मज़दूरों के धरना स्थल पर सामूहिक उपवास और कलेक्ट्रेट तक पदयात्रा निकाली जाएगी और उसके बाद निर्णायक संघर्ष की रूपरेखा तैयार की जाएगी।

इसी के तहत मज़दूर औद्योगिक क्षेत्र सिड़कुल से लेकर मज़दूर बस्तियों, ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार प्रचार कर रहे हैं, जिन्हें नैतिक, आर्थिक व सक्रिय समर्थन मिल रहा है। इंटरार्क मजदूर संगठन व श्रमिक संयुक्त मोर्चा ऊधम सिंह नगर ने मज़दूर मेहनतकशों, किसानों और इंसाफ पसंद नागरिकों से इसमें सक्रिय भागीदारी की अपील की है।

ज्ञात हो कि इंटरार्क मजदूर संगठन सिडकुल पंतनगर एवं किच्छा के मज़दूर गैरकानूनी बर्खास्तगी, अवैध तालाबंदी के खिलाफ 273 दिन से धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं।

26 अप्रैल को हुई महापंचायत से बौखलाकर पुलिस द्वारा 400 लोगों पर झूठे मुकदमे दर्ज किये थे। इसके विरोध में और प्राथमिकी को निरस्त कराने की मांग को लेकर इंटरार्क मजदूर संगठन सिडकुल पंतनगर ने हाईकोर्ट नैनीताल में याचिका लगाई थी। जिसे हाईकोर्ट ने तत्काल संज्ञान में लेकर दिनांक 10 मई 2022 को सुनवाई की और पुलिस को कोर्ट में तलब किया है।

इस बीच हुई वार्ता के दौरान प्रशासन ने वर्ष 2018 में निकाले गए 32 मजदूरों सहित सभी मजदूरों की कार्यबहाली कराने, तालाबन्दी खत्म करने और मांगपत्र पर वार्ता जारी रखने को प्रस्ताव दिया। यूनियन ने सहमति दे दी लेकिन प्रबन्धन ने हेड ऑफिस से पूछकर एक दो दिन में जवाब देने को कहा है।

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