मई दिवस मजदूर कन्वेंशन: शोषणविहीन समाज की स्थापना मजदूर वर्ग का ऐतिहासिक मिशन है

“मई दिवस और वर्तमान परिस्थिति में मजदूर वर्ग का ऐतिहासिक मिशन” पर तमाम वक्ताओं ने विचार रखे और मज़दूर विरोधी इस दौर में मज़दूर वर्ग के कार्यभार पर चर्चा की।

पटना (बिहार)। आईएफटीयू (सर्वहारा) द्वारा पटना के आईएमए हॉल में 10 मई को “मई दिवस और वर्तमान परिस्थिति में मजदूर वर्ग का ऐतिहासिक मिशन” विषय पर एक मजदूर कन्वेंशन का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया, जिसमें बिहार के पटना व गया, पश्चिम बंगाल के कोलकाता व पश्चिम बर्धमान, और दिल्ली से मजदूरों व कार्यकर्ताओं ने भागीदारी की।

मई दिवस व मजदूर आंदोलन के स्वर्णिम इतिहास और आज की राष्ट्रीय व वैश्विक परिस्थिति में मई दिवस का महत्व, जहां पूंजीवादी व्यवस्था अंतहीन संकट में फसने के कारण आम मेहनतकश जनता पर लगातार हमले बढ़ा रही है जिससे उनके जीवन जीविका पर संकट और गहराता जा रहा है, और इसके साथ-साथ शोषण पर टिकी पूंजीवादी व्यवस्था को उखाड़ फेक एक शोषणविहीन समाज की स्थापना करने के मजदूर वर्ग के ऐतिहासिक मिशन पर कन्वेंशन में विमर्श चला जिसमें भिन्न साथियों ने वक्तव्य रखा।

सभा का संचालन कामरेड धर्मा, संजय व आकांक्षा और अध्यक्षता कामरेड संजीत अधिकारी और विदुषी द्वारा किया गया। कामरेड सौजन्य ने आईएफटीयू (सर्वहारा) द्वारा उपरोक्त विषय पर जारी आधार पत्र पढ़ा जिसपर दो सत्रों में सारगर्भित चर्चा की गई।

पहले सत्र में आईएफटीयू (सर्वहारा) बंगाल से कॉ. संजीत अधिकारी, पीआरसी सीपीआई (एमएल) से कॉ. कन्हाई बरनवाल व बिरादराना संगठनों से कॉ. बलदेव झा (भारत जन पहल मंच), सूर्यकर जितेंद्र (एसयूसीआई (सी)), सतीश कुमार (सीसीआई), और अजय यायावर (मीडिया मैप पत्रिका) ने अपनी बात रखी। आईएफटीयू (सर्वहारा) बलिया से कॉ. राम नरेश गोयल ने व्यस्तताओं के कारण हुई अनुपस्थिति के मद्देनजर विषय पर एक लिखित संदेश भेजा था जिसे अध्यक्ष मंडल द्वारा सभागार में पढ़ा गया।

दूसरे सत्र में आईएफटीयू (सर्वहारा) दिल्ली से कॉ. सिद्धांत और बिहार के कॉ. मंटु व धनंजय ने सम्बोधित किया। कार्यक्रम में आईएफटीयू (सर्वहारा) अध्यक्ष कॉ. ब्रिज किशोर तिवारी व कलेक्टिव दिल्ली से कॉ. आदर्श मौजूद थे।

अरुणोदय सांस्कृतिक मंच की ओर से कॉ. उमेश निराला, सत्येंद्र, अर्जुन, धनंजय, व आकांक्षा ने क्रांतिकारी जनगीतों की प्रस्तुति की। कार्यक्रम के अंत में मई दिवस व मजदूर आंदोलन के शहीदों को याद करते हुए इंटरनेशनल गीत गाया गया जिसके बाद जोशीलें नारों के साथ कन्वेंशन का समापन किया गया।

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